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निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे सिंघी राम
Updated Fri, 20 Oct 2017 09:18 PM IST
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रामपुर बुशहर।
पूर्व बागवानी मंत्री सिंघी राम ने शुक्रवार को रचोली में आयोजित बैठक में चुनावी हुंकार भरी। समर्थकों से मिल रहे आश्वासन के बाद उन्होंने रामपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना दिया है। कांग्रेस पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद पूर्व मंत्री सिंघी राम ने पहली बार अपने गृह क्षेत्र में बैठक का आयोजन किया। इसमें उन्होंने उनके समर्थकों की राय जानी और उनके दबाव में आने बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए हामी भरी।
दस साल से राजनीति से दूर रहने के बाद उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस हाईकमान से टिकट की मांग की थी। लेकिन कई दिन दिल्ली में बिताने के बाद भी उन्हें टिकट नहीं मिल पाई और अंत में उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया। उनके इस निर्णय से कांग्रेस और भाजपा में हलचल तेज हो गई है। लेकिन इसका सीधा असर कांग्रेस को ही पड़ने वाला है, क्योंकि उनके साथ अधिकतर वे कांग्रेस कार्यकर्ता जुड़े हैं, जो वर्तमान में रामपुर ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारियों से नाराज चल रहे हैं। इस बार रामपुर विधानसभा सीट का मुकाबला कड़ा हो गया है। सिंघी राम के चुनाव में कूदने की घोषणा के बाद चार उम्मीदवार मैदान में होंगे। इनमें एक भाजपा के प्रत्याशी, एक माकपा, एक कांग्रेस और एक निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों की संख्या बढ़ सकती है। बैठक में चुनाव समिति का भी गठन किया गया। इसके अध्यक्ष दर्शन दास ठाकुर और महासचिव रात रतन शर्मा नियुक्त किए गए।
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पूर्व बागवानी मंत्री सिंघी राम ने शुक्रवार को रचोली में आयोजित बैठक में चुनावी हुंकार भरी। समर्थकों से मिल रहे आश्वासन के बाद उन्होंने रामपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना दिया है। कांग्रेस पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद पूर्व मंत्री सिंघी राम ने पहली बार अपने गृह क्षेत्र में बैठक का आयोजन किया। इसमें उन्होंने उनके समर्थकों की राय जानी और उनके दबाव में आने बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए हामी भरी।
दस साल से राजनीति से दूर रहने के बाद उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस हाईकमान से टिकट की मांग की थी। लेकिन कई दिन दिल्ली में बिताने के बाद भी उन्हें टिकट नहीं मिल पाई और अंत में उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया। उनके इस निर्णय से कांग्रेस और भाजपा में हलचल तेज हो गई है। लेकिन इसका सीधा असर कांग्रेस को ही पड़ने वाला है, क्योंकि उनके साथ अधिकतर वे कांग्रेस कार्यकर्ता जुड़े हैं, जो वर्तमान में रामपुर ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारियों से नाराज चल रहे हैं। इस बार रामपुर विधानसभा सीट का मुकाबला कड़ा हो गया है। सिंघी राम के चुनाव में कूदने की घोषणा के बाद चार उम्मीदवार मैदान में होंगे। इनमें एक भाजपा के प्रत्याशी, एक माकपा, एक कांग्रेस और एक निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों की संख्या बढ़ सकती है। बैठक में चुनाव समिति का भी गठन किया गया। इसके अध्यक्ष दर्शन दास ठाकुर और महासचिव रात रतन शर्मा नियुक्त किए गए।
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