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सशस्त्र जवानों की सुरक्षा के साये में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे प्रश्नपत्र
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सशस्त्र जवानों की सुरक्षा में परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे प्रश्नपत्र
जीआईसी में बने स्ट्रांग रूम का एडीएम और एएसपी ने किया मुआयना
रायबरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा कराने के लिए सोमवार को सशस्त्र जवानों की सुरक्षा में प्रश्नपत्रों के पैकेट सभी 102 परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। प्रश्नपत्रों का वितरण शुरू होने से पहले राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में बने स्ट्रांग रूम का अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राम अभिलाष एवं अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय ने मुआयना भी किया।
प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था और रूट चार्ट का अवलोकन करने के बाद सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया। अलग-अलग रूटों पर बसों से दौड़ाई गई टीमों के साथ सशस्त्र सुरक्षा बल भी भेजा गया। जीआईसी परिसर में सुबह 8 बजे ही स्कूली बसें पहुंच गई। इन बसों से जाने वाले दो शिक्षकों, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और दो सशस्त्र पुलिसकर्मियों को मिलाकर नौ टीमें बनाई गईं।
एडीएम और एएसपी ने डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की रूपरेखा पूछी, फिर स्ट्रांग रूम से प्रश्नपत्र वितरण की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद बसों पर प्रश्नपत्र के बंडल रखवाने के बाद उन्हें रवाना किया गया। पहले दूर वाले केंद्रों की गाड़ियां रवाना हुईं, फिर शहरी क्षेत्र और आसपास के परीक्षा केंद्रों की गाड़ियां भेजी गईं।
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देर शाम तक सभी परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंच गए। प्रश्नपत्र के पैकेट निर्गत करने के दौरान निगरानी के लिए प्रधानाचार्य डॉ. रजनीश प्रकाश तिवारी, रामप्रवेश मिश्र, सुनील वाजपेयी, डॉ. महेंद्र सिंह, जयेंदु मिश्रा आदि को लगाया गया। सभी परीक्षा केंद्रों को यह दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रश्नपत्रों का बीजक से मिलान कर लें।
यदि प्रश्नपत्रों की कोई कमी है या गलती से पैकेट बदल गए हैं तो इसके बारे में शीघ्र सूचना दें, ताकि इस बारे में यूपी बोर्ड को अवगत कराते हुए सुधार कराया जा सके और पेपर की कमी पूरी की जा सके। डीआईओएस ने हर हाल में मंगलवार को शाम तक सूचना देने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीएम ने स्पष्ट रूप से बोर्ड परीक्षा के लिए जिला प्रशासन को भी जिम्मेदार बनाया है। साथ ही यह भी कहा है कि एक बार फिर से सभी परीक्षा केंद्रों का मुआयना करा लें।
मॉनीटरिंग सेल को मजबूत बना लें। इस पर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने मंगलवार को लाइव टेस्ट का फैसला लिया है। डीआईओएस ने बताया कि सुबह 10.30 बजे से कलक्ट्रेट में बने मॉनीटरिंग सेल (कंट्रोल रूम) में डीएम लाइव टेस्ट के जरिए परीक्षा केंद्रों का ऑनलाइन अवलोकन करेंगी। इसलिए सभी परीक्षा केंद्र सुबह 10 बजे से सक्रिय हो जाएं।
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जीआईसी में बने स्ट्रांग रूम का एडीएम और एएसपी ने किया मुआयना
रायबरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा कराने के लिए सोमवार को सशस्त्र जवानों की सुरक्षा में प्रश्नपत्रों के पैकेट सभी 102 परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। प्रश्नपत्रों का वितरण शुरू होने से पहले राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में बने स्ट्रांग रूम का अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राम अभिलाष एवं अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय ने मुआयना भी किया।
प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था और रूट चार्ट का अवलोकन करने के बाद सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया। अलग-अलग रूटों पर बसों से दौड़ाई गई टीमों के साथ सशस्त्र सुरक्षा बल भी भेजा गया। जीआईसी परिसर में सुबह 8 बजे ही स्कूली बसें पहुंच गई। इन बसों से जाने वाले दो शिक्षकों, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और दो सशस्त्र पुलिसकर्मियों को मिलाकर नौ टीमें बनाई गईं।
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एडीएम और एएसपी ने डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की रूपरेखा पूछी, फिर स्ट्रांग रूम से प्रश्नपत्र वितरण की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद बसों पर प्रश्नपत्र के बंडल रखवाने के बाद उन्हें रवाना किया गया। पहले दूर वाले केंद्रों की गाड़ियां रवाना हुईं, फिर शहरी क्षेत्र और आसपास के परीक्षा केंद्रों की गाड़ियां भेजी गईं।
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देर शाम तक सभी परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंच गए। प्रश्नपत्र के पैकेट निर्गत करने के दौरान निगरानी के लिए प्रधानाचार्य डॉ. रजनीश प्रकाश तिवारी, रामप्रवेश मिश्र, सुनील वाजपेयी, डॉ. महेंद्र सिंह, जयेंदु मिश्रा आदि को लगाया गया। सभी परीक्षा केंद्रों को यह दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रश्नपत्रों का बीजक से मिलान कर लें।
यदि प्रश्नपत्रों की कोई कमी है या गलती से पैकेट बदल गए हैं तो इसके बारे में शीघ्र सूचना दें, ताकि इस बारे में यूपी बोर्ड को अवगत कराते हुए सुधार कराया जा सके और पेपर की कमी पूरी की जा सके। डीआईओएस ने हर हाल में मंगलवार को शाम तक सूचना देने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीएम ने स्पष्ट रूप से बोर्ड परीक्षा के लिए जिला प्रशासन को भी जिम्मेदार बनाया है। साथ ही यह भी कहा है कि एक बार फिर से सभी परीक्षा केंद्रों का मुआयना करा लें।
मॉनीटरिंग सेल को मजबूत बना लें। इस पर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने मंगलवार को लाइव टेस्ट का फैसला लिया है। डीआईओएस ने बताया कि सुबह 10.30 बजे से कलक्ट्रेट में बने मॉनीटरिंग सेल (कंट्रोल रूम) में डीएम लाइव टेस्ट के जरिए परीक्षा केंद्रों का ऑनलाइन अवलोकन करेंगी। इसलिए सभी परीक्षा केंद्र सुबह 10 बजे से सक्रिय हो जाएं।