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पुजारली गांव में आग की भेंट चढ़े दस मकान
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:39 PM IST
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जुब्बल (रोहड़ू)। जुब्बल तहसील की मांदल पंचायत के पुजारली गांव में वीरवार दोपहर भीषण आग लग गई। एक घर से शुरू हुई आग गांव में फैल गई और देखते हुए देखते दस घर राख हो गए। हादसे का शुरुआती कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि आग किसके घर से फैली, इसकी पुख्ता जानकारी अभी नहीं है। इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। राजस्व विभाग नुकसान का आंकलन करने में जुटा हुआ है। लोगों के कपड़े, बर्तन, कीमती सामान, गहने, नकदी और राशन भी आग की भेंट चढ़ गया।
जानकारी के मुताबिक आगजनी की घटना दोपहर करीब सवा दो बजे हुई। उस समय अधिकांश ग्रामीण बगीचों और खेतों में काम पर गए हुए थे। कुछ ग्रामीण अपने कार्यों से घर से बाहर थे। मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने घरों से अचानक धुआं उठता देखा। आग की लपटों को उठता देख ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया। आसपास के ग्रामीण भी बचाव के लिए मौके पर पहुंचे। सभी ग्रामीणों ने आग बुझाने के प्रयास किए। लेकिन देखते ही देखते लकड़ी से बने मकानों में आग तेजी से फैल गई। ग्रामीणों ने घरों में रखे अपने सामान को बचाने का भी प्रयास किया। लेकिन आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि घरों का सामान नहीं बचाया जा सका। पांच बजे तक दस मकान आग में जलकर राख हो चुके थे। कुछ मकान गांव से दूरी पर थे। इस कारण वे आग से बच गए। ग्रामीणों ने मिलकर आग को अन्य मकानों में फैलने से रोका।
दस-दस हजार की फौरी राहत
प्रभावित परिवारों को दस-दस हजार रुपये फौरी राहत, एक एक कंबल व तिरपाल प्रशासन की ओर से फौरी राहत दी गई है। एसडीएम रोहड़ू धनश्याम दास शर्मा ने बताया कि छह प्रभावित परिवारों की सूची बन चुकी है। अन्य परिवारों की पंचायत रिकार्ड के अनुसार सूची बनाई जा रही है। आग से करोड़ों का नुकसान हुआ है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
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जानकारी के मुताबिक आगजनी की घटना दोपहर करीब सवा दो बजे हुई। उस समय अधिकांश ग्रामीण बगीचों और खेतों में काम पर गए हुए थे। कुछ ग्रामीण अपने कार्यों से घर से बाहर थे। मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने घरों से अचानक धुआं उठता देखा। आग की लपटों को उठता देख ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया। आसपास के ग्रामीण भी बचाव के लिए मौके पर पहुंचे। सभी ग्रामीणों ने आग बुझाने के प्रयास किए। लेकिन देखते ही देखते लकड़ी से बने मकानों में आग तेजी से फैल गई। ग्रामीणों ने घरों में रखे अपने सामान को बचाने का भी प्रयास किया। लेकिन आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि घरों का सामान नहीं बचाया जा सका। पांच बजे तक दस मकान आग में जलकर राख हो चुके थे। कुछ मकान गांव से दूरी पर थे। इस कारण वे आग से बच गए। ग्रामीणों ने मिलकर आग को अन्य मकानों में फैलने से रोका।
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दस-दस हजार की फौरी राहत
प्रभावित परिवारों को दस-दस हजार रुपये फौरी राहत, एक एक कंबल व तिरपाल प्रशासन की ओर से फौरी राहत दी गई है। एसडीएम रोहड़ू धनश्याम दास शर्मा ने बताया कि छह प्रभावित परिवारों की सूची बन चुकी है। अन्य परिवारों की पंचायत रिकार्ड के अनुसार सूची बनाई जा रही है। आग से करोड़ों का नुकसान हुआ है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
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