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राष्ट्रीय लोक अदालत में 6522 वादों का हुआ निस्तारण
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रामपुर। न्याय वाटिका में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 6522 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान मृतकों के आश्रितों को दुर्घटना मोटर प्रतिकर के रूप में 5676500 रुपये का भुगतान कराया गया।
जनपद न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण कराया गया। उनके द्वारा एक फौजदारी एवं दो वादों का निस्तारण कराते हुए 335000 रुपये अर्थदण्ड लगाया। पीठासीन अधिकारी ध्रुव कुमार तिवारी ने मोटर दुर्घटना प्रातिकर के 15 वादों का निस्तारण कर घायलों व मृतकों के आश्रितों को मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में 5676500 दिलाए एवं 27 अन्य प्रकृति के वाद का निस्तरण कर घायलों व मृतकों के आश्रितों को 8018819 रुपये दिलाए। पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायधीश सैय्यद सरवर हुसैन रिजवी द्वारा 18 फौजदारी के वाद एवं नौ पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज धीरेन्द्र कुुमार-तृतीय द्वारा पांच वाद फौजदारी के वादों का निस्तारण कर 8500 रुपये अर्थदण्ड के रूप में प्राप्त किए। अपर जिला जज एससी एसटी एक्ट अमित वीर सिंह द्वारा चार फौजदारी के वाद का निस्तारण कर 6500 रुपये, अपर जिला जज, विशेष न्यायाधीश (ईसीएक्ट) मोहम्मद रफी द्वारा 142 फौजदारी के वादों एवं 62 अन्य प्रकृति (विद्युत) के वादों का निस्तारण कर 80000 रुपये, अपर जिला जज न्यायालय संख्या 3 निशांत देव द्वारा तीन वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज न्यायालय संख्या-6 अर्चना यादव द्वारा एक वाद का निस्तारण कर 400 रुपये, अपर जिला जज, त्वरति (सीएडब्ल्यू) सुरेन्द्र कुमार राय द्वारा एक वाद का निस्तारण कर 500 रुपये, अपर जिला जज, त्वरति रश्मि रानी द्वारा तीन वादों का निस्तारण कर 10500 रुपये, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शमीम अहमद अंसारी द्वारा फौजदारी के 1022 वादों का निस्तारण कर 751260 रुपये, सिविल जज (प्रवर वर्ग) सत्येन्द्र सिंह द्वारा 23 अन्य प्रकृति के वादों का निस्तारण कर 2655192 रुपये, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निशान्त मान द्वारा 514 फौजदारी के वादों का निस्तारण कर 343520 रुपये अर्थदंड वसूल किए गए एवं दो पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज (प्रवर वर्ग) न्यायालय संख्या-1 पूनम कर्णवाल द्वारा 99 फौजदारी के वाद एवं दो अन्य प्रकृति के वादों का निस्तारण कर 21220 रुपये, अपर सिविल जज (प्रवर वर्ग) न्यायालय संख्या-2 वीरेश चन्द्र द्वारा 59 फौजदारी के वादों का निस्तारण कर 19980 रुपये, द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति द्वारा 221 फौजदारी के वादो का निस्तारण कर 98570 रुपये, सिविल जज(प्रवर वर्ग)/त्वरित ब्रह्मपाल सिंह द्वारा 205 फौजदारी के वादों एवं एनआई एक्ट का एक वाद निस्तारण कर 18780 रुपये, सिविल जज (अवर वर्ग) आशीष थिरानिया द्वारा 10 वाद अन्य प्रकृति के वादों का निस्तारण कर 277212 रुपये, न्यायिक मजिस्ट्रेट बिंदिया भटनागर द्वारा 246 फौजदारी के वादों एवं दो एनआई एक्ट के वादों का निस्तारण कर 9060 रुपये वसूल किए। अपर सिविल जज(अवर वर्ग) न्यायालय संख्या-2 आशुतोष वर्मा द्वारा तीन एनआई एक्ट के वादों का निस्तारण किया गया। अपर सिविल जज(अवर वर्ग)/त्वरित मयंक सिंह द्वारा सात फौजदारी के वाद एक एनआई एक्ट एवं छह पारिवारिक वादों का निस्तारण कर 9100 रुपये वसूल किए, जबकि अपर सिविल जज(अवर वर्ग)/ त्वरित आदर्श कुमार सिंह द्वारा एक अन्य प्रकृति के वाद का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 28 फौजदारी के वादों का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 17900 रुपये वसूल किए। कलक्ट्रेट न्यायालयों द्वारा 1150 वादों का निस्तारण किया गया। समस्त बैंकों के प्री-लिटीगेशन स्तर पर कुल 711 वादों का निस्तारण कर 27220763 का समझौता हुआ। भारत संचार निगम लिमिटेड के लेखाधिकारी सतीश पाण्डेय के प्री-लिटीगेशन स्तर पर कुल 77 वादों का निस्तारण कर 159773 रुपये का समझौता हुआ। पुलिस विभाग द्वारा प्री-लिटीगेशन स्तर पर कुल 1837 वादों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रमेश कुशवाहा ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकार के कुल 6522 वादों का निस्तारण किया गया।
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जनपद न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण कराया गया। उनके द्वारा एक फौजदारी एवं दो वादों का निस्तारण कराते हुए 335000 रुपये अर्थदण्ड लगाया। पीठासीन अधिकारी ध्रुव कुमार तिवारी ने मोटर दुर्घटना प्रातिकर के 15 वादों का निस्तारण कर घायलों व मृतकों के आश्रितों को मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में 5676500 दिलाए एवं 27 अन्य प्रकृति के वाद का निस्तरण कर घायलों व मृतकों के आश्रितों को 8018819 रुपये दिलाए। पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायधीश सैय्यद सरवर हुसैन रिजवी द्वारा 18 फौजदारी के वाद एवं नौ पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज धीरेन्द्र कुुमार-तृतीय द्वारा पांच वाद फौजदारी के वादों का निस्तारण कर 8500 रुपये अर्थदण्ड के रूप में प्राप्त किए। अपर जिला जज एससी एसटी एक्ट अमित वीर सिंह द्वारा चार फौजदारी के वाद का निस्तारण कर 6500 रुपये, अपर जिला जज, विशेष न्यायाधीश (ईसीएक्ट) मोहम्मद रफी द्वारा 142 फौजदारी के वादों एवं 62 अन्य प्रकृति (विद्युत) के वादों का निस्तारण कर 80000 रुपये, अपर जिला जज न्यायालय संख्या 3 निशांत देव द्वारा तीन वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज न्यायालय संख्या-6 अर्चना यादव द्वारा एक वाद का निस्तारण कर 400 रुपये, अपर जिला जज, त्वरति (सीएडब्ल्यू) सुरेन्द्र कुमार राय द्वारा एक वाद का निस्तारण कर 500 रुपये, अपर जिला जज, त्वरति रश्मि रानी द्वारा तीन वादों का निस्तारण कर 10500 रुपये, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शमीम अहमद अंसारी द्वारा फौजदारी के 1022 वादों का निस्तारण कर 751260 रुपये, सिविल जज (प्रवर वर्ग) सत्येन्द्र सिंह द्वारा 23 अन्य प्रकृति के वादों का निस्तारण कर 2655192 रुपये, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निशान्त मान द्वारा 514 फौजदारी के वादों का निस्तारण कर 343520 रुपये अर्थदंड वसूल किए गए एवं दो पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज (प्रवर वर्ग) न्यायालय संख्या-1 पूनम कर्णवाल द्वारा 99 फौजदारी के वाद एवं दो अन्य प्रकृति के वादों का निस्तारण कर 21220 रुपये, अपर सिविल जज (प्रवर वर्ग) न्यायालय संख्या-2 वीरेश चन्द्र द्वारा 59 फौजदारी के वादों का निस्तारण कर 19980 रुपये, द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति द्वारा 221 फौजदारी के वादो का निस्तारण कर 98570 रुपये, सिविल जज(प्रवर वर्ग)/त्वरित ब्रह्मपाल सिंह द्वारा 205 फौजदारी के वादों एवं एनआई एक्ट का एक वाद निस्तारण कर 18780 रुपये, सिविल जज (अवर वर्ग) आशीष थिरानिया द्वारा 10 वाद अन्य प्रकृति के वादों का निस्तारण कर 277212 रुपये, न्यायिक मजिस्ट्रेट बिंदिया भटनागर द्वारा 246 फौजदारी के वादों एवं दो एनआई एक्ट के वादों का निस्तारण कर 9060 रुपये वसूल किए। अपर सिविल जज(अवर वर्ग) न्यायालय संख्या-2 आशुतोष वर्मा द्वारा तीन एनआई एक्ट के वादों का निस्तारण किया गया। अपर सिविल जज(अवर वर्ग)/त्वरित मयंक सिंह द्वारा सात फौजदारी के वाद एक एनआई एक्ट एवं छह पारिवारिक वादों का निस्तारण कर 9100 रुपये वसूल किए, जबकि अपर सिविल जज(अवर वर्ग)/ त्वरित आदर्श कुमार सिंह द्वारा एक अन्य प्रकृति के वाद का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 28 फौजदारी के वादों का निस्तारण कर अर्थदण्ड के रूप में 17900 रुपये वसूल किए। कलक्ट्रेट न्यायालयों द्वारा 1150 वादों का निस्तारण किया गया। समस्त बैंकों के प्री-लिटीगेशन स्तर पर कुल 711 वादों का निस्तारण कर 27220763 का समझौता हुआ। भारत संचार निगम लिमिटेड के लेखाधिकारी सतीश पाण्डेय के प्री-लिटीगेशन स्तर पर कुल 77 वादों का निस्तारण कर 159773 रुपये का समझौता हुआ। पुलिस विभाग द्वारा प्री-लिटीगेशन स्तर पर कुल 1837 वादों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रमेश कुशवाहा ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकार के कुल 6522 वादों का निस्तारण किया गया।
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