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लौटी रौनक, 7 करोड़ का हुआ सराफा कारोबार
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:31 PM IST
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रायबरेली में बुधवार को कैपरगंज में सराफा की दुकान से खरीदारी करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध के चलते सन्नाटे में तब्दील रहे सराफा बाजार में बुधवार को रौनक दिखी। सराफा की दुकानों पर खरीदारी करते लोग दिखे। खासकर महिलाओं की तादाद अधिक रही। नवरात्र के चलते हर कोई जेवरात खरीदने में आतुर दिखा।
वहीं काफी दिन बाद दुकानें खुलने से दुकानदारों के चेहरे भी मुस्कान दिखी। पहले दिन ही औसतन सात करोड़ का कारोबार हुआ। हालांकि एक्साइज ड्यूटी की मांग वापस न लिए जाने से दुकानदारों में नाराजगी है।
इधर, जिले में सराफा दुकानदारों की हड़ताल चल रही थी। इससे लोग सोने-चांदी के जेवरात की खरीदारी नहीं कर पा रहे थे। वैवाहिक कार्यक्रम के चलते सामाजिकता निभाने के तहत दुकानदारों ने 29 अप्रैल तक दुकानें खोलने का निर्णय लिया।
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बुधवार को सराफा बाजार गुलजार दिखा। जहां पर सन्नाटा पसरा था, वहां पर चहल-पहल दिखी। लोग खरीदारी करके आते जाते दिखे। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की तादाद अधिक दिखी। सहालग का दौर चल रहा है। साथ ही खरमास खत्म हो गया। नवरात्र शुरू हो गए हैं।
ऐेसे में हर कोई सोने-चांदी के जेवरात खरीदने को लेकर आतुर दिखा। यही वजह रही कि दोपहर को भी बाजार में चहल-पहल कम नहीं हुई। लोग बराबर दुकानों पर पहुंचकर खरीदारी करते नजर आए। वैसे तो औसतन प्रतिदिन पांच करोड़ का कारोबार होता था, लेकिन महीनेभर से अधिक बंदी के बाद दुकानें खोलने पर औसतन सात करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
रामकृपाल तिराहा की रहने वाली कल्पना गुप्ता, कैनाल रोड की रहने वाली बबिता दीक्षित कहती हैं कि सहालग चल रही है। नाते-रिश्तेदारियों में शादियां पड़ रही हैं। इसलिए सोने की चेन, अंगूठी, पायल आदि जेवरात देने हैं। हड़ताल से दिक्कत आ रही थी। दुकानें खुली तो खरीदारी शुरू कर दी।
खरमास भी खत्म हो गया है। नवरात्र शुरू हो गए हैं। ऐसे में खरीदारी करना अच्छा है। दीप्ति त्रिपाठी और राजेश कुमार का कहना है कि रिश्तेदारी में शादियां हैं। इसलिए जेवरात खरीदना रहे है। दुकानें खोलने से राहत मिली है।
सराफा व्यवसायी आशू गुप्ता, सोनू दुबे का कहना है कि हड़ताल समाप्त होने के पहले दिन ही जेवरात खरीदने के लिए लोगों की भीड़ रही। किसी ने सोने की अंगूठी, चेन तो किसी ने चांदी के पायल, करधनी आदि जेवरात खरीदे। इस समय सहालग होने के साथ नवरात्र भी शुरू हो गया है। ऐसे में लोग खरीदारी कर रहे हैं।
सराफा संघ के अध्यक्ष प्रदीप त्रिवेदी ने बताया कि हड़ताल समाप्त के बाद दुकानों पर चहल-पहल बढ़ी है। पहले दिन ही औसतन करीब सात करोड़ का कारोबार हुआ है। 29 अप्रैल तक ही दुकानें खोलने का निर्णय लिया गया है। कोई हल नहीं निकलता है तो फिर से बेेमियादी हड़ताल शुरू की जाएगी। एक्साइज ड्यूटी का हम लोग हर हाल में विरोध करेंगे।
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वहीं काफी दिन बाद दुकानें खुलने से दुकानदारों के चेहरे भी मुस्कान दिखी। पहले दिन ही औसतन सात करोड़ का कारोबार हुआ। हालांकि एक्साइज ड्यूटी की मांग वापस न लिए जाने से दुकानदारों में नाराजगी है।
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इधर, जिले में सराफा दुकानदारों की हड़ताल चल रही थी। इससे लोग सोने-चांदी के जेवरात की खरीदारी नहीं कर पा रहे थे। वैवाहिक कार्यक्रम के चलते सामाजिकता निभाने के तहत दुकानदारों ने 29 अप्रैल तक दुकानें खोलने का निर्णय लिया।
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बुधवार को सराफा बाजार गुलजार दिखा। जहां पर सन्नाटा पसरा था, वहां पर चहल-पहल दिखी। लोग खरीदारी करके आते जाते दिखे। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की तादाद अधिक दिखी। सहालग का दौर चल रहा है। साथ ही खरमास खत्म हो गया। नवरात्र शुरू हो गए हैं।
ऐेसे में हर कोई सोने-चांदी के जेवरात खरीदने को लेकर आतुर दिखा। यही वजह रही कि दोपहर को भी बाजार में चहल-पहल कम नहीं हुई। लोग बराबर दुकानों पर पहुंचकर खरीदारी करते नजर आए। वैसे तो औसतन प्रतिदिन पांच करोड़ का कारोबार होता था, लेकिन महीनेभर से अधिक बंदी के बाद दुकानें खोलने पर औसतन सात करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
रामकृपाल तिराहा की रहने वाली कल्पना गुप्ता, कैनाल रोड की रहने वाली बबिता दीक्षित कहती हैं कि सहालग चल रही है। नाते-रिश्तेदारियों में शादियां पड़ रही हैं। इसलिए सोने की चेन, अंगूठी, पायल आदि जेवरात देने हैं। हड़ताल से दिक्कत आ रही थी। दुकानें खुली तो खरीदारी शुरू कर दी।
खरमास भी खत्म हो गया है। नवरात्र शुरू हो गए हैं। ऐसे में खरीदारी करना अच्छा है। दीप्ति त्रिपाठी और राजेश कुमार का कहना है कि रिश्तेदारी में शादियां हैं। इसलिए जेवरात खरीदना रहे है। दुकानें खोलने से राहत मिली है।
सराफा व्यवसायी आशू गुप्ता, सोनू दुबे का कहना है कि हड़ताल समाप्त होने के पहले दिन ही जेवरात खरीदने के लिए लोगों की भीड़ रही। किसी ने सोने की अंगूठी, चेन तो किसी ने चांदी के पायल, करधनी आदि जेवरात खरीदे। इस समय सहालग होने के साथ नवरात्र भी शुरू हो गया है। ऐसे में लोग खरीदारी कर रहे हैं।
सराफा संघ के अध्यक्ष प्रदीप त्रिवेदी ने बताया कि हड़ताल समाप्त के बाद दुकानों पर चहल-पहल बढ़ी है। पहले दिन ही औसतन करीब सात करोड़ का कारोबार हुआ है। 29 अप्रैल तक ही दुकानें खोलने का निर्णय लिया गया है। कोई हल नहीं निकलता है तो फिर से बेेमियादी हड़ताल शुरू की जाएगी। एक्साइज ड्यूटी का हम लोग हर हाल में विरोध करेंगे।