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प्रधानों को 4.50 करोड़ खर्च करने पर रोक, बजट लौटाने के आदेश
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रायबरेली। ग्राम पंचायतों के खातों में उपलब्ध स्वच्छ भारत मिशन के करीब 4.50 करोड़ रुपये नए प्रधान खर्च नहीं कर पाएंगे। पंचायतीराज निदेशक ने ग्राम निधि खाता-6 में उपलब्ध धनराशि को वापस करने के आदेश दिए हैं।
पंचायतों को यह धनराशि गांवों में प्रसाधनों के निर्माण के लिए दिए गए थे। पूर्व प्रधानों की लापरवाही से लाभार्थियों को 12-12 हजार रुपये की किस्त शौचालयों के निर्माण के लिए दी थी। 988 पंचायतों को संबंधित धनराशि को तत्काल वापस करने के आदेश दिए गए हैं।
केंद्र सरकार ने हर घर में शौचालय की मंशा के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को बजट उपलब्ध कराया। पहले से तैयार सूची में शामिल लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के आदेश हैं।
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ग्राम पंचायतों को शासन से ग्राम निधि खाता-6 में आने वाली धनराशि को लाभार्थियों को छह-छह हजार रुपये की किस्त देने के आदेश हैं। पूर्व प्रधानों ने लाभार्थियों को शौचालय का लाभ देने में जमकर मनमानी की। किसी को पहली किस्त दे दी तो दूसरी किस्त नहीं दी। तमाम लाभार्थियों को पहली किस्त भी नहीं दी गई, जिससे हजारों लाभार्थियों के शौचालय अधूरे पड़े हैं।
ग्राम पंचायतों के संबंधित खातों में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये डंप हैं। गांवों में नई सरकार के गठन के बाद बजट के दुरुपयोग की भी आशंका है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायतीराज विभाग की मिशन निदेशक किंजल सिंह ने पंचायतों के संबंधित खातों में उपलब्ध धनराशि को वापस करने के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायतें यह धनराशि सीधे लाभार्थियों को नहीं दे पाएंगी। बताते हैं कि दबाव बढ़ने के बाद कुछ धनराशि मुख्यालय पर वापस भी आ चुकी है। शेष धनराशि को वापस करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
640 गांवों में बजट वापस करने में लग सकती है देरी
जिन ग्राम पंचायतों में नए प्रधानों ने शपथ ले लिया है, उन पंचायतों के ग्राम निधि खाता-6 में उपलब्ध धनराशि को वापस करने में देरी लग सकती है। जिले की 640 ग्राम पंचायतों में प्रधानों ने शपथ तो ग्रहण कर लिया है, लेकिन अब तक संबंधित खातों के संचालन के लिए बैंक शाखाओं में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही धनराशि पंचायतों से मुख्यालय को भेजी जा सकेगी। हालांकि शेष पंचायतों में सरकार का गठन न होने के कारण प्रशासक ही खातों का संचालन कर रहे हैं। इन पंचायतों का बजट जल्द ही वापस आने की उम्मीद है।
अब सीधे लाभार्थियों के खातों में जा सकती है किस्त
शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों के खाते में सीधे पीएफएमएस के माध्यम से किस्त भेजने पर विचार हो रहा है। ऐसा होने से ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले बजट के दुरुपयोग को रोकने में सफलता मिलेगी।
प्रधानमंत्री आवासों की तरह की ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया ब्लॉक व जिला मुख्यालय स्तर से होने के बाद शासन स्तर से सीधे लाभार्थियों के खातों में किस्त पहुंचेगी।
ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि खाता-6 में उपलब्ध स्वच्छ भारत मिशन के बजट को शासन ने वापस कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में सभी एडीओ को निर्देशित किया गया है। कुछ बजट वापस भी आ चुका है। बिना खर्च के करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खातों में डंप है।
- एसबी सिंह, प्रभारी डीपीआरओ
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पंचायतों को यह धनराशि गांवों में प्रसाधनों के निर्माण के लिए दिए गए थे। पूर्व प्रधानों की लापरवाही से लाभार्थियों को 12-12 हजार रुपये की किस्त शौचालयों के निर्माण के लिए दी थी। 988 पंचायतों को संबंधित धनराशि को तत्काल वापस करने के आदेश दिए गए हैं।
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केंद्र सरकार ने हर घर में शौचालय की मंशा के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को बजट उपलब्ध कराया। पहले से तैयार सूची में शामिल लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के आदेश हैं।
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ग्राम पंचायतों को शासन से ग्राम निधि खाता-6 में आने वाली धनराशि को लाभार्थियों को छह-छह हजार रुपये की किस्त देने के आदेश हैं। पूर्व प्रधानों ने लाभार्थियों को शौचालय का लाभ देने में जमकर मनमानी की। किसी को पहली किस्त दे दी तो दूसरी किस्त नहीं दी। तमाम लाभार्थियों को पहली किस्त भी नहीं दी गई, जिससे हजारों लाभार्थियों के शौचालय अधूरे पड़े हैं।
ग्राम पंचायतों के संबंधित खातों में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये डंप हैं। गांवों में नई सरकार के गठन के बाद बजट के दुरुपयोग की भी आशंका है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायतीराज विभाग की मिशन निदेशक किंजल सिंह ने पंचायतों के संबंधित खातों में उपलब्ध धनराशि को वापस करने के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायतें यह धनराशि सीधे लाभार्थियों को नहीं दे पाएंगी। बताते हैं कि दबाव बढ़ने के बाद कुछ धनराशि मुख्यालय पर वापस भी आ चुकी है। शेष धनराशि को वापस करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
640 गांवों में बजट वापस करने में लग सकती है देरी
जिन ग्राम पंचायतों में नए प्रधानों ने शपथ ले लिया है, उन पंचायतों के ग्राम निधि खाता-6 में उपलब्ध धनराशि को वापस करने में देरी लग सकती है। जिले की 640 ग्राम पंचायतों में प्रधानों ने शपथ तो ग्रहण कर लिया है, लेकिन अब तक संबंधित खातों के संचालन के लिए बैंक शाखाओं में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही धनराशि पंचायतों से मुख्यालय को भेजी जा सकेगी। हालांकि शेष पंचायतों में सरकार का गठन न होने के कारण प्रशासक ही खातों का संचालन कर रहे हैं। इन पंचायतों का बजट जल्द ही वापस आने की उम्मीद है।
अब सीधे लाभार्थियों के खातों में जा सकती है किस्त
शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों के खाते में सीधे पीएफएमएस के माध्यम से किस्त भेजने पर विचार हो रहा है। ऐसा होने से ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले बजट के दुरुपयोग को रोकने में सफलता मिलेगी।
प्रधानमंत्री आवासों की तरह की ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया ब्लॉक व जिला मुख्यालय स्तर से होने के बाद शासन स्तर से सीधे लाभार्थियों के खातों में किस्त पहुंचेगी।
ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि खाता-6 में उपलब्ध स्वच्छ भारत मिशन के बजट को शासन ने वापस कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में सभी एडीओ को निर्देशित किया गया है। कुछ बजट वापस भी आ चुका है। बिना खर्च के करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खातों में डंप है।
- एसबी सिंह, प्रभारी डीपीआरओ