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बारिश व बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, फसलों को नुकसान
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रायबरेली। पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश ने आम जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। एक ओर जहां बारिश व बर्फीली हवा से ठिठुरन बढ़ गई, वहीं खेतों में पानी भर जाने से गेहूं, तोइया, आलू व अन्य फसलों को नुकसान होने से किसान चिंतित हो गए हैं।
ठंड बढ़ने के कारण शहर से लेकर देहात तक तमाम लोग दिनभर घरों में दुबके रहे। शिवगढ़ में बिजली गिरने से पेड़ की डालें फट गईं। गुरुवार रात से रुक-रुककर शुरू हुई बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इसके चलते लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
खीरों प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जल्द ही बोई गई गेहूं की फसल में पानी भरने से बर्बाद हो गई। बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। क्षेत्र में अलाव की व्यवस्था भी अब तक नहीं कराई गई है। महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
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दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे ठंड से लोग ठिठुरते नजर आए। लोग घरों पर दुबके रहे। तहसील, थाना ब्लॉक जैसे सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। सीएचसी चंदापुर चौराहे के अलावा सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हो गया।
तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में अलाव जलवाने के आदेश लेखपालों को दिए गए हैं। ठंड से किसी को परेशानी नहीं होने पाएगी। शिवगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से गेहूं की बुवाई पर असर पड़ा है। किसान परेशान नजर आ रहे हैं।
पेड़ पर बिजली गिरने से अफरातफरी मच गई। हालांकि इससे किसी को नुकसान नहीं हुआ। टेंट हाउस मालिक दिनेश कुमार पटेल, स्वास्थ्य कर्मी विकास शर्मा, एएनएम सुधा शर्मा ने बताया कि घर के सामने ही नहर किनारे खड़े क्रेसिया के पेड़ पर जिस समय बिजली गिरी उस समय ऐसा लगा कि बम फट गया है।
दलहनी, तिलहनी व गेहूं की फसलों को नुकसान हुआ है। इन्हौना प्रतिनिधि के अनुसार, रुक रुककर बरसात से किसानों के चेहरों पर रौनक आई है। साथ ही ठंड भी बढ़ गई है। ऊंचाहार प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से हुए जलभराव से गांवों में लोगों को परेशानी हो रही है।
गोशाला में बारिश में भीगते रहे पशु
सरेनी। बरसात में कोडऱा गोशाला के 150 पशु पानी में भीगते रहे। मवेशियों के बीमार होने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। क्षमता से अधिक पशु गोशाला में होने के कारण कुछ ही पशुओं को टिनशेड के नीचे आश्रय मिला। रात भर पशुओं को बारिश में भीगना पड़ा। कोडऱा गांव के रमेश तिवारी का कहना है कि पूरी रात जानवर भीगते रहे। यहां कोई व्यवस्था नहीं है। अभी भूसा तक नहीं आया है।
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ठंड बढ़ने के कारण शहर से लेकर देहात तक तमाम लोग दिनभर घरों में दुबके रहे। शिवगढ़ में बिजली गिरने से पेड़ की डालें फट गईं। गुरुवार रात से रुक-रुककर शुरू हुई बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इसके चलते लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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खीरों प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जल्द ही बोई गई गेहूं की फसल में पानी भरने से बर्बाद हो गई। बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। क्षेत्र में अलाव की व्यवस्था भी अब तक नहीं कराई गई है। महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
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दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे ठंड से लोग ठिठुरते नजर आए। लोग घरों पर दुबके रहे। तहसील, थाना ब्लॉक जैसे सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। सीएचसी चंदापुर चौराहे के अलावा सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हो गया।
तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में अलाव जलवाने के आदेश लेखपालों को दिए गए हैं। ठंड से किसी को परेशानी नहीं होने पाएगी। शिवगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से गेहूं की बुवाई पर असर पड़ा है। किसान परेशान नजर आ रहे हैं।
पेड़ पर बिजली गिरने से अफरातफरी मच गई। हालांकि इससे किसी को नुकसान नहीं हुआ। टेंट हाउस मालिक दिनेश कुमार पटेल, स्वास्थ्य कर्मी विकास शर्मा, एएनएम सुधा शर्मा ने बताया कि घर के सामने ही नहर किनारे खड़े क्रेसिया के पेड़ पर जिस समय बिजली गिरी उस समय ऐसा लगा कि बम फट गया है।
दलहनी, तिलहनी व गेहूं की फसलों को नुकसान हुआ है। इन्हौना प्रतिनिधि के अनुसार, रुक रुककर बरसात से किसानों के चेहरों पर रौनक आई है। साथ ही ठंड भी बढ़ गई है। ऊंचाहार प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से हुए जलभराव से गांवों में लोगों को परेशानी हो रही है।
गोशाला में बारिश में भीगते रहे पशु
सरेनी। बरसात में कोडऱा गोशाला के 150 पशु पानी में भीगते रहे। मवेशियों के बीमार होने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। क्षमता से अधिक पशु गोशाला में होने के कारण कुछ ही पशुओं को टिनशेड के नीचे आश्रय मिला। रात भर पशुओं को बारिश में भीगना पड़ा। कोडऱा गांव के रमेश तिवारी का कहना है कि पूरी रात जानवर भीगते रहे। यहां कोई व्यवस्था नहीं है। अभी भूसा तक नहीं आया है।