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Raebareli News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा बुजुर्ग की मौत का राज
Sat, 05 Jul 2025 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 05 Jul 2025 12:28 AM IST
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रायबरेली। हरचंदपुर कस्बे में बृहस्पतिवार को घर के भीतर 80 वर्षीय सूरज अग्निहोत्री का शव उनके कमरे में मिला था। वहीं, मानसिक रूप से बीमार उनकी बहन सीता बदहवास हालत में मिली थीं। बुजुर्ग की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा। सीता को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
बृहस्पतिवार सुबह सूरज अग्निहोत्री के मकान से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी थी। पुलिस ने पहुंचकर देखा कि सूरज का शव पड़ा हुआ था और पास ही उनकी मानसिक रूप से बीमार बहन सीता बैठी हुई थीं। माहौल देखकर लग रहा था कि शव चार दिन पुराना है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर आरती सिंह सीता को सीएचसी ले आई थीं। महिला के शरीर में कई जगह घाव थे और उनमें कीड़े लग गए थे।
किसी तरह उनका प्राथमिक इलाज किया गया, उसके बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरती सिंह ने बताया कि महिला कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। वह यहां कैसे पहुंचीं और हादसा कैसे हुआ, इसपर वह कोई जानकारी नहीं दे सकीं।
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पड़ोसियों के मुताबिक, सूरज अग्निहोत्री के पास 20 साल पहले बहुत प्रापर्टी थी। उनका मुंबई में कारोबार था। अचानक वर्ष 2004 में वे गांव लौट आए और बहन के साथ रहने लगे। धीरे-धीरे सारी संपत्ति बिक गई। सब इंस्पेक्टर चक्रधर पांडेय ने बताया कि सूरज अपनी बहन का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में कोई अन्य सदस्य नहीं था। ग्राम प्रधान और पड़ोसियों की मदद से शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चलेगा।
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बृहस्पतिवार सुबह सूरज अग्निहोत्री के मकान से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी थी। पुलिस ने पहुंचकर देखा कि सूरज का शव पड़ा हुआ था और पास ही उनकी मानसिक रूप से बीमार बहन सीता बैठी हुई थीं। माहौल देखकर लग रहा था कि शव चार दिन पुराना है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर आरती सिंह सीता को सीएचसी ले आई थीं। महिला के शरीर में कई जगह घाव थे और उनमें कीड़े लग गए थे।
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किसी तरह उनका प्राथमिक इलाज किया गया, उसके बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरती सिंह ने बताया कि महिला कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। वह यहां कैसे पहुंचीं और हादसा कैसे हुआ, इसपर वह कोई जानकारी नहीं दे सकीं।
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पड़ोसियों के मुताबिक, सूरज अग्निहोत्री के पास 20 साल पहले बहुत प्रापर्टी थी। उनका मुंबई में कारोबार था। अचानक वर्ष 2004 में वे गांव लौट आए और बहन के साथ रहने लगे। धीरे-धीरे सारी संपत्ति बिक गई। सब इंस्पेक्टर चक्रधर पांडेय ने बताया कि सूरज अपनी बहन का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में कोई अन्य सदस्य नहीं था। ग्राम प्रधान और पड़ोसियों की मदद से शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चलेगा।