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Raebareli News: वाहनों का टेंडर लेने वाली एजेंसी मिली दोषी
Sun, 22 Jun 2025 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 22 Jun 2025 01:01 AM IST
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रायबरेली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत डॉक्टरों व टीमों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए वाहन एजेंसी की सेवाओं को रोक दिया गया है। जांच में प्रथम दृष्टया एजेंसी दोषी मिली है। टेंडर के अनुबंधों के विपरीत वाहन उपलब्ध कराने पर यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, एजेंसी को एक मौका दिया गया है। अनुबंध के अनुरूप वाहन उपलब्ध न कराने पर टेंडर को निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सभी सीएचसी से रोजाना दो टीमें स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की सेहत जांचती हैं। आरबीएसके के लिए 36 वाहनों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर काम प्रिलायंस ग्लाबल प्राइवेट लिमिटेड प्रतापगढ़ को दिया गया था। सीएमओ ने बीती 13 फरवरी को अनुबंध के तहत वाहन उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। एजेंसी को वर्ष 2021 के बाद के मॉडल के वाहन ही उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। इसके अलावा अनुबंध में अन्य निर्देश भी दिए गए थे।
एजेंसी ने अनुबंध के विपरीत और अनफिट वाहन उपलब्ध करा दिए। कई सीएचसी में तो पर्याप्त वाहन भी अब तक नहीं दिए। बीती 24 मई को वाहनों की सूची उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक सीएमओ को सूची नहीं दी। मामले में अमर उजाला ने कई खबरें प्रकाशित कीं। खबरों को संज्ञान में लेकर सीएमओ ने जांच कराई।
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जांच में अनुबंध के विपरीत वाहन उपलब्ध कराए जाने के दोषी मिलने के बाद सेवाओं को रोक दिया गया है। एजेंसी को अपने वाहनों को वापस लेने के आदेश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि एजेंसी को अनुबंध के अनुरूप वाहन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर अनुबंध को खत्म कर दिया जाएगा।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सभी सीएचसी से रोजाना दो टीमें स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की सेहत जांचती हैं। आरबीएसके के लिए 36 वाहनों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर काम प्रिलायंस ग्लाबल प्राइवेट लिमिटेड प्रतापगढ़ को दिया गया था। सीएमओ ने बीती 13 फरवरी को अनुबंध के तहत वाहन उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। एजेंसी को वर्ष 2021 के बाद के मॉडल के वाहन ही उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। इसके अलावा अनुबंध में अन्य निर्देश भी दिए गए थे।
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एजेंसी ने अनुबंध के विपरीत और अनफिट वाहन उपलब्ध करा दिए। कई सीएचसी में तो पर्याप्त वाहन भी अब तक नहीं दिए। बीती 24 मई को वाहनों की सूची उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक सीएमओ को सूची नहीं दी। मामले में अमर उजाला ने कई खबरें प्रकाशित कीं। खबरों को संज्ञान में लेकर सीएमओ ने जांच कराई।
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जांच में अनुबंध के विपरीत वाहन उपलब्ध कराए जाने के दोषी मिलने के बाद सेवाओं को रोक दिया गया है। एजेंसी को अपने वाहनों को वापस लेने के आदेश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि एजेंसी को अनुबंध के अनुरूप वाहन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर अनुबंध को खत्म कर दिया जाएगा।