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कुरान मजीद व खताती नमूनों की प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ
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रामपुर। रजा लाइब्रेरी के दरबार हॉल में कुरान मजीद तथा खत्ताती के नमूनों की प्रदर्शनी की मंगलवार से शुरूआत की गई। प्रदर्शनी 10 जून तक आयोजित की जाएगी।
रजा लाइब्रेरी में हर साल रमजान माह में इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। मंगलवार को मदरसा फुरकानिया के प्रबंधक डॉ. शआइरूल्लाह खान, मौलाना मोहम्मद जमां बाक़री, मौलवी एहतेशाम उल्ला खां, रजा लाइब्रेरी के निदेशक प्रो. सैयद हसन अब्बास और डॉ. अबुसाद इस्लाही ने किया। इस अवसर पर डॉ. शआइरूल्लाह खां ने कहा कि इस प्रकार की नुमाइश रूह को और पाक कर देती है। रजा लाइब्रेरी में पवित्र कुरान के सबसे अधिक नुस्खे मौजूद हैं। मौलाना मोहम्मद जमां बाक़री ने कुरान करीम की बेशकीमत पांडुलिपि को जो रजा लाइब्रेरी में सुरक्षित हैं, दुनिया का नादिर और बहुमूल्य नुस्खा बताते हुए कुरान पढ़ते रहने की ताकीद की। रजा लाइब्रेरी के निदेशक प्रो. सैयद हसन अब्बास ने कहा कि रजा लाइब्रेरी में बहुत से मुद्रित और हस्तलिखित कुरान शरीफ की प्रतियां सुरक्षित हैं। उनमें से कुछ प्रतियों की प्रदर्शनी पवित्र रमजान के महीने में लगाई जाती है। रमजान के इस मुबारक मौके पर लगी कुरान-पाक की प्रतियों की प्रदर्शनी को देखना या पढ़ना, जो हमें राहे-हिदायत की ओर ले जाती हैं, पुण्य का कार्य है। यह प्रदर्शनी 10 जून तक चलेगी। प्रदर्शनी में कूफ़ी लिपि में 7वीं सदी ई0 में हजरत अली द्वारा लिखा हुआ दुर्लभ कुरान मजीद, कूफी लिपि में 8वीं सदी ई0 में इमाम अबू अब्दुल्ला जाफ़र बिन मुहम्मद बिन अली द्वारा लिखित दुर्लभ कुरान मजीद, अरबी नस्ख़ बहार लिपि का 1379 ई0 का कुरान मजीद जिसमें आलगीर बादशाह के मंसबदार गजनफ़र की एक मुहर है, अरबी नस्ख़ लिपि का 1315 ई0 का लिखा हुआ बहुत ही सुन्दर कुरान मजीद, सुलुस लिपि का 1669 ई0 का कुरान मजीद जिसमें बहुत ही सुन्दर प्रति जिसके हर पृष्ठ पर 3 लाइन सुलुस लिपि में सोने से लिखाई और 12 लाइन में नस्ख़ में काली स्याही से कागज पर लिखा हुआ है इन सब के साथ ही कई ख़ते-कूफ़ी, ख़ते-नस्ख़, ख़ते-नस्तालिक़, ख़ते-रेहान इत्यादि ख़तों में कैलीग्राफियों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।
रजा लाइब्रेरी में हर साल रमजान माह में इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। मंगलवार को मदरसा फुरकानिया के प्रबंधक डॉ. शआइरूल्लाह खान, मौलाना मोहम्मद जमां बाक़री, मौलवी एहतेशाम उल्ला खां, रजा लाइब्रेरी के निदेशक प्रो. सैयद हसन अब्बास और डॉ. अबुसाद इस्लाही ने किया। इस अवसर पर डॉ. शआइरूल्लाह खां ने कहा कि इस प्रकार की नुमाइश रूह को और पाक कर देती है। रजा लाइब्रेरी में पवित्र कुरान के सबसे अधिक नुस्खे मौजूद हैं। मौलाना मोहम्मद जमां बाक़री ने कुरान करीम की बेशकीमत पांडुलिपि को जो रजा लाइब्रेरी में सुरक्षित हैं, दुनिया का नादिर और बहुमूल्य नुस्खा बताते हुए कुरान पढ़ते रहने की ताकीद की। रजा लाइब्रेरी के निदेशक प्रो. सैयद हसन अब्बास ने कहा कि रजा लाइब्रेरी में बहुत से मुद्रित और हस्तलिखित कुरान शरीफ की प्रतियां सुरक्षित हैं। उनमें से कुछ प्रतियों की प्रदर्शनी पवित्र रमजान के महीने में लगाई जाती है। रमजान के इस मुबारक मौके पर लगी कुरान-पाक की प्रतियों की प्रदर्शनी को देखना या पढ़ना, जो हमें राहे-हिदायत की ओर ले जाती हैं, पुण्य का कार्य है। यह प्रदर्शनी 10 जून तक चलेगी। प्रदर्शनी में कूफ़ी लिपि में 7वीं सदी ई0 में हजरत अली द्वारा लिखा हुआ दुर्लभ कुरान मजीद, कूफी लिपि में 8वीं सदी ई0 में इमाम अबू अब्दुल्ला जाफ़र बिन मुहम्मद बिन अली द्वारा लिखित दुर्लभ कुरान मजीद, अरबी नस्ख़ बहार लिपि का 1379 ई0 का कुरान मजीद जिसमें आलगीर बादशाह के मंसबदार गजनफ़र की एक मुहर है, अरबी नस्ख़ लिपि का 1315 ई0 का लिखा हुआ बहुत ही सुन्दर कुरान मजीद, सुलुस लिपि का 1669 ई0 का कुरान मजीद जिसमें बहुत ही सुन्दर प्रति जिसके हर पृष्ठ पर 3 लाइन सुलुस लिपि में सोने से लिखाई और 12 लाइन में नस्ख़ में काली स्याही से कागज पर लिखा हुआ है इन सब के साथ ही कई ख़ते-कूफ़ी, ख़ते-नस्ख़, ख़ते-नस्तालिक़, ख़ते-रेहान इत्यादि ख़तों में कैलीग्राफियों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।