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Raebareli News: 16 लाख लोगों को कोरोना का खतरा, नहीं लगी बूस्टर डोज

Fri, 23 Dec 2022 05:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Dec 2022 05:00 AM IST
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vaccination
रायबरेली। विदेशों में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच जिले के करीब 16 लाख लोगों पर संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाई है। जिले में 24.23 लाख लोग कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं। इसमें से महज 8.22 लाख लोगों को ही बूस्टर लग सका है।
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टीकाकरण सेंटरों पर लोगों के न आने के कारण विभाग भी वैक्सीन नहीं मंगवा रहा है। उधर, संक्रमण का खतरा बढ़ने पर केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी होने के बाद गुरुवार को जिला अस्पताल में बूस्टर लगवाने के लिए लोगों की लाइन लग गई।
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कोरोना से बचने के लिए टीका ही सहारा है। जिले में 24.68 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली और 24.23 लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। पहली डोज लगवाने के बाद करीब 45 हजार लोगों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई। वहीं जिले में बूस्टर डोज लगवाने में भी लोग सुस्त हैं।
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अब तक 8,22,700 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। करीब 16 लाख लोग बूस्टर डोज से वंचित हैं। इन लोगों में कोरोना के संक्रमण का खतरा ज्यादा है। अब गाइडलाइन जारी होने के बाद गुरुवार को जिला अस्पताल में टीका लगवाने के लिए लोगों की भीड़ लग गई।
हालांकि वैक्सीन की कमी के कारण लोगों को लौटना पड़ा। बेलाभेला और ऊंचाहार सीएचसी में उपलब्ध वैक्सीन से लोगों में बूस्टर डोज लगाए गए। अन्य सीएचसी में वैक्सीन न होने के कारण टीका लगाने का काम ठप है। गुरुवार को सीएमओ ने वैक्सीन की डिमांड भेजी है।
अब जीनोम सीक्वेंसिंग जरूरी, पीएसी पहुंची टीम
एलटी अनिरुद्ध द्विवेदी की टीम ने गुरुवार को 25वीं वाहिनी पीएसी पहुंचकर 100 जवानों की कोरोना की जांच की। जांच में कोई संक्रमित नहीं मिला। उधर, संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए कोरोना संक्रमित मिलने वाले लोगों में अब कोरोना वैरिएंट का पता लगाने के आदेश दिए गए हैं।
इसके लिए सीनोम सीक्वेंसिंग जांच को अनिवार्य कर दिया गया है। जांच व टीकाकरण प्रभारी डॉ. ऋषि बागची ने बताया कि संक्रमित मिलने वाले लोगों में वैरिएंट का पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी। इसके लिए सभी जांच टीमों को निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को टीम ने पीएचसी पहुंचकर लोगों की कोरोना की जांच की।

गुरुवार को 850 लोगों की हुई जांच
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी सीएचसी और पीएचसी अधीक्षकों को संदिग्ध लोगों की कोरोना की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। अब तक रोजाना करीब 400 लोगों की जांच की जा रही थी, लेकिन गुरुवार को 850 लोगों की जांच की गई। सीएमओ ने सभी अधीक्षकों को सीएचसी आने वाले जुकाम-बुखार के मरीजों की कोरोना जरूर कराने के निर्देश दिए हैं।
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