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खड्ड में बह गईं 45 लाख की पाइपें
Updated Mon, 07 Aug 2017 09:52 PM IST
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रामपुर बुशहर।
रामपुर उपमंडल के सरपारा और कुल्लू जिला के सरघा में बादल फटने से सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग रामपुर की पाइपों को भारी नुकसान हुआ। विभाग से मिली सूचना के अनुसार 45 लाख की लागत से बिछाई गई पाइपें खड्ड में बह गई हैं। इससे रामपुर और झाकड़ी में पेयजल की दिक्कत हो गई है। विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को समेज में नुकसान का जायजा लिया।
आईपीएच विभाग रामपुर के सहायक अभियंता किशोर शर्मा ने बताया कि सोमवार को विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके शर्मा और सहायक अभियंता किशोर शर्मा ने समेज में सिंचाई विभाग की पेयजल योजना का संयुक्त दौरा किया। शर्मा ने बताया कि रामपुर शहर और झाकड़ी को इस बार गर्मी के मौसम में भी पेयजल की अधिक दिक्कत नहीं आने दी गई थी। क्योंकि दो तरफ से पेयजल आपूर्ति करवाई जा रही थी। लेकिन समेज में 45 लाख की पेयजल पाइपें बह जाने के बाद करीब 15 दिनों तक झाकड़ी और रामपुर में पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दोनों क्षेत्रों के लोगों से कुछ दिन तक पेयजल को जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने की अपील की है। मौजूदा समय में नोगली से रामपुर में पेयजल योजना को ही इस्तेमाल किया जा रहा है।
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रामपुर उपमंडल के सरपारा और कुल्लू जिला के सरघा में बादल फटने से सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग रामपुर की पाइपों को भारी नुकसान हुआ। विभाग से मिली सूचना के अनुसार 45 लाख की लागत से बिछाई गई पाइपें खड्ड में बह गई हैं। इससे रामपुर और झाकड़ी में पेयजल की दिक्कत हो गई है। विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को समेज में नुकसान का जायजा लिया।
आईपीएच विभाग रामपुर के सहायक अभियंता किशोर शर्मा ने बताया कि सोमवार को विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके शर्मा और सहायक अभियंता किशोर शर्मा ने समेज में सिंचाई विभाग की पेयजल योजना का संयुक्त दौरा किया। शर्मा ने बताया कि रामपुर शहर और झाकड़ी को इस बार गर्मी के मौसम में भी पेयजल की अधिक दिक्कत नहीं आने दी गई थी। क्योंकि दो तरफ से पेयजल आपूर्ति करवाई जा रही थी। लेकिन समेज में 45 लाख की पेयजल पाइपें बह जाने के बाद करीब 15 दिनों तक झाकड़ी और रामपुर में पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दोनों क्षेत्रों के लोगों से कुछ दिन तक पेयजल को जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने की अपील की है। मौजूदा समय में नोगली से रामपुर में पेयजल योजना को ही इस्तेमाल किया जा रहा है।
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