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आजम की मानहानि का केस खारिज
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:00 AM IST
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रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां की मानहानि के मुकदमे को कोर्ट में खारिज कर दिया है। यह मुकदमा आजम खां के समर्थक आसिफ ने कांग्रेसी नेता फैसल खां लाला के खिलाफ दर्ज कराया था।
सिविल लाइंस कोतवाली में 2016 में पूर्व मंत्री आजम खां के समर्थक आसिफ की ओर से कांग्रेसी नेता फैसल लाला के खिलाफ पूर्व मंत्री की मानहानि करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। इस चार्जशीट पर बहस हुई,जिसमें फैसल लाला के अधिवक्ता हाजी कमाल अख़्तर ने कोर्ट में बहस करते हुए कहा कि आजम खां जिनकी मानहानि होना बताया जा रहा है वह न तो नाबालिग है, न ही शारीरिक रूप से अक्षम एवं बीमार और न ही रूढ़ीवादी महिला हैं इसलिए उक्त शिकायत आजम खां के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा किया जाना का प्रावधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रावधानों के तहत जिस व्यक्ति की मानहानि हुई हो केवल वही व्यक्ति स्वयं वाद दायर करा सकता है साथ ही उसको लिखित में उन शब्दों को भी बताना होगा कि किन शब्दों से मानहानि हुई है इस केस में न तो आजम खा ने स्वयं वाद दायर कराया और न ही वादी ने कोर्ट को वह शब्द बताये जिस से आजम खां की मानहानि हुई है आजम खां ने अपने एक साधारण समर्थक आसिफ के माध्यम से केवल यह कहा कि फेसबुक पर फैसल लाला ने मोहम्मद आजम खां को अपशब्द कहते हुए एक वीडियो डाला है, जिससे आजम खां की मानहानि हुई है मात्र यह कहना वाद चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने फैसल लाला के खिलाफ दर्ज आजम खां की मानहानि के मामले में संज्ञान लेने से इंकार करते हुए केस खारिज कर दिया है।
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सिविल लाइंस कोतवाली में 2016 में पूर्व मंत्री आजम खां के समर्थक आसिफ की ओर से कांग्रेसी नेता फैसल लाला के खिलाफ पूर्व मंत्री की मानहानि करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। इस चार्जशीट पर बहस हुई,जिसमें फैसल लाला के अधिवक्ता हाजी कमाल अख़्तर ने कोर्ट में बहस करते हुए कहा कि आजम खां जिनकी मानहानि होना बताया जा रहा है वह न तो नाबालिग है, न ही शारीरिक रूप से अक्षम एवं बीमार और न ही रूढ़ीवादी महिला हैं इसलिए उक्त शिकायत आजम खां के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा किया जाना का प्रावधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रावधानों के तहत जिस व्यक्ति की मानहानि हुई हो केवल वही व्यक्ति स्वयं वाद दायर करा सकता है साथ ही उसको लिखित में उन शब्दों को भी बताना होगा कि किन शब्दों से मानहानि हुई है इस केस में न तो आजम खा ने स्वयं वाद दायर कराया और न ही वादी ने कोर्ट को वह शब्द बताये जिस से आजम खां की मानहानि हुई है आजम खां ने अपने एक साधारण समर्थक आसिफ के माध्यम से केवल यह कहा कि फेसबुक पर फैसल लाला ने मोहम्मद आजम खां को अपशब्द कहते हुए एक वीडियो डाला है, जिससे आजम खां की मानहानि हुई है मात्र यह कहना वाद चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने फैसल लाला के खिलाफ दर्ज आजम खां की मानहानि के मामले में संज्ञान लेने से इंकार करते हुए केस खारिज कर दिया है।
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