{"_id":"82c6af360a66f37d92fdf73686d11852","slug":"sub-inspector-accused-present-in-the-court-amid-tight-security-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी दरोगा को कोर्ट में किया पेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी दरोगा को कोर्ट में किया पेश
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2015 12:11 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद में हुए अधिवक्ता नवी अहमद हत्याकांड की शुक्रवार को जिला जज कोर्ट में सुनवाई हुई। पुलिस और पीएसी के कड़े पहरे में आरोपी दरोगा शैलेंद्र सिंह को अदालत में पेश किया गया।
दरोगा की ओर से कोई वकील सामने नहीं आया। इस वजह से आरोपी दरोगा ने अदालत से अपना अधिवक्ता तय करने के लिए समय मांगा।
जिला जज आरके उपाध्याय ने दरोगा की मौखिक याचना पर अपना अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए समय दिया। अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने एक अक्तूबर की तारीख तय की है।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर बीती 11 मार्च को इलाहाबाद में हुए अधिवक्ता नवी अहमद हत्याकांड की सुनवाई जिले में शुरू हुई है। इस मामले की सुनवाई न करने के लिए सेंट्रल बार एसोसिएशन विरोध कर रही है।
विज्ञापन
वकीलों के विरोध को देखते हुए सुबह से ही दीवानी कचहरी में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई। सीओ सदर सुशील कुमार, सीओ लालगंज राम अर्ज के साथ ही कई थानों की फोर्स, पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
अपराह्न करीब 3:45 बजे नैनी जेल से लाए गए आरोपी दरोगा शैलेंद्र सिंह को कोर्ट में पेश किया गया। वहीं किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद रहे।
कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाए जाने के दौरान दरोगा हाथ जोड़े हुए था। वकीलों के विरोध को देखते हुए उसे अपने ऊपर हमले की आशंका थी।
आरोपी ने कोर्ट में बताया कि उसने अभी मामले में किसी वकील का वकालतनामा नहीं लगाया है। इसलिए उसे अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए समय दिया जाए।
कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया कि यदि वह कोई प्राइवेट अधिवक्ता नहीं नियुक्त कर पाता है तो सरकारी खर्च पर न्यायमित्र अधिवक्ता नियुक्ति करने का प्रार्थनापत्र कोर्ट में दे सकता है। सकुशल पेशी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
दरोगा की ओर से कोई वकील सामने नहीं आया। इस वजह से आरोपी दरोगा ने अदालत से अपना अधिवक्ता तय करने के लिए समय मांगा।
जिला जज आरके उपाध्याय ने दरोगा की मौखिक याचना पर अपना अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए समय दिया। अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने एक अक्तूबर की तारीख तय की है।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय के निर्देश पर बीती 11 मार्च को इलाहाबाद में हुए अधिवक्ता नवी अहमद हत्याकांड की सुनवाई जिले में शुरू हुई है। इस मामले की सुनवाई न करने के लिए सेंट्रल बार एसोसिएशन विरोध कर रही है।
विज्ञापन
वकीलों के विरोध को देखते हुए सुबह से ही दीवानी कचहरी में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई। सीओ सदर सुशील कुमार, सीओ लालगंज राम अर्ज के साथ ही कई थानों की फोर्स, पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
अपराह्न करीब 3:45 बजे नैनी जेल से लाए गए आरोपी दरोगा शैलेंद्र सिंह को कोर्ट में पेश किया गया। वहीं किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद रहे।
कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाए जाने के दौरान दरोगा हाथ जोड़े हुए था। वकीलों के विरोध को देखते हुए उसे अपने ऊपर हमले की आशंका थी।
आरोपी ने कोर्ट में बताया कि उसने अभी मामले में किसी वकील का वकालतनामा नहीं लगाया है। इसलिए उसे अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए समय दिया जाए।
कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया कि यदि वह कोई प्राइवेट अधिवक्ता नहीं नियुक्त कर पाता है तो सरकारी खर्च पर न्यायमित्र अधिवक्ता नियुक्ति करने का प्रार्थनापत्र कोर्ट में दे सकता है। सकुशल पेशी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।