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पुरानी पेंशन, डीए के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों ने बुलंद की आवाज

Thu, 28 Oct 2021 09:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 09:51 PM IST
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Teachers employees raised their voice for old pension
रायबरेली। पुरानी पेंशन बहाली, 18 महीने के डीए बकाया का भुगतान समेत कई अन्य मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, शिक्षकों ने पुरजोर तरीके से आवाज बुलंद की।
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कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच के बैनर तले विकास भवन परिसर में हुए धरना प्रदर्शन में शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धरनास्थल पर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया।
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मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में विभिन्न विभागों के कार्मिकों की अलग-अलग समस्याएं उठाई गईं। साथ ही 30 नवंबर को लखनऊ में राज्य स्तरीय विशाल रैली का फैसला लिया गया।
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धरना प्रदर्शन में मंच के संयोजक रवींद्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संजय पाठक, सीएम श्रीवास्तव ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए और 18 महीने का डीए बकाया दिया जाए।
प्राथमिक शिक्षक संघ के मुकेश द्विवेदी ने कहा कि प्रत्येक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति की जाए। संविलियन की व्यवस्था खत्म की जाए।
माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री जगजीवन प्रसाद शुक्ल ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाते हुए समान कार्य समान वेतनमान का भुगतान किया जाए। बृजेश कुमार सोनकर, नीरज वर्मा, अजय कुमार, अखिलेश्वर ने भी विचार व्यक्त किए।

ज्ञापन में शामिल रही 65 सूत्री मांगें
मुख्यमंत्री को संबोधित छह पेज के ज्ञापन में अलग-अलग विभागों से संबंधित 65 सूत्री मांगें शामिल रहीं। इसमें पेंशन के मुद्दे को जोरदारी से उठाया गया।
राज्य कर्मचारियों, परिषदीय शिक्षकों, लिपिक संवर्ग, जूनियर इंजीनियरों, राजस्व विभाग, नियुक्तियों, निगमों, फील्ड स्तरीय संवर्ग, माध्यमिक शिक्षा, सिंचाई से संबंधित मांगों के साथ ही राज्य कर्मचारी से इतर मानदेय, संविदा, आउटसोर्सिंग, मनरेगा आदि से जुड़ी समस्याओं को शामिल किया गया है। सबसे ज्यादा समस्याएं बेसिक, माध्यमिक और लिपिक संवर्ग से जुड़ी रहीं।
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