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80 हजार किताबों की पहली खेप आई
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रायबरेली। कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण के लिए आपूर्ति शुरू हो गई है। सोमवार को कक्षा छह के दो विषयों की किताबों की पहली खेप यहां पहुंची, जिसे सुरक्षित रखवा दिया गया है। उम्मीद है कि इसी महीने शत-प्रतिशत आपूर्ति हो जाएगी। इसके बाद किताबें ब्लॉक संसाधन केंद्र और फिर वहां से स्कूलों तक पहुंचाई जाएंगी, ताकि बच्चों में वितरण किया जा सके।
जिले में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं का इस सत्र का नामांकन लक्ष्य 3.35 लाख है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 3.07 लाख बच्चों के नामांकन हो चुके हैं। इस बार पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति देर से होने की आशंका को देखते हुए पिछले सत्र की किताबें ही बच्चों से जमा कराकर इस साल बांटी गई हैं। नई पाठ्य पुस्तकें मंगाने की प्रक्रिया जून में शुरू हो गई थी। पखवारे भर पहले प्रकाशकों को क्रयादेश भी भेज दिया गया था। इसके तहत 3.25 लाख बच्चों के लिए 21.30 लाख किताबें मंगाई जा रही हैं। इसमें 19 लाख 12 हजार 708 पाठ्य पुस्तकें और दो लाख 17 हजार 597 कार्य पुस्तिकाएं शामिल हैं। मंगाई जाने वाली पाठ्य पुस्तकों और कार्य पुस्तिकाओं में हिंदी माध्यम की 17 लाख 52 हजार 659, अंग्रेजी माध्यम की एक लाख 55 हजार 262 और उर्दू माध्यम की 4184 किताबें शामिल हैं।
यह संभावना जताई जा रही थी कि किताबों की आपूर्ति जुलाई के अंत तक शुरू होगी, लेकिन किताबों की पहली खेप अभी आ गई है। इसमें कक्षा छह की अक्षरा 40214 और इंग्लिश रीडर 40214 शामिल है। जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि 3.25 लाख बच्चों के लिए 21.30 लाख पाठ्य पुस्तकों और कार्य पुस्तिकाओं का क्रयादेश प्रकाशकों को भेज दिया गया था। पाठ्य पुस्तकों के 90 दिन और कार्य पुस्तिकाओं के 120 दिन के भीतर शत-प्रतिशत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। 80 हजार किताबों की पहली खेप आ गई है, जिसे सुरक्षित रखवा दिया गया है। शत-प्रतिशत आपूर्ति मिलने के बाद इन्हें बीआरसी और फिर वहां से विद्यालयों को भेजी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति जल्द से जल्द हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
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जिले में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं का इस सत्र का नामांकन लक्ष्य 3.35 लाख है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 3.07 लाख बच्चों के नामांकन हो चुके हैं। इस बार पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति देर से होने की आशंका को देखते हुए पिछले सत्र की किताबें ही बच्चों से जमा कराकर इस साल बांटी गई हैं। नई पाठ्य पुस्तकें मंगाने की प्रक्रिया जून में शुरू हो गई थी। पखवारे भर पहले प्रकाशकों को क्रयादेश भी भेज दिया गया था। इसके तहत 3.25 लाख बच्चों के लिए 21.30 लाख किताबें मंगाई जा रही हैं। इसमें 19 लाख 12 हजार 708 पाठ्य पुस्तकें और दो लाख 17 हजार 597 कार्य पुस्तिकाएं शामिल हैं। मंगाई जाने वाली पाठ्य पुस्तकों और कार्य पुस्तिकाओं में हिंदी माध्यम की 17 लाख 52 हजार 659, अंग्रेजी माध्यम की एक लाख 55 हजार 262 और उर्दू माध्यम की 4184 किताबें शामिल हैं।
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यह संभावना जताई जा रही थी कि किताबों की आपूर्ति जुलाई के अंत तक शुरू होगी, लेकिन किताबों की पहली खेप अभी आ गई है। इसमें कक्षा छह की अक्षरा 40214 और इंग्लिश रीडर 40214 शामिल है। जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि 3.25 लाख बच्चों के लिए 21.30 लाख पाठ्य पुस्तकों और कार्य पुस्तिकाओं का क्रयादेश प्रकाशकों को भेज दिया गया था। पाठ्य पुस्तकों के 90 दिन और कार्य पुस्तिकाओं के 120 दिन के भीतर शत-प्रतिशत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। 80 हजार किताबों की पहली खेप आ गई है, जिसे सुरक्षित रखवा दिया गया है। शत-प्रतिशत आपूर्ति मिलने के बाद इन्हें बीआरसी और फिर वहां से विद्यालयों को भेजी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति जल्द से जल्द हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
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