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कम ऊंचाई के द्वार को लेकर सीएंडडीएस ने झाड़ा पल्ला, पीडब्ल्यूडी और पालिका के पाले में गेंद
Updated Sat, 14 Oct 2017 01:07 AM IST
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कम ऊंचाई के द्वार पर निर्माणाधीन संस्था ने झाड़ा पल्ला
रामपुर। अफसरों के लिए सिरदर्द बना पूर्व मंत्री आजम खां का पसंदीदा कम ऊंचाई का द्वार तोड़ने को लेकर निर्माण एवं अविकल्पीय सेवाएं (सीएंडडीएस) ने पल्ला झाड़ लिया है। अफसरों का साफ कहना है कि शासन से मिले निर्देशों के अनुरूप द्वार का निर्माण कराया गया था। अब यह द्वार नगर पालिका की संपत्ति है। लिहाजा, इसे तोड़ने को लेकर जो भी फैसला लेना है वह नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग को लेना है।
सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां ने स्वार रोड पर कम ऊंचाई का द्वार बनवाया था। 40 लाख रुपये की लागत से बने इस द्वार की ऊंचाई इतनी कम है कि इसके नीचे से भारी वाहन नहीं निकल सकते। इसका निर्माण कार्य कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) की ओर से कराया गया था। लोक निर्माण विभाग के अफसर द्वार के निर्माण को नियम विरुद्ध कह चुके हैं। द्वार बनाने के लिए लोनिवि से एनओसी तक नहीं ली गई है। द्वार का डिजाइन भी इस तरह से तैयार किया गया, कि इसके नीचे से बस तक न निकल सके। ऐसे में बसों और भारी वाहनों को स्वार जाने के लिए पुलिस लाइन और मंडी समिति के सामने आबादी में होकर जाना पड़ता है। इससे वाहनों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। नियमानुसार किसी भी राष्ट्रीय, राज्य अथवा स्थानीय सड़क पर ऐसे द्वार का निर्माण नहीं हो सकता, जिससे यातायात बाधित हो। लिहाजा, यह द्वार पूरी तरह से गलत बना हुआ है। लोनिवि इसे अतिक्रमण घोषित कर चुका है। मुस्तफा हुसैन की शिकायत पर शासन ने कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन लोनिवि अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नही कर सका है। अधिकारी द्वार तोड़ने की कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से सीएंडडीएस से पूछा भी गया है कि हमारी जमीन पर आपने गेट कैसे बना दिया? हालांकि, इसको लेकर अभी सीएंडडीएस ने कोई स्पष्ट जवाब तो नहीं दिया है, लेकिन सीएंडडीएस के महाप्रबंधक की मानें तो यह द्वार शासन के निर्देशों के अनुरूप बनाया गया था। द्वार निर्माण के बाद नगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया गया। अब यह नगर पालिका के स्वामित्व का है और सड़क लोक निर्माण विभाग की। ऐसे में जो भी कार्रवाई करनी है वह लोनिवि और नगर पालिका के स्तर पर की जानी है।
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रामपुर। अफसरों के लिए सिरदर्द बना पूर्व मंत्री आजम खां का पसंदीदा कम ऊंचाई का द्वार तोड़ने को लेकर निर्माण एवं अविकल्पीय सेवाएं (सीएंडडीएस) ने पल्ला झाड़ लिया है। अफसरों का साफ कहना है कि शासन से मिले निर्देशों के अनुरूप द्वार का निर्माण कराया गया था। अब यह द्वार नगर पालिका की संपत्ति है। लिहाजा, इसे तोड़ने को लेकर जो भी फैसला लेना है वह नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग को लेना है।
सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां ने स्वार रोड पर कम ऊंचाई का द्वार बनवाया था। 40 लाख रुपये की लागत से बने इस द्वार की ऊंचाई इतनी कम है कि इसके नीचे से भारी वाहन नहीं निकल सकते। इसका निर्माण कार्य कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) की ओर से कराया गया था। लोक निर्माण विभाग के अफसर द्वार के निर्माण को नियम विरुद्ध कह चुके हैं। द्वार बनाने के लिए लोनिवि से एनओसी तक नहीं ली गई है। द्वार का डिजाइन भी इस तरह से तैयार किया गया, कि इसके नीचे से बस तक न निकल सके। ऐसे में बसों और भारी वाहनों को स्वार जाने के लिए पुलिस लाइन और मंडी समिति के सामने आबादी में होकर जाना पड़ता है। इससे वाहनों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। नियमानुसार किसी भी राष्ट्रीय, राज्य अथवा स्थानीय सड़क पर ऐसे द्वार का निर्माण नहीं हो सकता, जिससे यातायात बाधित हो। लिहाजा, यह द्वार पूरी तरह से गलत बना हुआ है। लोनिवि इसे अतिक्रमण घोषित कर चुका है। मुस्तफा हुसैन की शिकायत पर शासन ने कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन लोनिवि अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नही कर सका है। अधिकारी द्वार तोड़ने की कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से सीएंडडीएस से पूछा भी गया है कि हमारी जमीन पर आपने गेट कैसे बना दिया? हालांकि, इसको लेकर अभी सीएंडडीएस ने कोई स्पष्ट जवाब तो नहीं दिया है, लेकिन सीएंडडीएस के महाप्रबंधक की मानें तो यह द्वार शासन के निर्देशों के अनुरूप बनाया गया था। द्वार निर्माण के बाद नगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया गया। अब यह नगर पालिका के स्वामित्व का है और सड़क लोक निर्माण विभाग की। ऐसे में जो भी कार्रवाई करनी है वह लोनिवि और नगर पालिका के स्तर पर की जानी है।
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