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कस्तूरबा स्कूल की छात्राएं भी चला सकेंगी कंप्यूटर, पी सकेंगी ठंडा पानी
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रायबरेली। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को भी अब कंप्यूटर चलाने का मौका मिल सकेगा। यही नहीं गर्मियों के मौसम से पहले ही फ्रिज की सुविधा भी मिल सकेगी, जिससे छात्राएं ठंडा पानी पी सकेंगी। कपड़े धुलने के लिए अब मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि कस्तूरबा विद्यालयों में वाशिंग मशीन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास शुरू हो गया है।
इसके लिए राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने जिला शिक्षा परियोजना समिति की अध्यक्ष एवं डीएम को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अवस्थापना संबंधी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। इसी क्रम में जिले के शैक्षिक एवं भौतिक परिवेश को आदर्श और गुणवत्तापरक बनाने के लिए हो रहे प्रयासों की समीक्षा की गई तो कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में भौतिक संसाधनों एवं अवस्थापना संबंधी सुविधाओं में कमियां पाई गईं।
उन्होंने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि जिले में 16 कस्तूरबा विद्यालय संचालित हैं। इनमें एक कस्तूरबा विद्यालय में चारदीवारी अपूर्ण है। किसी भी विद्यालय में कंप्यूटर नहीं हैं। इसी तरह 13 विद्यालयों में फ्रिज और 15 विद्यालयों में वाशिंग मशीन नहीं है। तीन कस्तूरबा स्कूलों में गार्ड रूम की व्यवस्था नहीं है। राज्य परियोजना निदेशक ने कस्तूरबा विद्यालयों में सुरक्षा के लिए होमगार्ड या पीआरडी जवान की व्यवस्था कराने की भी बात कही है।
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हालांकि इस बाबत पिछले दिनों यहां हुई बैठक में सीडीओ राकेश कुमार ने महिला होमगार्डों की तैनाती की बात कही थी, लेकिन अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। राज्य परियोजना निदेशक ने डीएम से कहा है कि कस्तूरबा विद्यालयों में जो भी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिक के आधार पर दूर कराएं, ताकि कस्तूरबा स्कूलों में सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हो सकें और छात्राओं को उनका लाभ मिल सके।
उधर, बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जो भी जरूरी भौतिक संसाधन हैं, उन्हें उपलब्ध कराए जाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर महिला होमगार्डों की तैनाती के लिए पिछले दिनों हुई बैठक में सीडीओ ने निर्देश भी दे रखे हैं।
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इसके लिए राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने जिला शिक्षा परियोजना समिति की अध्यक्ष एवं डीएम को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अवस्थापना संबंधी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। इसी क्रम में जिले के शैक्षिक एवं भौतिक परिवेश को आदर्श और गुणवत्तापरक बनाने के लिए हो रहे प्रयासों की समीक्षा की गई तो कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में भौतिक संसाधनों एवं अवस्थापना संबंधी सुविधाओं में कमियां पाई गईं।
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उन्होंने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि जिले में 16 कस्तूरबा विद्यालय संचालित हैं। इनमें एक कस्तूरबा विद्यालय में चारदीवारी अपूर्ण है। किसी भी विद्यालय में कंप्यूटर नहीं हैं। इसी तरह 13 विद्यालयों में फ्रिज और 15 विद्यालयों में वाशिंग मशीन नहीं है। तीन कस्तूरबा स्कूलों में गार्ड रूम की व्यवस्था नहीं है। राज्य परियोजना निदेशक ने कस्तूरबा विद्यालयों में सुरक्षा के लिए होमगार्ड या पीआरडी जवान की व्यवस्था कराने की भी बात कही है।
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हालांकि इस बाबत पिछले दिनों यहां हुई बैठक में सीडीओ राकेश कुमार ने महिला होमगार्डों की तैनाती की बात कही थी, लेकिन अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। राज्य परियोजना निदेशक ने डीएम से कहा है कि कस्तूरबा विद्यालयों में जो भी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिक के आधार पर दूर कराएं, ताकि कस्तूरबा स्कूलों में सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हो सकें और छात्राओं को उनका लाभ मिल सके।
उधर, बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जो भी जरूरी भौतिक संसाधन हैं, उन्हें उपलब्ध कराए जाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर महिला होमगार्डों की तैनाती के लिए पिछले दिनों हुई बैठक में सीडीओ ने निर्देश भी दे रखे हैं।