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आजम के खिलाफ जांच के लिए रामपुर पहुंची एसआईटी
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रामपुर। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां के खिलाफ चल रही एसआईटी जांच अब भी जारी है। गुरुवार को तीसरी बार टीम रामपुर पहुंची। देर शाम आई टीम ने जांच से जुड़े बिंदुओं को लेकर अफसरों के साथ बातचीत की। इस दौरान टीम कुछ स्थानों का जायजा भी लेगी। यह जांच करीब तीन दिनों तक चलेगी। वहीं, एसआईटी के आने के बाद अफसरों में खलबली मची हुई है।
समाजवादी सरकार में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में तमाम कार्य हुए थे। ये काम विभिन्न विभागों की ओर से किए गए थे। जल निगम ने पानी की टंकियों का निर्माण किया है तो लोक निर्माण विभाग की ओर से गेस्ट हाउस बनाया गया है। हालांकि, जिला प्रशासन गेट हाउस को यूनिवर्सिटी से बाहर कर दिया है। वहां जाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से यूनिवर्सिटी के बाहर से नई सड़क बनाने का काम शुरु कर दिया गया है। फिलहाल, मिट्टी डाली जा रही है। इसके अलावा जौहर शोध संस्थान को सौ रुपये सलाना लीज पर देने, एकता तिराहा पुल, ग्रामीणों के घरों के आगे सड़क पर बनी दीवार आदि के बारे में भी जांच चल रही है। आरोप है कि पूर्व मंत्री आजम खां ने सरकारी धन का दुरुपयोग करने से लेकर नियमों को दरकिनार कर तमाम कार्य कराए हैं। भारतीय जनता पार्टी लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना , अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेसी नेता फैसल खां लाला और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने आजम खां पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के गठन कर दिया था।
गुरुवार को देर शाम को एसआईटी रामपुर पहुंच गई। सीओ अशोक यादव के नेतृत्व में आई इस टीम ने देर रात तमाम अधिकारियों के साथ वार्ता की। इसमें अधिकारियों ने विभागीय जांचों, निर्माण से संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। साथ ही कुछ अधूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने को कहा है। सूत्रों की मानें तो टीम तीन दिन तक रामपुर रहेगी। इस दौरान टीम विभिन्न स्थानों का जायजा भी लेगी।
समाजवादी सरकार में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में तमाम कार्य हुए थे। ये काम विभिन्न विभागों की ओर से किए गए थे। जल निगम ने पानी की टंकियों का निर्माण किया है तो लोक निर्माण विभाग की ओर से गेस्ट हाउस बनाया गया है। हालांकि, जिला प्रशासन गेट हाउस को यूनिवर्सिटी से बाहर कर दिया है। वहां जाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से यूनिवर्सिटी के बाहर से नई सड़क बनाने का काम शुरु कर दिया गया है। फिलहाल, मिट्टी डाली जा रही है। इसके अलावा जौहर शोध संस्थान को सौ रुपये सलाना लीज पर देने, एकता तिराहा पुल, ग्रामीणों के घरों के आगे सड़क पर बनी दीवार आदि के बारे में भी जांच चल रही है। आरोप है कि पूर्व मंत्री आजम खां ने सरकारी धन का दुरुपयोग करने से लेकर नियमों को दरकिनार कर तमाम कार्य कराए हैं। भारतीय जनता पार्टी लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना , अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन, कांग्रेसी नेता फैसल खां लाला और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने आजम खां पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के गठन कर दिया था।
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गुरुवार को देर शाम को एसआईटी रामपुर पहुंच गई। सीओ अशोक यादव के नेतृत्व में आई इस टीम ने देर रात तमाम अधिकारियों के साथ वार्ता की। इसमें अधिकारियों ने विभागीय जांचों, निर्माण से संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। साथ ही कुछ अधूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने को कहा है। सूत्रों की मानें तो टीम तीन दिन तक रामपुर रहेगी। इस दौरान टीम विभिन्न स्थानों का जायजा भी लेगी।
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