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झकरासी में बसेगा ट्रांसपोर्ट नगर, 10 एकड़ भूमि चिन्हित
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रायबरेली। पिछले दो साल से शहर में ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए चल रही मांग अब जल्द पूरी होने वाली है। जिला प्रशासन ने करीब 10 एकड़ भूमि मुंशीगंज बाईपास के पास झकरासी में चिह्नित कर ली है। जिले स्तर पर जमीन का बंदोबस्त किए जाने के बाद प्रमुख सचिव को डीएम ने पत्र भेज दिया है। शासन स्तर से एनओसी मिलने के बाद जमीन के अधिग्रहण के साथ ही नगर बसाने का काम शुरू हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट नगर बसने के बाद जिले के ट्रांसपोर्टरों को बड़ी सहूलियतें मिल जाएंगी।
प्रदेश के अन्य शहरों की तरह रायबरेली में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बसाया गया है। इसके लिए दो साल पहले ही जिले के ट्रांसपोर्टरों ने तत्कालीन डीएम से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी और ट्रांसपोर्टरों के ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया था।
तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरडीए को जमीन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। डीएम ने सुल्तानपुर रोड, मुंशीगंज सहित अन्य स्थानों पर जमीन का निरीक्षण भी किया था।
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बाद में तत्कालीन डीएम के स्थानांतरण के बाद ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए प्रक्रिया थम गई थी। अब डीएम वैभव श्रीवास्तव ने ट्रांसपोर्टरों की मांग को पूरा करने के काम में जुट गए हैं। डीएम के प्रयास से लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर मुंशीगंज बाईपास के पास करीब 10 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली है।
जिले स्तर पर चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीएम ने पत्र प्रमुख सचिव को भेज दिया है। शासन ने एनओसी मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन के अधिग्रहण का काम शुरू कराया जाएगा। जल्द ही ट्रांसपोर्टरों को जिला प्रशासन की ओर से सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
पार्किंग, सड़क, पानी आदि की व्यवस्था करेगा आरडीए
ट्रांसपोर्ट नगर में रायबरेली विकास प्राधिकरण की ओर से ट्रांसपोर्टरों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। पार्किंग के साथ ही सड़क, पानी आदि की व्यवस्था होगी। ढाबे की व्यवस्था भी कराई जा सकती है। ट्रांसपोर्टरों को आवासीय व व्यवसायिक प्लाट आवंटित किए जाएंगे। गोदाम भी व्यवसायिक उपयोग के लिए बनवाए जा सकेंगे। इसके अलावा ट्रांसपोर्टर अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को संचालित कर सकेंगे।
हाईवे पर व्यवसायिक कांप्लेक्स की मंशा अधूरी
शासन ने प्राधिकरणों को हाईवे के किनारे व्यवसायिक गतिविधियों के लिए कांप्लेक्स की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। रायबरेली विकास प्राधिकरण ने भी इसके लिए काम शुरू किया था, लेकिन हाईवे के किनारे शहर में जमीन की अब तक व्यवस्था न हो पाने के कारण मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। हालांकि इसके लिए डीएम के स्तर से कवायद जारी है।
ट्रांसपोर्टरों की मांग पर ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए कवायद चल रही है। झकरासी के बाद करीब 10 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इस संबंध में प्रमुख सचिव (आवास) को एनओसी के लिए पत्र भेजा गया है।
वैभव श्रीवास्तव, डीएम/ उपाध्यक्ष, आरडीए
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प्रदेश के अन्य शहरों की तरह रायबरेली में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बसाया गया है। इसके लिए दो साल पहले ही जिले के ट्रांसपोर्टरों ने तत्कालीन डीएम से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी और ट्रांसपोर्टरों के ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया था।
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तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरडीए को जमीन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। डीएम ने सुल्तानपुर रोड, मुंशीगंज सहित अन्य स्थानों पर जमीन का निरीक्षण भी किया था।
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बाद में तत्कालीन डीएम के स्थानांतरण के बाद ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए प्रक्रिया थम गई थी। अब डीएम वैभव श्रीवास्तव ने ट्रांसपोर्टरों की मांग को पूरा करने के काम में जुट गए हैं। डीएम के प्रयास से लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर मुंशीगंज बाईपास के पास करीब 10 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली है।
जिले स्तर पर चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीएम ने पत्र प्रमुख सचिव को भेज दिया है। शासन ने एनओसी मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन के अधिग्रहण का काम शुरू कराया जाएगा। जल्द ही ट्रांसपोर्टरों को जिला प्रशासन की ओर से सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
पार्किंग, सड़क, पानी आदि की व्यवस्था करेगा आरडीए
ट्रांसपोर्ट नगर में रायबरेली विकास प्राधिकरण की ओर से ट्रांसपोर्टरों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। पार्किंग के साथ ही सड़क, पानी आदि की व्यवस्था होगी। ढाबे की व्यवस्था भी कराई जा सकती है। ट्रांसपोर्टरों को आवासीय व व्यवसायिक प्लाट आवंटित किए जाएंगे। गोदाम भी व्यवसायिक उपयोग के लिए बनवाए जा सकेंगे। इसके अलावा ट्रांसपोर्टर अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को संचालित कर सकेंगे।
हाईवे पर व्यवसायिक कांप्लेक्स की मंशा अधूरी
शासन ने प्राधिकरणों को हाईवे के किनारे व्यवसायिक गतिविधियों के लिए कांप्लेक्स की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। रायबरेली विकास प्राधिकरण ने भी इसके लिए काम शुरू किया था, लेकिन हाईवे के किनारे शहर में जमीन की अब तक व्यवस्था न हो पाने के कारण मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। हालांकि इसके लिए डीएम के स्तर से कवायद जारी है।
ट्रांसपोर्टरों की मांग पर ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए कवायद चल रही है। झकरासी के बाद करीब 10 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इस संबंध में प्रमुख सचिव (आवास) को एनओसी के लिए पत्र भेजा गया है।
वैभव श्रीवास्तव, डीएम/ उपाध्यक्ष, आरडीए