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Raebareli News: 20 हजार रुपये जमा होने पर दो कैदियों की रिहाई
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रायबरेली में जिला जेल से रिहा हुए कैदी।
रायबरेली। जिला जेल में सजा पूरी होने के बाद भी जुर्माना न भर पाने के कारण बंद दो कैदियों की सोमवार को रिहाई हो गई। आर्थिक तंगी के चलते दोनों जुर्माने की रकम जमा नहीं कर पा रहे थे। ऑल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम की रायबरेली इकाई ने दोनों की मदद करते हुए कुल 20 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद कुलदीप और सगीर जेल से बाहर आ गए। रिहाई के बाद दोनों के चेहरे पर खुशी दिखी।
फतेहपुर निवासी सगीर दुष्कर्म के मामले में सजा पूरी कर चुका था, लेकिन 15 हजार रुपये का जुर्माना नहीं भर पाने के कारण जेल में बंद था। वहीं, रायबरेली निवासी कुलदीप मारपीट के मामले में सजा पूरी करने के बाद भी पांच हजार रुपये का जुर्माना जमा नहीं कर पाया था।
दोनों की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलने पर फोरम की रायबरेली इकाई ने मदद का फैसला किया। फोरम की ओर से सगीर के 15 हजार और कुलदीप के पांच हजार रुपये का जुर्माना जमा कराया गया। कुल 20 हजार रुपये जमा होने के बाद दोनों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
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जेल अधीक्षक हिमांशु रौतेला ने बताया कि दोनों कैदियों की सजा पूरी हो चुकी थी, लेकिन अर्थदंड जमा नहीं होने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी थी। फोरम की ओर से 20 हजार रुपये जमा कराए जाने के बाद सोमवार को दोनों को रिहा कर दिया गया।
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फतेहपुर निवासी सगीर दुष्कर्म के मामले में सजा पूरी कर चुका था, लेकिन 15 हजार रुपये का जुर्माना नहीं भर पाने के कारण जेल में बंद था। वहीं, रायबरेली निवासी कुलदीप मारपीट के मामले में सजा पूरी करने के बाद भी पांच हजार रुपये का जुर्माना जमा नहीं कर पाया था।
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दोनों की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलने पर फोरम की रायबरेली इकाई ने मदद का फैसला किया। फोरम की ओर से सगीर के 15 हजार और कुलदीप के पांच हजार रुपये का जुर्माना जमा कराया गया। कुल 20 हजार रुपये जमा होने के बाद दोनों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
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जेल अधीक्षक हिमांशु रौतेला ने बताया कि दोनों कैदियों की सजा पूरी हो चुकी थी, लेकिन अर्थदंड जमा नहीं होने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी थी। फोरम की ओर से 20 हजार रुपये जमा कराए जाने के बाद सोमवार को दोनों को रिहा कर दिया गया।