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बुखार की चपेट में बच्चे, एक की मौत
Updated Thu, 10 Aug 2017 10:23 PM IST
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नेरवा।
कुपवी क्षेत्र में रहस्यमई बुखार फैलने से लोगों में हड़कंप मचा है। अस्पताल में बच्चों में बुखार के हर दिन आठ से दस मामले पहुंच रहे हैं। अस्पताल में खून की जांच तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल प्रशासन बुखार के मामले बढ़ने की लगातार पुष्टी कर रहा है। रहस्यमई बुखार से अभी तक ग्राम पंचायत चड़ोली में एक बच्चे की मौत हो चुकी है।
अस्पताल के चिकित्सक इसे हाई ग्रेडिड फीवर बता रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से कुपवी अस्पताल में प्रतिदिन आठ से दस मामले बुखार के आ रहे है वीरवार को अस्पताल में साढ़े दस बजे तक बच्चों के बुखार के सात मामले ओपीडी में दर्ज हो चुके थे। कुपवी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मस्त राम ने बताया कि प्रति दिन आठ दस मामले हाई ग्रेडिड फीवर के आ रहे हैं। एक मौत के मामले की उनके पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में खून थूक के सैंपल लेने की कोई भी सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए सामान शिमला से मंगवाना पड़ता है।
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कुपवी क्षेत्र में रहस्यमई बुखार फैलने से लोगों में हड़कंप मचा है। अस्पताल में बच्चों में बुखार के हर दिन आठ से दस मामले पहुंच रहे हैं। अस्पताल में खून की जांच तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल प्रशासन बुखार के मामले बढ़ने की लगातार पुष्टी कर रहा है। रहस्यमई बुखार से अभी तक ग्राम पंचायत चड़ोली में एक बच्चे की मौत हो चुकी है।
अस्पताल के चिकित्सक इसे हाई ग्रेडिड फीवर बता रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से कुपवी अस्पताल में प्रतिदिन आठ से दस मामले बुखार के आ रहे है वीरवार को अस्पताल में साढ़े दस बजे तक बच्चों के बुखार के सात मामले ओपीडी में दर्ज हो चुके थे। कुपवी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मस्त राम ने बताया कि प्रति दिन आठ दस मामले हाई ग्रेडिड फीवर के आ रहे हैं। एक मौत के मामले की उनके पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में खून थूक के सैंपल लेने की कोई भी सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए सामान शिमला से मंगवाना पड़ता है।
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