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बुखार से दो बच्चों की मौत
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 30 Apr 2017 11:32 PM IST
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fever
- फोटो : amar ujala
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जिले में संक्रामक रोग से लोगों के मरने का सिलसिला नहीं थम रहा है। 24 घंटे के अंदर बुखार की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। डॉक्टरों की मानें तो गर्मी की वजह से रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो मरने वालों की संख्या और बढे़गी। खासकर पानपान ध्यान दिया जाए और धूप से बचा जाए।
जिला अस्पताल हो या फिर सीएचसी-पीएचसी। इन दिनों डायरिया और बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में सलोन निवासी अर्जुन (2) और कोला हैबतपुर गांव की सरिता (सात माह) को बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि गर्मी अधिक पड़ रही है। लापरवाही के चलते लोग डायरिया, बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को ख्याल रखें। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी कक्ष में संक्रामक रोग के पीड़ित लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं। गंभीर रोगियों को ही भर्ती किया जाता है। अस्पताल आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज किया जाता है।
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जिला अस्पताल हो या फिर सीएचसी-पीएचसी। इन दिनों डायरिया और बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में सलोन निवासी अर्जुन (2) और कोला हैबतपुर गांव की सरिता (सात माह) को बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
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सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि गर्मी अधिक पड़ रही है। लापरवाही के चलते लोग डायरिया, बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को ख्याल रखें। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी कक्ष में संक्रामक रोग के पीड़ित लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं। गंभीर रोगियों को ही भर्ती किया जाता है। अस्पताल आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज किया जाता है।
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