यूपी: चाचा से विवाद में लाठी-डंडों से पीटकर युवक की हत्या,'पानी पिला दो' कहकर एक घंटे तक मदद के लिए चीखता रहा
रायबरेली के खीरों थाना क्षेत्र के एकौनी गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पिता की पिटाई से नाराज एक भाई ने खेत की रखवाली करने गए दूसरे भाई पर लाठी-डंडों से लगातार हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विस्तार
रायबरेली के थाना क्षेत्र के एकौनी गांव में शुक्रवार की रात करीब 12 बजे आपसी विवाद में 24 वर्षीय युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। युवक का शव गांव से करीब 500 मीटर दूर खेतों में पड़ा मिला। मारपीट में उसका चाचा भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे सीएचसी लालगंज से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। दिन में हुए विवाद के बाद रात में हुई इस हत्या ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार की दोपहर में हुई मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है । जिसका अमर उजाला कोई पुष्टि नही करता है।
एकौनी निवासी शिवबाबू (24) पुत्र चंद्रलाल शुक्रवार दोपहर अपने चाचा चंद्रपाल की बाइक लेकर कहीं जाने लगा था। इसी बात को लेकर चाचा चंद्रपाल, चाची सविता, चचेरे भाई अमृतलाल उर्फ मन्नू और शिवबाबू के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि चारों ने शिवबाबू की पिटाई कर दी, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा। किसी ग्रामीण ने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया।
परिजनों के अनुसार, इसके बाद भी दोनों पक्षों में देर शाम तक कहासुनी होती रही। रात में चंद्रपाल गांव से बाहर अमित सिंह के खेत में बटाई पर ली गई सब्जी की फसल की रखवाली करने चला गया। करीब 12 बजे शिवबाबू भी वहां पहुंच गया। विवाद की सूचना मिलने पर परिवार के कई लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां शिवबाबू को बेरहमी से पीटा गया। उसके सिर में गंभीर चोट लगी और हाथ-पैर की कई हड्डियां टूट गईं। मारपीट में चंद्रपाल भी घायल हो गया।
परिजन चंद्रपाल को सीएचसी लालगंज ले गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर खीरों पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में क्षेत्राधिकारी लालगंज और अपर पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से जानकारी ली।
‘पानी पिला दो’ की आवाज रात के सन्नाटे में गूंजती रही
घटनास्थल के आसपास बने मचान पर रह रहे लोगों के अनुसार, चंद्रपाल को जब लोग बाइक से लेकर वहां से चले गए, उसके करीब एक घंटे तक शिवबाबू खेत में पड़ा ‘पानी पिला दो... पानी पिला दो...’ कहकर मदद के लिए पुकारता रहा। लोगों का कहना है कि डर के कारण कोई उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। ग्रामीणों के मुताबिक यदि उसी समय शिवबाबू को भी अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
पिता को सुबह मिली बेटे की मौत की खबर
परिजनों के मुताबिक मारपीट के बाद शिवबाबू के बड़े भाई रामबाबू, चाची सविता और चचेरे भाई अमृतलाल उर्फ मन्नू घायल चंद्रपाल को लेकर घर पहुंचे। बताया गया कि शिवबाबू मारपीट के बाद कहीं भाग गया है। शिवबाबू के पिता चंद्रलाल भी चंद्रपाल के साथ अस्पताल चले गए। सुबह करीब 7:30 बजे रिश्तेदारों से उन्हें बेटे की हत्या की जानकारी मिली तो वह अस्पताल से गांव लौटे।
मां बोली-बेटा शौच के लिए कहकर घर से निकला था
शिवबाबू की मां फूलमती ने बताया कि शुक्रवार दिन में बाइक को लेकर बेटे की चाचा व अन्य परिजनों से मारपीट हुई थी। उस समय पुलिस भी गांव आई थी। रात करीब 12 बजे बेटा शौच के लिए जाने की बात कहकर घर से निकला था। बाद में जब घायल चंद्रपाल को घर लाया गया तो बताया गया कि शिवबाबू लड़ाई करके कहीं चला गया है। रात में उसे किसी ने घटना की जानकारी नहीं दी। सुबह गांव वालों से बेटे की मौत का पता चला।
तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था शिवबाबू
शिवबाबू तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई का नाम रामबाबू और छोटे भाई का नाम सुमित है। उसकी तीन बहनें रोली, रूबी और पूजा हैं। तीनों बहनों और दोनों भाइयों की शादी हो चुकी है। शिवबाबू अविवाहित था। जवान बेटे की मौत से मां फूलमती समेत पूरे परिवार में कोहराम मचा है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज कर घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी लालगंज सुजीत राय और अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह के साथ ही फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जांच किया । दिन में हुई मारपीट के बाद रात में हुई हत्या के मामले में पुलिस की भूमिका और घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है।