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आईटीबीपी जवान को नम आंखों से दी विदाई
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:31 PM IST
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भावानगर (किन्नौर)।
जिला किन्नौर के नाथपा गांव के निवासी आईटीबीपी जवान प्रदीप नेगी का पूरे राजकीय सम्मान के साथ रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। सभी ने नम आंखों से शहीद को विदाई दी आईटीबीपी की 22वीं बटालियन के जवान प्रदीप टीगरी कैंप दिल्ली में तैनात थे। आठ सितंबर को फायरिंग रैंज में फायरिंग की प्रेक्टिस के बाद रायफल साफ करते हुए अचानक चली गोली से प्रदीप की मौत हो गई थी।
शहीद प्रदीप अपने पीछे एक पांच वर्षीय बेटा, गर्भवती पत्नी और माता-पिता को छोड़ गए। जानकारी के अनुसार 29 वर्षीय शहीद प्रदीप अभी चार सितंबर को ही घर से छुट्टी काट कर वापस गए थे। वे अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शहीद के पांच वर्षीय बेटे प्रशांत ने पिता की चिता को मुख अग्नि दी। आईटीबीपी के जवानों ने भी अंतिम सलामी दी। शहीद का शव शनिवार देर रात करीब अढ़ाई बजे उनके पैतृक निवास स्थान नाथपा पहुंचा। शव के पहुंचते ही सारा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान प्रशासन की ओर से एसडीएम भावानगर सुरेंद्र मोहन, आईटीबीपी की ओर से 17वीं बटालियन रिकांगपिओ के कंमाडेंट अर्जुन नेगी, सूबेदार मेजर बहादुर सिंह, एएसआई मोलक राम ठाकुर, आठ जवानों की गारद, 22वीं बटालियन से सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार, जिप सदस्य केवल राम सहित नाथपा और आसपास के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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जिला किन्नौर के नाथपा गांव के निवासी आईटीबीपी जवान प्रदीप नेगी का पूरे राजकीय सम्मान के साथ रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। सभी ने नम आंखों से शहीद को विदाई दी आईटीबीपी की 22वीं बटालियन के जवान प्रदीप टीगरी कैंप दिल्ली में तैनात थे। आठ सितंबर को फायरिंग रैंज में फायरिंग की प्रेक्टिस के बाद रायफल साफ करते हुए अचानक चली गोली से प्रदीप की मौत हो गई थी।
शहीद प्रदीप अपने पीछे एक पांच वर्षीय बेटा, गर्भवती पत्नी और माता-पिता को छोड़ गए। जानकारी के अनुसार 29 वर्षीय शहीद प्रदीप अभी चार सितंबर को ही घर से छुट्टी काट कर वापस गए थे। वे अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शहीद के पांच वर्षीय बेटे प्रशांत ने पिता की चिता को मुख अग्नि दी। आईटीबीपी के जवानों ने भी अंतिम सलामी दी। शहीद का शव शनिवार देर रात करीब अढ़ाई बजे उनके पैतृक निवास स्थान नाथपा पहुंचा। शव के पहुंचते ही सारा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान प्रशासन की ओर से एसडीएम भावानगर सुरेंद्र मोहन, आईटीबीपी की ओर से 17वीं बटालियन रिकांगपिओ के कंमाडेंट अर्जुन नेगी, सूबेदार मेजर बहादुर सिंह, एएसआई मोलक राम ठाकुर, आठ जवानों की गारद, 22वीं बटालियन से सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार, जिप सदस्य केवल राम सहित नाथपा और आसपास के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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