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सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में हुआ जलाभिषेक
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:37 AM IST
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सावन के अंतिम सोमवार को हर-हर महादेव से गूंजा
रामपुर। सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में जलाभिषेक किया गया। कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने सोमवार को चंद्रग्रहण के कारण सुबह जल्दी जलाभिषेक किया। अन्य सोमवार की तरह पूरे दिन जलाभिषेक नहीं किया गया।
सावन के अंतिम सोमवार पर भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। हालांकि कांवड़ियों की संख्या तीसरे व चौथे सोमवार की तुलना में काफी कम रही। कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने भी सोमवार को चंद्रग्रहण होने के कारण दोपहर से लगने वाले सूतक के कारण सुबह चार बजे से छह बजे तक ही लगभग सभी श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक कर दिया गया। कांवड़ियों ने सुबह चार से पांच बजे तक ही जलाभिषेक कर दिया। श्रद्धालुओं व कांवड़ियों ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, पुष्प, मिठाई आदि अर्पित कर पूजन किया। शिवजी की आरती के साथ ही श्रद्धालुओं ने शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और ओउम नम: शिवाय का जाप किया। मंदिर की परिक्रमा की। जिले के एतिहासिक रठौंडा, भमरौआ और पंजाबनगर शिव मंदिर में सबसे अधिक श्रद्धालुओं व कांवड़ियों की भीड़ रही। इसके साथ ही धमोरा स्थित जोड़ेश्वर महादेव शिव मंदिर, सिविल लाइंस स्थित प्राचीन दुर्गा शिव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, श्री महालक्ष्मी मंदिर, शाहबाद में लक्खी बाग स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भी जलाभिषेक किय गया।
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रामपुर। सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में जलाभिषेक किया गया। कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने सोमवार को चंद्रग्रहण के कारण सुबह जल्दी जलाभिषेक किया। अन्य सोमवार की तरह पूरे दिन जलाभिषेक नहीं किया गया।
सावन के अंतिम सोमवार पर भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। हालांकि कांवड़ियों की संख्या तीसरे व चौथे सोमवार की तुलना में काफी कम रही। कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने भी सोमवार को चंद्रग्रहण होने के कारण दोपहर से लगने वाले सूतक के कारण सुबह चार बजे से छह बजे तक ही लगभग सभी श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक कर दिया गया। कांवड़ियों ने सुबह चार से पांच बजे तक ही जलाभिषेक कर दिया। श्रद्धालुओं व कांवड़ियों ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, पुष्प, मिठाई आदि अर्पित कर पूजन किया। शिवजी की आरती के साथ ही श्रद्धालुओं ने शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और ओउम नम: शिवाय का जाप किया। मंदिर की परिक्रमा की। जिले के एतिहासिक रठौंडा, भमरौआ और पंजाबनगर शिव मंदिर में सबसे अधिक श्रद्धालुओं व कांवड़ियों की भीड़ रही। इसके साथ ही धमोरा स्थित जोड़ेश्वर महादेव शिव मंदिर, सिविल लाइंस स्थित प्राचीन दुर्गा शिव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, श्री महालक्ष्मी मंदिर, शाहबाद में लक्खी बाग स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भी जलाभिषेक किय गया।
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