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एरियर बिल न आने से लटका शिक्षकों का एरियर
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रामपुर। खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय से शिक्षकों के सातवें वेतनमान के एरियर बिल को लेखा कार्यालय न भेजे जाने के कारण शिक्षकों का एरियर लटक गया है। शासन से ग्रांट जारी होने के बाद भी पूरा साल गुजर गया लेकिन, बिल न आ पाने के कारण भुगतान नहीं हो सका है। सिर्फ शाहबाद ब्लॉक से ही एरियर बिल लेखा कार्यालय को प्राप्त हुआ है।
शिक्षकों को सातवें वेतनमान की सौगात तो मिल गई लेकिन, पूरे एक साल का एरियर अभी तक लटका हुआ है। एरियर भुगतान में यह विलंब सरकार की वजह से नहीं बल्कि खुद विभागीय अधिकारियों के कारण हो रहा है। शासन ने पिछले साल ही जनवरी 2016 से दिसंबर 2016 तक के एरियर की कुल धनराशि के पचास फीसदी धनराशि भुगतान के लिए ग्रांट जारी कर दी थी। इसमें जिले को करीब साढ़े तेरह करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें पचास फीसदी धनराशि का 80 फीसदी पीपीएफ-जीपीएफ खाते में भेजा जाएगा जबकि बीस फीसदी वेतन खाते में भेजा जाएगा। इसके बाद से ही लेखा विभाग द्वारा लगातार खंड शिक्षाधिकारियों से एरियर भुगतान के लिए बिल मांगे जा रहे हैं, लेकिन यह बिल अभी तक सिर्फ शाहबाद ब्लॉक से ही भेजा गया है। अब कैलेंडर वर्ष के साथ ही वित्तीय वर्ष भी समाप्ति की ओर है, ऐसे में यदि समय से एरियर बिल प्राप्त नहीं हुए तो भुगतान फंस सकता है। वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग ने 26 दिसंबर को भी सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर एरियर व अन्य देयकों के भुगतान के लिए बिल भेजने को पत्र जारी किया है।
शिक्षकों को सातवें वेतनमान की सौगात तो मिल गई लेकिन, पूरे एक साल का एरियर अभी तक लटका हुआ है। एरियर भुगतान में यह विलंब सरकार की वजह से नहीं बल्कि खुद विभागीय अधिकारियों के कारण हो रहा है। शासन ने पिछले साल ही जनवरी 2016 से दिसंबर 2016 तक के एरियर की कुल धनराशि के पचास फीसदी धनराशि भुगतान के लिए ग्रांट जारी कर दी थी। इसमें जिले को करीब साढ़े तेरह करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें पचास फीसदी धनराशि का 80 फीसदी पीपीएफ-जीपीएफ खाते में भेजा जाएगा जबकि बीस फीसदी वेतन खाते में भेजा जाएगा। इसके बाद से ही लेखा विभाग द्वारा लगातार खंड शिक्षाधिकारियों से एरियर भुगतान के लिए बिल मांगे जा रहे हैं, लेकिन यह बिल अभी तक सिर्फ शाहबाद ब्लॉक से ही भेजा गया है। अब कैलेंडर वर्ष के साथ ही वित्तीय वर्ष भी समाप्ति की ओर है, ऐसे में यदि समय से एरियर बिल प्राप्त नहीं हुए तो भुगतान फंस सकता है। वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग ने 26 दिसंबर को भी सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर एरियर व अन्य देयकों के भुगतान के लिए बिल भेजने को पत्र जारी किया है।
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