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लाइलाज स्क्रब टाइफस का कहर, सात केस पॉजिटिव मिलने पर हड़कंप
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रायबरेली। जिला अस्पताल की लैब में एक साथ ला-इलाज बीमारी स्क्रब टाइफस के सात केस पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। बीमारी की पुष्टि के लिए रोगियों के ब्लड के सैंपल स्टेट लैब भेजे गए हैं। विभाग ने रोगियों के नाम गोपनीय रखे हैं।
शहर के घोसियाना, ऊंचाहार, महराजगंज सहित कई क्षेत्र के रोगियों ने जिला अस्पताल में पहुंचकर चिकित्सकों से सलाह ली। ब्लड के सैंपल की जांच कराई गई तो रोगियों में स्क्रब टाइफस के लक्षण पाए गए।
रिपोर्ट मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ला- इलाज बीमारी के कंफर्मेशन के लिए रोगियों के सैंपल जांच के लिए स्टेट लैब भेज दिया गया है।
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डॉक्टरों के अनुसार झाड़ियों में जुएं के आकार के रहने वाले रिकेटसिया कीट के काटने से स्क्रब टाइफस चमड़ी के सहारे शरीर में प्रवेश करता है। जिस स्थान पर यह कीट काटता है शरीर के उस स्थान पर फफोलेनुमा काली पपड़ी के निशान पड़ जाते हैं।
घाव भी बन जाता है। स्क्रब टाइफस की चपेट में आने से बुखार 104 सेल्सियस से अधिक हो जाता है। कंपकंपी के साथ जोड़ों में दर्द व शरीर टूटने लगता है। शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है। बाजू, हाथ, गर्दन में गिल्टियां हो जाती हैं। इसका बचाव ही इलाज है, क्योंकि इसके इलाज के लिए अब तक कोई दवा व व्यवस्था नहीं है।
स्क्रब टाइफस से बचने का घरेलू उपचार-
दूध के साथ हल्दी पाउडर कर सेवन किया जाए
मेथी पत्ती या पाउडर का सेवन पानी के साथ करे
एप्सम साल्ट व नीम की पत्ती को गरम पानी में डालकर स्थान करें
लहसुन व अजवाइन को तेल में गरम करके सेवन करें
गिलोय व तुलसी की पत्ती को उबालकर सेवन करें
मच्छर जनित रोगों से बचने को यह करें-
घर के आसपास गंदा पानी न रुकने दें
घास आदि की सफाई रखें क्योंकि घास में ही स्क्रब टाइफस के कीट रहते हैं
पूरी आस्तीन के कपड़े पहने, मोजे व जूते पहनकर ही घर से निकलें
बुखार व अन्य लक्षण मिलते ही डॉक्टर से सलाह जरूर लें
सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने बताया कि जिले के लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला अस्पताल की प्रयोगाशाला में संदिग्ध स्क्रब टाइफस के सात केस पॉजिटिव पाए गए हैं। पुष्टि के लिए रोगियों के सैंपल स्टेट लैब भेजा गया है। रोगियों पर नजर रखी जा रही है।
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शहर के घोसियाना, ऊंचाहार, महराजगंज सहित कई क्षेत्र के रोगियों ने जिला अस्पताल में पहुंचकर चिकित्सकों से सलाह ली। ब्लड के सैंपल की जांच कराई गई तो रोगियों में स्क्रब टाइफस के लक्षण पाए गए।
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रिपोर्ट मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ला- इलाज बीमारी के कंफर्मेशन के लिए रोगियों के सैंपल जांच के लिए स्टेट लैब भेज दिया गया है।
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डॉक्टरों के अनुसार झाड़ियों में जुएं के आकार के रहने वाले रिकेटसिया कीट के काटने से स्क्रब टाइफस चमड़ी के सहारे शरीर में प्रवेश करता है। जिस स्थान पर यह कीट काटता है शरीर के उस स्थान पर फफोलेनुमा काली पपड़ी के निशान पड़ जाते हैं।
घाव भी बन जाता है। स्क्रब टाइफस की चपेट में आने से बुखार 104 सेल्सियस से अधिक हो जाता है। कंपकंपी के साथ जोड़ों में दर्द व शरीर टूटने लगता है। शरीर में ऐंठन शुरू हो जाती है। बाजू, हाथ, गर्दन में गिल्टियां हो जाती हैं। इसका बचाव ही इलाज है, क्योंकि इसके इलाज के लिए अब तक कोई दवा व व्यवस्था नहीं है।
स्क्रब टाइफस से बचने का घरेलू उपचार-
दूध के साथ हल्दी पाउडर कर सेवन किया जाए
मेथी पत्ती या पाउडर का सेवन पानी के साथ करे
एप्सम साल्ट व नीम की पत्ती को गरम पानी में डालकर स्थान करें
लहसुन व अजवाइन को तेल में गरम करके सेवन करें
गिलोय व तुलसी की पत्ती को उबालकर सेवन करें
मच्छर जनित रोगों से बचने को यह करें-
घर के आसपास गंदा पानी न रुकने दें
घास आदि की सफाई रखें क्योंकि घास में ही स्क्रब टाइफस के कीट रहते हैं
पूरी आस्तीन के कपड़े पहने, मोजे व जूते पहनकर ही घर से निकलें
बुखार व अन्य लक्षण मिलते ही डॉक्टर से सलाह जरूर लें
सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने बताया कि जिले के लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला अस्पताल की प्रयोगाशाला में संदिग्ध स्क्रब टाइफस के सात केस पॉजिटिव पाए गए हैं। पुष्टि के लिए रोगियों के सैंपल स्टेट लैब भेजा गया है। रोगियों पर नजर रखी जा रही है।