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Raebareli News: पांच साल से सूखा रजबाहा, सिल्ट सफाई में दो करोड़ खर्च

Sat, 06 Dec 2025 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Sat, 06 Dec 2025 12:32 AM IST
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The canal has been dry for five years, and two crore rupees have been spent on silt cleaning.
रायबरेली। खजूरगांव रजबाहा में पांच साल से पानी नहीं आया है। रजबाहा में धूल उड़ रही है। इसके बावजूद सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों ने इन रजबाहा की सिल्ट सफाई के नाम पर पांच साल में दो करोड़ से अधिक रुपये खर्च कर डाले। इस सवाल पर अफसर खामोश है कि जब पानी नहीं आया तो फिर सिल्ट सफाई के नाम पर इतनी भारी भरकम धनराशि क्यों खर्च की गई।
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रजबाहा में पानी न आने के कारण सौ से अधिक गांवों के 50 हजार से अधिक किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए अपनी जेब ढीली कर परेशाना उठाना पड़ रही है। सबसे खराब स्थिति छोटे किसानों की है, जिनके पास सिंचाई के संसाधन के लिए पैसे नहीं हैं। इस कारण उनको खेतों की सिंचाई के लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाने पड़ते हैं। इस रजबाहा का सीधा कनेक्शन उन्नाव के डौंडियाखेड़ा नहर पंप से है। ऐसे में पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्नाव के अधिकारियों के हाथ में है।
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रबी सीजन की फसल के लिए किसान खेतों को तैयार करने में जुटे हुए हैं, वहीं खजूरगांव से जुड़े सात रजबाहा व माइनर में पानी नहीं आ रहा है। भोजपुर रजबाहा में भी पानी न होने से किसान पिछले पांच साल से परेशान हैं। इस दौरान सिंचाई न होने से कई किसानों की खेती चौपट हो गई है। किसानों का कहना है कि खजूरगांव रजबाहा से भोजपुर कस्बा के आसपास के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
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किसान रामकुमार, अजय कुमार व राकेश का कहना है कि रजबाहा में पानी न आने से सिंचाई के लिए निजी नलकूपों का सहारा है। शिकायत के बावजूद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पांच साल से पानी न आने के बावजूद हर साल रजबाहा में सिल्ट सफाई की जा रही है। पानी के बिना हर साल रजबाहा में सिल्ट कैसे जमा हो रही है। इस सवाल पर विभागीय अधिकारी भी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
हर साल सिल्ट सफाई पर 40 से 50 लाख का खर्च
खजूरगांव रजबाहा से निकले भोजपुर रजबाहा के साथ अन्य माइनरों की सिल्ट सफाई में हर साल 40 से 50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पानी ही नहीं आया तो सिल्ट सफाई के नाम पर रजबाहा की सफाई क्यों की जा रही है। रजबाहा से छतौना, तालकटैला, रानीखेड़ा, राजापुर, भोजपुर, दलीपुर व गोसाई खेड़ा सहित लगभग एक सैकड़ा गांव के किसान सिंचाई के लिए पानी आने का इंतजार कर रहे हैं।

डौंडियाखेड़ा पंप जर्जर होने से नहीं आ रहा पानी
डौंडियाखेड़ा नहर पंप जर्जर होने के कारण इससे जुड़े रजबाहों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके बाद भी सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों ने सिल्ट सफाई के नाम पर भारी भरकम धनराशि खर्च कर डाली। इस संबंध में शारदा सहायक खंड उन्नाव के एक्सईएन गगन कुमार का कहना है कि डौंडियाखेड़ा नहर पंप के सात पंप जर्जर थे, उनकी मरम्मत का काम करा दिया गया है। भरोसा दिलाया कि 10 दिसंबर तक खजूरगांव और उससे जुड़े रजबाहा में पानी आ जाएगा।
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