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Rampur News: 1732 बीघे सरकारी जमीन पर कब्जा, लेखपाल ने गांव में चस्पा किए पर्चे

Fri, 17 Jan 2025 01:03 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Fri, 17 Jan 2025 01:03 AM IST
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1732 bighas of government land is occupied, Lekhpal pasted posters in the village

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शाहबाद। तहसील क्षेत्र की खिरका ग्राम पंचायत की 1732 बीघे (104.5 हेक्टेयर) जमीन पर अवैध कब्जे हैं। यह जमीन गांव के पश्चिम में कोसी नदी के दोनों तट पर है। इस सरकारी जमीन पर कब्जेदारों की फसलें लहलहा रही हैं। इनमें कई रसूखदार भी हैं। जमीन पर कब्जा धारकों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए लेखपाल ने गांव के पेड़, बिजली खंभों, घरों की दीवारों पर पर्चे चस्पा कर दिए हैं। इसके बाद खिरका ही नहीं आसपास के गांवों के भी कब्जाधारकों में खलबली मची है। हैरत इस बात की है कि इस जमीन पर 40 साल पहले कुछ किसानों को केवल पांच साल के लिए जमीन का पट्टा किया था, जिनके आज भी कब्जे बरकरार हैं।
गांव के शाकिर, कुंवरसेन, मोहम्मद अहमद आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंध समिति के सचिव एवं लेखपाल ज्ञानेंद्र कुमार ने कुछ दिनों पहले गांव में पर्चा चस्पा कराया है। इस पर लिखा है कि किसी के द्वारा अवैध कब्जा करके ग्राम समाज की भूमि में फसल बोई जाती है तो कब्जेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी...। हालांकि, चस्पा कई पर्चों को ग्रामीणों ने फाड़ भी दिया है। बड़ी बात यह है कि खिरका गांव में इतना सब होने की खबर तहसील के अधिकारियों को नहीं है। फिलहाल गांव में चेतावनी पर्चे लगने का मामला आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बना है।
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ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों पूर्व कुछ ग्रामीणों को श्रेणी-तीन के पट्टे हुए थे। अवधि पूरी होने पर पट्टा खारिज होने के भय से कुछ पट्टा धारक कोर्ट से स्टे ले आए थे। तब से वह लोग भी सरकारी जमीन पर काबिज हैं। इनके अलावा अन्य कब्जाधारकों की फसलें भी इन दिनों सरकारी जमीन पर लहरा रही हैं। इनमें गेहूं, सरसों व अन्य फसलें हैं।
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कब्जे बरकरार, लेखपाल ने कहा-पर्चे हमने चस्पा किए

खिरका प्रधान प्रतिनिधि प्रेमपाल ने बताया कि लेखपाल कुछ समय ग्राम पंचायत में चेतावनी पर्चे लगा गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया है कि ग्राम पंचायत की अधिकांश जमीन कब्जामुक्त हो चुकी है। कुछ हिस्से पर अवैध कब्जे बरकरार हैं। थोड़ी जमीन वन विभाग को दी गई है। पूर्व प्रधान मुंशीलाल सैनी का कहना है कि वह तो लंबे समय से ग्राम पंचायत की सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने की मांग करते रहे हैं। लेकिन, लेखपाल उनकी सुनते नहीं है। जबकि लेखपाल ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि करीब 14-15 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की है। उसमें पेड़ लगे थे, वह पेड़ किसानों ने खुद काट लिए हैं। वर्तमान में करीब 20 ग्रामीण अवैध कब्जा कर रखे हैं। लेखपाल ने स्वीकारा भी कि गांव में बिजली खंभों पर चेतावनी वाले पर्चों को उन्होंने ही चस्पा किया है।

40 साल पहले हुए थे पांच वर्ष के लिए पट्टे
बताया जा रहा है कि खिरका गांव में 30 साल पहले चकबंदी हुई थी। इस चकबंदी से भी 10 साल पहले कुछ किसानों को सरकारी जमीन पर पट्टे आवंटित किए गए थे।
एसडीएम ने लेखपाल को किया तलब
खिरका ग्राम पंचायत में सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बृहस्पतिवार को लेखपाल ज्ञानेंद्र कुमार से अभिलेख तलब किए हैं। उन्होंने कहा है कि खिरका ग्राम पंचायत की जमीन पर कौन-कौन पट्टेधारक काबिज हैं और कौन पट्टाधारक स्टे के आधार पर कब्जा कर रखे हैं। साथ ही किन लोगों के अवैध कब्जे हैं। पूरी भौगोलिक स्थिति पर उन्होंने लेखपाल से अभिलेख मांगे हैं।

वर्जन
खिरका गांव में तकरीबन 104.5 हेक्टेयर जमीन है, जो नवीन परती की श्रेणी में दर्ज है। इस भू-भाग के अधिकांश हिस्से पर पट्टा धारकों के पक्ष में हाईकोर्ट से स्टे है। करीब 25 हेक्टेयर जमीन पर कोई न्यायिक विवाद नहीं है। एक ग्राम पंचायत इतने अधिक क्षेत्रफल में सरकारी जमीन होना हमें भी हैरान करता है। लेकिन, फिर भी हम पुरानी पत्रावली निकालकर जांच करेंगे। - हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम
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