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मोजांबीक से आए छह सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने देखे एमसीएफ में बने डिब्बे

Wed, 22 Sep 2021 10:59 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 10:59 PM IST
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Six member delegation from Mozambique saw the coaches made in MCF
मोजांबीक जाने को तैयार 12 डिब्बों की पहली रेक। - फोटो : RAIBARAILY
लालगंज (रायबरेली)। दक्षिण-पूर्वी अफ्रीकी देश मोजांबीक से एक छह सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल बुधवार को आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने पहुंचा। टीम के सदस्यों ने कारखाने में मोजांबीक में केप गेज पर चलने के लिए बन रहे रेल के डिब्बों को देखा।
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जीएम विनय मोहन श्रीवास्तव की अगुवाई में अफ्रीका से आए दल का कारखाना पहुंचने पर स्वागत किया गया। तैयार डिब्बों की डिजाइन व आंतरिक साज-सज्जा देख टीम के सदस्य खुश हुए। यहां 90 कोच बनाए जा रहे हैं।
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मोजांबीक से आए लोगों में सीएफएम रेलवे बोर्ड के चेयरमैन मिजुएल जोश माताबेल, कैबिनेट ऑफ मिनिस्टिर ऑफ ट्रांसपोर्ट एंड कम्युनिकेशन एंटोनियो मैनुएल मैटयूज, एग्जिक्यूटिव बोर्ड मेंबर फिनैंस सीएफएम अबूबकर एडमाओ मूसा, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सीएफएम-सी एंटोनिया फैंसिस्को मैनुएल, डायरेक्टर रेलवे सीएफएम-एस टेयोडोमिरो एंजिलो और एडवाइजर टू बोर्ड सीएफएम अरुन कुमार नरसिम्हा बुधवार सुबह एमसीएफ पहुंचे। यहां पीसीएमई एसएस कलशी और सीडीई महेश कुमार ने उनका स्वागत किया।
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जीएम विनय मोहन श्रीवास्तव ने बैठक में मोजांबीक जाने वाले रेल डिब्बों से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद सभागार में सभी अधिकारियों की मौजूदगी में सीडीई महेश कुमार ने कारखाने में प्रयोग की जा रही तकनीक और उनके लिए बनाए गए डिब्बों के बारे में विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया।
फर्निशिंग शॉप में जाकर देखे डिब्बे
जीएम और पीसीएमई के साथ पूरा प्रतिनिधि मंडल फर्निशिंग शॉप पहुंचा। यहां बनकर तैयार खड़े 12 रेल डिब्बों को बारीकी से निरीक्षण किया, जिनमें एक कोच (प्रथम श्रेणी) टू टियर, 2 कोच (द्वितीय श्रेणी) एसी थ्री टियर, 2 वातानुकूलित चेयर कार, 4 जनरल, 1 वातानुकूलित रसोईघर, 1 लगेज वैन तथा 1 पॉवर कार शामिल हैं। पीसीएमई शमशेर सिंह कलशी और राइट्स के जीएम एके सिंह ने रेल डिब्बों में प्रयोग की गई तकनीक की जानकारी दी।
पैंट्री कार के भीतर जाने पर खुशी से झूम उठा दल
पैंट्री कार के भीतर जाने पर मोजांबीक से आया दल खुशी से झूम उठा और सूत्रों की माने तो वे खुद को खुशी का इजहार करने से रोक नहीं सके। वहां सभी ने डांस भी किया। काफी देर तक वहां रुकने के बाद बाहर निकले। दल ने कारखाने के आवासीय परिसर में बने ईको पार्क का भी निरीक्षण किया। दल के सदस्य शाम 4 बजे लखनऊ रवाना हो गए।
मोजांबीक के विशेषज्ञों को ट्रेनिंग देगा एमसीएफ
इन डिब्बों को बनाकर देने से ही जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाएगी। एमसीएम वहां के विशेषज्ञों को यहां बुलाकर ट्रेनिंग भी देगा। इस दृष्टिकोण से मोजांबीक रेलवे के लोगों ने ट्रेनिंग के लिए यहां बने अत्याधुनिक केंद्र टीटीसी जाकर वहां मौजूद सुविधाओं को भी देखा।

मोजांबीक के लिए बनाए जाएंगे 90 कोच
मोजांम्बिक रेलवे द्वारा राइट्स के माध्यम से आरेडिका को केप गेज (1067 मिमी.) के 10 विभिन्न प्रकार के 90 कोचों का उत्पादन कर निर्यात करने का पहला ऑर्डर मिला था, जिसमें 60 डिब्बें लोको हॉल्ड व 30 डीईएमयू (डीजल इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट) के होंगे।
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