{"_id":"21f600e855d2ade84b7c535b9c13d209","slug":"10-years-prisnment-in-rape-case-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालिका से रेप में युवक को दस साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालिका से रेप में युवक को दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूूराे/रामपुर
Updated Wed, 02 Mar 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दलित बालिका के संग रेप करने के डेढ़ साल पुराने मामले में अदालत का फैसला आ
विज्ञापन
गया है। अदालत ने इस मामले के आरोपी युवक को दस साल की कैद व जुर्माना अदा
करने की सजा सुनाई है। युवक पर पाक्सो के साथ ही एससी-एसटी एक्ट भी लगा
था। कोर्ट ने उस पर 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
बालिका से रेप की यह वारदात मिलक कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। क्षेत्र के एक गांव निवासी 26 सितंबर 2014 को एक ग्रामीण की 11 साल की बेटी खेत में चारा लेने गई थी। आरोप है कि गांव के ही अनिल ने बालिा को पकड़कर बलात्कार किया था। घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता की ओर से आरोपी के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।
पीड़िता दलित परिवार से जुड़ी हुई थी। इसलिए पुलिस ने एससी-एससटी के तहत भी कार्रवाई की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले की तफ्तीश कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बालिका की मेडिकल रिपोर्टपेश की साथ ही पीड़िता के साथ अन्य गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने घटनाओं की पुष्टि की। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एडीजे प्रथम राजेंद्र कुमार ने अनिल को दोषी मानते हुए दस साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
बालिका से रेप की यह वारदात मिलक कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। क्षेत्र के एक गांव निवासी 26 सितंबर 2014 को एक ग्रामीण की 11 साल की बेटी खेत में चारा लेने गई थी। आरोप है कि गांव के ही अनिल ने बालिा को पकड़कर बलात्कार किया था। घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता की ओर से आरोपी के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।
पीड़िता दलित परिवार से जुड़ी हुई थी। इसलिए पुलिस ने एससी-एससटी के तहत भी कार्रवाई की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले की तफ्तीश कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बालिका की मेडिकल रिपोर्टपेश की साथ ही पीड़िता के साथ अन्य गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने घटनाओं की पुष्टि की। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एडीजे प्रथम राजेंद्र कुमार ने अनिल को दोषी मानते हुए दस साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।