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‘राजा भैया के आगे सब चूहे की तरह हैं’
देवरिया/ब्यूरो।
Updated Tue, 05 Mar 2013 01:42 PM IST
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शौहर के बेरहम कत्ल से बेजार सीओ जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद बार-बार बेसुध हो जाती हैं। मुख्यमंत्री उनको ढांढस बंधाने पहुंचे और उनकी तमाम मांगें मान भी लीं लेकिन पति के हत्यारों को सजा दिलाए बगैर उन्हें चैन कहां। बार-बार बोल उठती हैं-‘राजा भैया कातिल है, कुंडा में राजा भैया की मर्जी के बिनापत्ता भी नहीं हिलता। वहां का पुलिस-प्रशासन बिका हुआ है। सब चूहे की तरह हैं।’ लंबी लड़ाई का संकेत देते हुए परवीन कहती हैं, ‘न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठूंगी।’
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दुखों के समंदर में डूबीं परवीन मीडिया के सामने बेहद संजीदगी से पेश आती हैं। वे कहती हैं, ‘राजा कुंडा में हो तो हर अफसर को उनके दरबार में जी-हुजूरी के लिए दस्तक देनी होती है। सीओ ऐसा न करके शुरुआत में ही निशाने पर आ गए थे। वह कई जांच कर रहे थे, जिसे राजा भैया के लोग अपने हिसाब से घुमाना चाहते थे। मगर उन्हें यह सब मंजूर नहीं था।
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कुंडा जाने के बाद वह कई बार बता चुके थे कि यहां राजा की मर्जी के बिना कुछ नहीं होता। ..और वह वर्दी पहनकर उनके हिसाब से कर नहीं सकते।’ सुबह से लेकर शाम तक आने-जाने वाले लोगों से अपनी पीर को साझा करती परवीन कई बार बेसुध हुईं। लोग उन्हें संभालते, वह सचेत होतीं तो फिर सीओ की हत्या की रट।
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बकौल परवीन, ‘सीओ की साजिशन हत्या हुई है। उनके दोनों पैर में एक ही जगह गोली मारी गई। गांव वाले इस तरह नहीं मार सकते। भीड़ कभी जान से नहीं मारती। उन्हें राड से मारा गया.. घसीट-घसीट कर मारा गया। लाश को देखने से लगा कि बांधकर पीटा गया है। सिर, पैर और सीने में जिस तरह गोली मारी गई, वह हत्या की नीयत से ही थी। अभी तक उनकी रिवाल्वर और मोबाइल गायब है।
उनकी नाभि और सिर में मिट्टी लगी थी। मारने के बाद चार-पांच घंटे तक वहीं मिट्टी में छोड़ दिया गया। कोई भी समझ सकता है कि ..। मैं प्रतापगढ़ पहुंची तो कोई सही जवाब देने वाला नहीं था। सब ऊपर से दबाव में थे। पुलिस के आरटी सेट पर पल-पल की रिपोर्ट होती है।..वहां घंटों सब कुछ होता रहा पुलिस वाले गायब रहे।..यह साजिश नहीं तो क्या है?’
राजा भैया के इस्तीफे, मुख्यमंत्री की मुलाकात और 50 लाख के मुआवजे के बाद कई लोगों को इस बात की उम्मीद थी कि परवीन शायद नरम पड़ जाएंगी। मगर सीएम के वहां से हटते ही साफ हो गया कि वह न्याय के लिए वह लंबी लड़ाई को तैयार हैं। उन्होंने सीएम के जाते ही दुहराया कि राजा भैया की गिरफ्तारी होनी चाहिए। हत्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए। बकौल परवीन, मैंने अपनी मांगें न सिर्फ सीएम को जुबानी बताई है बल्कि लिखकर भी दिया है। इंसाफ मिलने तक चुप बैठने वाली नहीं।’