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गंदा पानी उगल रहे 13 हजार हैंडपंप, 4 हजार सूखे

Sun, 24 Apr 2016 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Sun, 24 Apr 2016 12:21 AM IST
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Spewing dirty water hand pumps 13 thousand, 4 thousand drought
रायबरेली में शनिवार को डलमऊ कस्बा में बदहाल पड़ा इंडियामार्का हैंडपंप। - फोटो : अमर उजाला
गर्मी पूरे शबाब पर है, लेकिन गांवों के खराब हैंडपंपों को ठीक कराने का काम ठप है। करोड़ों रुपये ग्राम पंचायतों के खाते में डंप है। 13,171 हैंडपंप गंदा पानी उगल रहे हैं और 4,817 हैंडपंप सूखे पड़े हैं।
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विभाग की मनमानी के कारण खातों का संचालन अब तक नहीं हो पाया है। इसी कारण ग्राम पंचायतें हैंडंपपों की मरम्मत नहीं करा रही हैं। हालांकि डीएम ने पिछले सप्ताह हैंडपंपों के मरम्मत के आदेश दिए थे, लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं हो सका।
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ब्लॉकों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने डीएम के आदेश पर सर्वे किया तो जिले में 13,171 हैंडपंप मरम्मत योग्य और 4,817 हैंडपंप रिबोर योग्य मिले हैं। खराब हैंडपंपों के मरम्मत का अधिकार ग्राम पंचायतों को है।
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राज्य वित्त से धन खर्च करके हैंडपंपों को शुद्ध पानी देने योग्य बनाया जाना है। इसके लिए डीएम ने आदेश भी दिए, लेकिन ग्राम पंचायतों में हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हो सकी है। बताते हैं कि खातों का संचालन अब तक नहीं शुरू हो सका है।

ग्राम पंचायतों ने सूची तो ब्लॉकों को उपलब्ध करा दी, लेकिन ब्लॉक के अधिकारी व कर्मचारी हैंडपंपों के मरम्मत के लिए वर्क आईडी जनरेट नहीं कर रहे हैं। ऐसे में गांवों के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। इससे शासन की मंशा भी तार-तार हो रही है।

ग्राम प्रधान हैंडपंपों को ठीक कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभाग ही सहयोग नहीं कर रहा है। रोहनियां ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में पेयजल की बेहद समस्या है। उमरन प्रधान साधना सिंह, मवई प्रधान अनूप तिवारी, पयागपुर नंदौरा प्रधान राजकिशोर तिवारी, परसीपुर प्रधान आशीष सिंह आदि ग्राम प्रधानों का कहना है कि ब्लॉक में 408 हैंडपंप खराब हैं।


लेकिन खातों का संचालन रोके जाने के कारण हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में पेयजल की समस्या बनी हुई है। वहीं डीपीआरओ डॉ. संजय यादव ने कहा कि सभी एडीओ को हैंडपंपों के मरम्मत के लिए वर्कआई जनरेट कराकर काम शुरू कराने के आदेश दिए गए हैं।

इस संबंध में रिपोर्ट मंगवायी जा रही है। लापरवाही करने वाले एडीओ के खिलाफ कार्रवाई होगी। हैंडपंपों के मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट है।
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