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चुनाव जीतने के साथ ही विरासत बचाने की चुनौती

Sun, 06 Feb 2022 11:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 11:36 PM IST
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The challenge of saving the legacy as well as winning the election
रायबरेली। विधानसभा चुुनाव में इस बार कुछ ऐसे दावेदार हैं, जिनके सामने अपनी विरासत बचाने की चुनौती भी है। दावेदार जनता के बीच जाकर अपनी विरासत के बारे में बताकर वोटरों को पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना ये है कि इस बार जनता का मूड क्या रहता है।
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सदर विधानसभा सीट पर भाजपा के टिकट पर अदिति सिंह चुनाव मैदान में हैं। अदिति सिंह बाहुबली एवं पूर्व विधायक स्व.अखिलेश सिंह की बेटी हैं।
अखिलेश सिंह ने पांच बार सदर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। अखिलेश सिंह के निधन के बाद उनकी बेटी अदिति ने उनकी विरासत संभाली और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की।
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अब अदिति दूसरी बार कांग्रेस छोड़ भाजपा के सहारे चुनावी मैदान मारने के लिए जनता के बीच जा रहीं हैं। खुद से ज्यादा वह अपने पिता के कामों को जनता के बीच में रख रही हैं। इस चुनाव में उनके सामने अपने पिता की विरासत को बचाने की चुनौती है।
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हरचंदपुर विधानसभा सीट पर कभी पूर्व विधायक स्व. शिवगणेश लोधी की राजनीतिक हनक थी। यही वजह रही कि शिवगणेश लोधी दो बार इस सीट से विधायक चुने गए।
उनके निधन के बाद वर्ष 2017 के चुुनाव में उनकी बहू कंचन लोधी भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरीं, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाईं।
इस बार पूर्व विधायक स्व.शिवगणेश लोधी के पुत्र राहुल लोधी सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में बेटे के सामने चुनाव जीत हासिल करने के साथ-साथ पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी है। इस सीट पर प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला दिख रहा है।
सलोन विधानसभा सीट से इस बार अशोक कोरी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पिता पूर्व विधायक स्व.दल बहादुर कोरी इस सीट पर तीन बार विधायक चुने गए थे। वह राज्यमंत्री भी बनाए गए थे। सलोन विधानसभा क्षेत्र में उनका एक लंबा राजनीतिक सफर था। ऐसे में उनके बेटे के लिए यह चुनाव किसी इम्तिहान से कम नहीं है, जहां उन्हें चुनाव जीतने के साथ पिता की विरासत बचाने की चुनौती है।
दांव पर लगी दिग्गजों की प्रतिष्ठा
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। कोई दूसरी बार तो कोई पहली बार चुनाव मैदान में कूदा है। ऊंचाहार विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री डॉ.मनोज कुमार पांडेय तीसरी बार सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह इस सीट पर मौजूदा विधायक हैं।
ऐेसे में इस चुनाव में पूर्व मंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य ऊंचाहार विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इनकी भी प्रतिष्ठा दांव पर है।
सरेनी विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र बहादुर सिंह दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं, जबकि इसी सीट पर सपा के टिकट पर पूर्व विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, कांग्रेस के टिकट पर सुधा द्विवेदी चुनाव मैदान में हैं।

इन तीनों दावेदारों की प्रतिष्ठा दांव पर है। हरचंदपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे सुरेंद्र विक्रम सिंह और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे मौजूदा विधायक राकेश सिंह के राजनीतिक कौशल की भी परीक्षा है।
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