{"_id":"6862de1d3bcf0fd274051245","slug":"very-serious-female-patients-will-be-able-to-be-treated-raebareli-news-c-101-1-slko1033-136129-2025-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: अति गंभीर महिला मरीजों का हो सकेगा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: अति गंभीर महिला मरीजों का हो सकेगा इलाज
Tue, 01 Jul 2025 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 01 Jul 2025 12:27 AM IST
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में खुली हाई डिपेंडेंसी यूनिट में भर्ती महिलाएं।
रायबरेली। उच्च जोखिम गर्भावस्था व गंभीर बीमारी से पीड़ित महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए जिला महिला अस्पताल में आठ बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) खुल गई है। यूनिट ने काम करना शुरू कर दिया है। गंभीर हालत में दो प्रसूताओं को भर्ती किया गया है। अब गंभीर महिलाओं को एम्स रेफर नहीं करना पड़ेगा।
यूनिट में भर्ती मरीजों को मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल जैसी सुविधाएं देने की व्यवस्था की जा रही है। यूनिट के प्रत्येक बेड को मॉनीटर सिस्टम व बाईपैप मशीन से जोड़ा गया है। भर्ती महिलाओं को जांच व ऑक्सीजन की सुविधा भी बेड पर ही मिल सकेगी। जिला महिला अस्पताल में हर महीने 200 से अधिक महिलाओं का सिजेरियन प्रसव होता है। सामान्य प्रसव की संख्या भी 300 से अधिक रहती है।
सांस, हृदयरोग व बच्चे में धड़कन की कमी की परेशानी पर प्रसूताओं को एम्स या लखनऊ रेफर करना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद कुछ महिलाओं की हालत गंभीर हो जाती है। प्रसूताओं की परेशानी को देखते हुए महिला अस्पताल में एचडीयू यूनिट तैयार की गई है। पहली मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर के बगल में यूनिट स्थापित की गई है।
विज्ञापन
यूनिट में एक साथ आठ महिलाओं को भर्ती करने की व्यवस्था है। इस वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए नियमित तौर पर ईएमओ की ड्यूटी लगाई गई। अस्पताल में इस वार्ड के लिए पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी जल्द ही खरीदी जाएगी।
विज्ञापन
यूनिट में भर्ती मरीजों को मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल जैसी सुविधाएं देने की व्यवस्था की जा रही है। यूनिट के प्रत्येक बेड को मॉनीटर सिस्टम व बाईपैप मशीन से जोड़ा गया है। भर्ती महिलाओं को जांच व ऑक्सीजन की सुविधा भी बेड पर ही मिल सकेगी। जिला महिला अस्पताल में हर महीने 200 से अधिक महिलाओं का सिजेरियन प्रसव होता है। सामान्य प्रसव की संख्या भी 300 से अधिक रहती है।
विज्ञापन
सांस, हृदयरोग व बच्चे में धड़कन की कमी की परेशानी पर प्रसूताओं को एम्स या लखनऊ रेफर करना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद कुछ महिलाओं की हालत गंभीर हो जाती है। प्रसूताओं की परेशानी को देखते हुए महिला अस्पताल में एचडीयू यूनिट तैयार की गई है। पहली मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर के बगल में यूनिट स्थापित की गई है।
विज्ञापन
यूनिट में एक साथ आठ महिलाओं को भर्ती करने की व्यवस्था है। इस वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए नियमित तौर पर ईएमओ की ड्यूटी लगाई गई। अस्पताल में इस वार्ड के लिए पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी जल्द ही खरीदी जाएगी।