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यूपी बोर्ड के 683 विद्यार्थी अंकों से हैं असंतुष्ट, देंगे अंक सुधार परीक्षा
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रामपुर। यूपी बोर्ड-2021 में बिना परीक्षा के प्रोन्नत किए जाने पर मिले अंक से असंतुष्ट हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थी अंक सुधार के लिए 18 सितंबर से परीक्षा देंगे। जिले भर में इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 683 विद्यार्थियों ने आवेदन फार्म भरे हैं। इसमें हाईस्कूल के 217 और इंटरमीडिएट के 466 परीक्षार्थी शामिल हैं।
छह अक्तूबर तक चलने वाली परीक्षा दो पालियों में होगी। इस परीक्षा में मिले अंक ही अंतिम रूप से मान्य होंगे। प्रोन्नत किए जाने पर मिले अंक अमान्य हो जाएंगे। यानी कि इस अंक सुधार परीक्षा में फेल होने पर परीक्षार्थी फेल माने जाएंगे। कोरोना संक्रमण के चलते यूपी बोर्ड ने 2021 की बोर्ड परीक्षा नहीं कराई थी। ऐसे में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को प्रोन्नत कर दिया था। प्रोन्नत करने के लिए पूर्व में कक्षावार मिले अंकों के तय प्रतिशत के आधार पर अंक प्रदान कर 31 जुलाई को हाईस्कूल व इंटर का परिणाम घोषित किया गया था। उस समय कहा गया था कि जो विद्यार्थी अंक से असंतुष्ट हैं, वह अंक सुधार के लिए अगली बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। उनका परीक्षाफल 2021 ही माना जाएगा। ऐसे में तमाम छात्र-छात्राओं ने मिले अंकों पर आपत्ति जताई। अंक सुधार के लिए यूपी बोर्ड में आवेदन किया। इस बीच यूपी बोर्ड ने अंक सुधार के लिए परीक्षा कराने की अलग से तिथि घोषित कर थी। इसके लिए इच्छुक विद्यार्थियों से बिना शुल्क के 27 अगस्त तक आवेदन हुए थे।यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर 29 अगस्त तक परीक्षार्थियों के आवेदन फार्म अपलोड कर दिए थे।
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छह अक्तूबर तक चलने वाली परीक्षा दो पालियों में होगी। इस परीक्षा में मिले अंक ही अंतिम रूप से मान्य होंगे। प्रोन्नत किए जाने पर मिले अंक अमान्य हो जाएंगे। यानी कि इस अंक सुधार परीक्षा में फेल होने पर परीक्षार्थी फेल माने जाएंगे। कोरोना संक्रमण के चलते यूपी बोर्ड ने 2021 की बोर्ड परीक्षा नहीं कराई थी। ऐसे में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को प्रोन्नत कर दिया था। प्रोन्नत करने के लिए पूर्व में कक्षावार मिले अंकों के तय प्रतिशत के आधार पर अंक प्रदान कर 31 जुलाई को हाईस्कूल व इंटर का परिणाम घोषित किया गया था। उस समय कहा गया था कि जो विद्यार्थी अंक से असंतुष्ट हैं, वह अंक सुधार के लिए अगली बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। उनका परीक्षाफल 2021 ही माना जाएगा। ऐसे में तमाम छात्र-छात्राओं ने मिले अंकों पर आपत्ति जताई। अंक सुधार के लिए यूपी बोर्ड में आवेदन किया। इस बीच यूपी बोर्ड ने अंक सुधार के लिए परीक्षा कराने की अलग से तिथि घोषित कर थी। इसके लिए इच्छुक विद्यार्थियों से बिना शुल्क के 27 अगस्त तक आवेदन हुए थे।यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर 29 अगस्त तक परीक्षार्थियों के आवेदन फार्म अपलोड कर दिए थे।
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