फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Snakebite record broken, 2800 vials of ASV consumed for 650 patients

Raebareli News: सर्पदंश का टूटा रिकाॅर्ड, 650 रोगियों में खप गई 2800 वायल एएसवी

Fri, 24 Oct 2025 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Fri, 24 Oct 2025 01:35 AM IST
विज्ञापन
Snakebite record broken, 2800 vials of ASV consumed for 650 patients
रायबरेली। सर्पदंश की घटनाओं ने जिले में रिकॉर्ड बना डाला। पिछले कई वर्षों की तुलना में इस साल सर्पदंश के 650 से अधिक मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। इन मरीजों में मात्र सात माह में 2800 से अधिक एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) खप गई, जबकि पिछले वर्ष साल भर में मात्र 2000 एएसवी खर्च हुई थी। एक मरीज को एक से लेकर 20 वायल एएसवी तक लग सकती है।
विज्ञापन


जिले में सर्पदंश के रोगियों की संख्या भी पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुना से अधिक बढ़े हैं। पिछले पांच वर्षों में इस साल सर्पदंश के सबसे ज्यादा केस आ चुके हैं। जिला अस्पताल में सर्पदंश के चपेट में आने के बाद इलाज के दौरान अब तक 20 से अधिक मरीजों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन



बछरावां क्षेत्र के सब्जी गांव निवासी रामानंद (23), अमावां के पूरे ठकुराइन निवासी विधान (35) आदि की मौत हो चुकी है। सर्पदंश के बाद लोगों की लापरवाही भी देखने को मिली। कहीं झाड़फूंक तो कहीं देरी से इलाज शुरू कराने के कारण लोगों को जान गंवाना पड़ा। झाड़फूंक में गंवाए नौ घंटे, महिला ने तोड़ा दम
विज्ञापन
विज्ञापन


बीती 20 जुलाई को हरचंदपुर थाना क्षेत्र के लालमणि गांव निवासी मोनी (35) पत्नी इंद्रेश को सुबह चार बजे सर्प ने डस लिया था। झाड़फूंक कराने में करीब नौ घंटे खराब कर दिए गए। हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।

पिता-पुत्र को सांप ने डसा, मासूम की मौत
बीती चार सितंबर को जिले के दुर्गापुर गांव में पिता विनोद कुमार व बेटे कृष्णा को सांप ने डस लिया। किसी को पता ही नहीं चला कि छह वर्षीय मासूम सर्पदंश का शिकार हो गया है। कई घंटे बाद हालत बिगड़ने पर पिता-पुत्र को जिला अस्पताल लाया गया जहां बच्चे ने दम तोड़ दिया।

झाड़फूंक में न गंवाए समय : डॉ. सौरभ

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि हर साल सैकड़ों लोग सर्पदंश के शिकार होते हैं, लेकिन कई लोग पहले झाड़फूंक का सहारा लेते हैं। इससे जान बचाना मुश्किल हो जाता है। सांप काटने पर शरीर में जहर तेजी से फैलता है। बिना देर किए सीधे नजदीकी अस्पताल में जाकर एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शन लगवाना चाहिए।


सांप दिखे तो उसे न छेड़ें: डॉ. गौरव
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि जब तक सांप को छेड़ा न जाए या उसे खतरा महसूस न हो, तो वह काटता नहीं है। सांप सुन नहीं सकता। वह आंखों और जमीन के कंपन से ही आसपास की गतिविधियां समझता है। अगर कोई सांप सामने आ जाए और वह आक्रामक दिखे तो उस पर कपड़ा या रूमाल डाल देना चाहिए। इससे सांप भ्रमित हो जाता है और हमला टल सकता है।


बरतें सावधानी, बचाएं जान : अस्थाना
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना का कहना है कि फर्श या जमीन पर सोने से बचें। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आसपास सफाई रखें। बरसात के बाद भी वर्तमान समय सर्पदंश के लिहाज से बेहद संवेदनशील होता है। ऐसे में जागरूक रहें। अफवाहों पर न जाएं और सही समय पर इलाज कराएं।


सर्पदंश के रोगियों के इलाज के लिए सभी अस्पतालों में पर्याप्त बंदोबस्त हैं। जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी में एएसवी उपलब्ध है। सर्पदंश के बाद मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी न करें।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed