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विशेष संदेशवाहक के जरिए सीतापुर जेल पहुंचा अब्दुल्ला का रिहाई परवाना, जमानत पर हुए रिहा
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रामपुर। सपा सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम का रिहाई परवाना विशेष संदेशवाहक के जरिए सीतापुर जेल भेजा गया। जिसके बाद शनिवार देर रात अब्दुल्ला आजम सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हो गए। सीतापुर से जेल से अब्दुल्ला की रिहाई के वक्त उनके समर्थक और सपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
सपा सांसद आजम खां ने 26 फरवरी 2020 को अपनी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और पुत्र अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया था। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से तीनों को सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया था। शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं, जबकि उनके पति आजम खां व पुत्र अब्दुल्ला आजम सीतापुर जेल में बंद थे।
अब्दुल्ला आजम के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 45 मुकदमे दर्ज थे, जिसमें से दो मुकदमों में पुलिस ने नामजदगी झूठी पाते हुए खारिज कर दिए थे। जबकि, 43 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। इन सभी मामलों में अब्दुल्ला आजम की जमानत मंजूर हो चुकी है।
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गुरुवार को अब्दुल्ला आजम खां के सभी रिहाई परवाने सीतापुर जेल भेज दिए गए थे। लेकिन, मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन मुकदमे के रिहाई परवाने में त्रुटि होने के कारण उनकी रिहाई अटक गई थी। शनिवार को अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर रिहाई परवाने को सही करके विशेष संदेशवाहक के जरिए सीतापुर जेल भेजने का अनुरोध किया, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद विशेष संदेशवाहक के जरिए रिहाई परवाना सीतापुर जेल भेजने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद देर शाम विशेष संदेशवाहक रिहाई परवाना लेकर सीतापुर जेल रवाना हो गया। रिहाई परवाने के सीतापुर जेल प्रशासन को प्राप्त होने के बाद अब्दुल्ला आजम शनिवार देर रात जमानत पर रिहा हो गए।
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सपा सांसद आजम खां ने 26 फरवरी 2020 को अपनी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और पुत्र अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया था। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से तीनों को सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया था। शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं, जबकि उनके पति आजम खां व पुत्र अब्दुल्ला आजम सीतापुर जेल में बंद थे।
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अब्दुल्ला आजम के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 45 मुकदमे दर्ज थे, जिसमें से दो मुकदमों में पुलिस ने नामजदगी झूठी पाते हुए खारिज कर दिए थे। जबकि, 43 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। इन सभी मामलों में अब्दुल्ला आजम की जमानत मंजूर हो चुकी है।
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गुरुवार को अब्दुल्ला आजम खां के सभी रिहाई परवाने सीतापुर जेल भेज दिए गए थे। लेकिन, मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन मुकदमे के रिहाई परवाने में त्रुटि होने के कारण उनकी रिहाई अटक गई थी। शनिवार को अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर रिहाई परवाने को सही करके विशेष संदेशवाहक के जरिए सीतापुर जेल भेजने का अनुरोध किया, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद विशेष संदेशवाहक के जरिए रिहाई परवाना सीतापुर जेल भेजने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद देर शाम विशेष संदेशवाहक रिहाई परवाना लेकर सीतापुर जेल रवाना हो गया। रिहाई परवाने के सीतापुर जेल प्रशासन को प्राप्त होने के बाद अब्दुल्ला आजम शनिवार देर रात जमानत पर रिहा हो गए।