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Raebareli News: कागजों में सिमटे खेल मैदान, कैसे निखरेगी प्रतिभा
Sat, 25 Jul 2026 01:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:27 AM IST
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रायबरेली। एक ओर खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी योजनाओं के साथ स्कूल गेम्स के आयोजन की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, तो दूसरी ओर माध्यमिक विद्यालयों में खेल मैदानों की सुध तक नहीं ली जा रही।
यही वजह है कि जिन विद्यालयों में बच्चों की खेल प्रतिभा की नींव मजबूत होनी चाहिए, वहां वे बिना किसी पूर्व तैयारी या अभ्यास के सीधे प्रतियोगिताओं में उतार दिए जाते हैं। जब मैदान और संसाधन ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो बच्चों को सीखने और अभ्यास करने के अवसर कैसे मिलेंगे।
जिले के एक राजकीय विद्यालय में मिनी स्टेडियम का निर्माण जरूर एक अच्छी पहल है, लेकिन अकेले इससे पूरे जिले की जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं है। रायबरेली जिले में 46 राजकीय और 46 सहायता प्राप्त (एडेड) समेत करीब 350 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं।
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इन सरकारी और एडेड स्कूलों में गिने-चुने स्थानों पर ही पर्याप्त खेल मैदान हैं। वहीं, अधिकांश निजी (प्राइवेट) विद्यालयों में भी खेल के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है।
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यही वजह है कि जिन विद्यालयों में बच्चों की खेल प्रतिभा की नींव मजबूत होनी चाहिए, वहां वे बिना किसी पूर्व तैयारी या अभ्यास के सीधे प्रतियोगिताओं में उतार दिए जाते हैं। जब मैदान और संसाधन ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो बच्चों को सीखने और अभ्यास करने के अवसर कैसे मिलेंगे।
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जिले के एक राजकीय विद्यालय में मिनी स्टेडियम का निर्माण जरूर एक अच्छी पहल है, लेकिन अकेले इससे पूरे जिले की जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं है। रायबरेली जिले में 46 राजकीय और 46 सहायता प्राप्त (एडेड) समेत करीब 350 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं।
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इन सरकारी और एडेड स्कूलों में गिने-चुने स्थानों पर ही पर्याप्त खेल मैदान हैं। वहीं, अधिकांश निजी (प्राइवेट) विद्यालयों में भी खेल के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है।