रामपुर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को हाथरस जाने से रोके जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कांग्रेसियों ने कार्यकर्ताओं से बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए और राहुल-प्रियंका को रोके जाने पर विरोध जताते हुए कार्यालय से आंबेडकर पार्क तक पैदल मार्च निकालने का एलान कर दिया। पैदल मार्च पर निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने गांधी समाधि के निकट रोक लिया। कांग्रेसी यहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया, शाम को सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हाथरस जाने से रोके जाने के विरोध का एलान कांग्रेसियों ने गुरुवार की शाम को किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मुतीउर्रहमान खां बब्लू और जिलाध्यक्ष धमेंद्र देव गुप्ता के साथ कार्यकर्ताओं सड़क पर उतरकर पैदल मार्च निकलना शुरू दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कांग्रेसियों को गांधी समाधि के पास रोक लिया। इसके बाद कांग्रेसी वहीं पर धरने पर बैठ गए। गांधी समाधि के पास कांग्रेसी लगभग आधे घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद में पुलिस ने लगभग 50 कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर उनको पुलिस लाइन भेज दिया। इस मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हाथरस जाने से रोकना गलत है। क्या जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना भी अपराध है। कहा कि हाथरस की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में जब पीड़िता का शव पहुंचा तब परिजनों ने अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए शव मांगा, लेकिन प्रदेश सरकार के आदेश पर रात के 2:30 बजे पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जिला अध्यक्ष धर्मेन्द्र देव गुप्ता ने कहा कि सरकार तानाशाही कर रही है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रोकना कायरता की निशानी है। हम इस सरकार के मुकदमों और लाठी से डरने वाले नहीं हैं। इस मौके पर पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मुतीउर्रहमान खां बब्लू, बाबर अली खां, शहर अध्यक्ष मामून शाह खां, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नोमान खां, सचिन त्रिवेदी, आमिर कुरैशी, आमिर मियां, अदील मियां, शैजी सैफी, शहरोज मंसूरी, शाहिन अंसारी, हसीब खां, अनीता अग्रवाल, इमरोज मंसूरी, जैद खां, चितरंजन श्रीवास्तव, रामगोपाल सैनी, रहमान अली, इरफान मंसूरी, एसके अग्रवाल, अय्यूब अली, दिव्यांश सिंघल, मुजक्कीर सैफी, अदनान खां, शकील मंसूरी, अंकुश अग्रवाल, हाजी नाजिश खां आदि मौजूद रहे। शाम करीब साढ़े सात बजे सभी कांग्रेसियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।