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जल स्तर कम होने से कोसी ने शुरू किया कटान
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:20 AM IST
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स्वार (रामपुर)। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के बाद उत्तराखंड के रामनगर बैराज से कोसी नदी में छोड़ा गया 7847 क्यूसेक पानी पास हो जाने के बाद नदी का जलस्तर धीरे धीरे कम होते ही नदी ने खेतों व फसलों का कटान तेजी से करना शुरू कर दिया है । कटान तेज होने से किसान परेशान है।
मंगलवार की प्रात: रामनगर बैराज से कोसी नदी में लगभग 7847 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर आ गई थी। बुधवार को जैसे जैसे नदी का जलस्तर घटने लगा । नदी की तेज धार ने फिर से कटान तेज कर खेतों ,फसलों को अपने में समेटना शुरू कर दिया है। वही पसियापुरा के ग्रामीणों को भी कुछ राहत मिली है । उन्होंने भी जान जोखिम में नदी पार कर आवागमन शुरू कर दिया है।वही बारिश से गांव फाजलपुर, धनोरी,बन्दरपुरा के बीच जगह जगह बांध की मिट्टी खिसक जाने से बांध के जगह से धस गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी सिचाईं विभाग ने बांध की अभी तक कोई सुध नही ली है। यदि रामनगर बैराज से नदी में ज्यादा पानी छोड़ा गया और नदी की धार ऐसे ही कटान करती रही तो बाढ़ का खतरा हो सकता है। वहीं पीलाखार ,घूघा,नदी का भी जलस्तर घटने लगा है । तहसीलदार रामवीर सिंह ने बताया कि बुधवार को ही उनकी तैनाती हुई है इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नही है।
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मंगलवार की प्रात: रामनगर बैराज से कोसी नदी में लगभग 7847 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर आ गई थी। बुधवार को जैसे जैसे नदी का जलस्तर घटने लगा । नदी की तेज धार ने फिर से कटान तेज कर खेतों ,फसलों को अपने में समेटना शुरू कर दिया है। वही पसियापुरा के ग्रामीणों को भी कुछ राहत मिली है । उन्होंने भी जान जोखिम में नदी पार कर आवागमन शुरू कर दिया है।वही बारिश से गांव फाजलपुर, धनोरी,बन्दरपुरा के बीच जगह जगह बांध की मिट्टी खिसक जाने से बांध के जगह से धस गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी सिचाईं विभाग ने बांध की अभी तक कोई सुध नही ली है। यदि रामनगर बैराज से नदी में ज्यादा पानी छोड़ा गया और नदी की धार ऐसे ही कटान करती रही तो बाढ़ का खतरा हो सकता है। वहीं पीलाखार ,घूघा,नदी का भी जलस्तर घटने लगा है । तहसीलदार रामवीर सिंह ने बताया कि बुधवार को ही उनकी तैनाती हुई है इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नही है।
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