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विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमराई

Mon, 30 May 2016 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Mon, 30 May 2016 12:15 AM IST
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Power supply system Precarious
रायबरेली में आंधी से गिरा पेड़, टूटा विद्युत पोल - फोटो : अमर उजाला
जिले में एक सप्ताह से पांच बार आंधी-पानी से 1000 पोल गिर जाने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। शनिवार रात आंधी पानी आने से कई गांवों में तार टूट गए। बिजली न मिलने से खेती किसानी के अलावा उद्योग धंधों पर भी असर पड़ रहा है।
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स्टोर में पोल न होने की वजह से कर्मचारी चाहकर भी आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं कर पा रहे हैं। आंधी पानी में एक हजार पोल टूट गए हैं। लेकिन स्टोर में अभी तक महज 200 पोल ही उपलब्ध कराए गए हैं। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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जिले में पिछले सोमवार से अब तक पांच बार आंधी-पानी आने से ग्रामीण अंचलों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हुई है। कहीं पर तारों पर के ऊपर पेड़ गिरने से खंभे टूट गए हैं तो कहीं तार टूटकर बिखर गए हैं। इससे ग्रामीण अंचलों के ज्यादातर गांवों की बत्ती गुल है।
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शनिवार रात आंधी पानी आने से कई गांवों में तार टूट गए। अब तक जिले में अलग-अलग स्थानों पर एक हजार विद्युत पोल टूट चुके हैं। इससे आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। बिजली न मिलने से जहां किसान धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं, वहीं उद्योग धंधे में भी ठप है।

डलमऊ क्षेत्र के घुरवारा निवासी जय प्रकाश राइस मिल संचालक हैं। यहां पर कठगर विद्युत उपकेंद्र से बिजली आती है। एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति ठप हैं। डलमऊ निवासी सुंदरलाल जायसवाल ने बताया कि बिजली न मिलने से कारखाना बंद है। धान, गेहूं की पिसाई के लिए बोरिया डंप है।

डीह निवासी शिव प्रसाद तिवारी ने बताया कि बिजली न आने से नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। धान की नर्सरी डालने का काम पिछड़ रहा है। फरियाद अली, परवेज साहू आरामशीन का कारखाना लगाए हैं। इनका कहना है बिजली न मिलने से काम ठप है।

सभी ने आपूर्ति बहाल कराए जाने की मांग की है। वहीं स्टोर में पोल न होने की वजह से कर्मचारी चाहकर भी आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं कर पा रहे हैं। आंधी पानी में एक हजार पोल टूट गए हैं। लेकिन स्टोर में अभी तक महज 200 पोल ही उपलब्ध कराए गए हैं।

शनिवार देर रात आई आंधी से शहर में फायर बिग्रेड का गेट टूटकर झुक गया। वहीं डिग्री कॉलेज के पास तार टूटने से अफरातफरी मची रही। गदागंज प्रतिनिधि के मुताबिक कजियाना निवासी विशुनदेई मखदूमपुर चौकी के निकट होटल खोले हैं।

वह रात में दुकान पर रहती है। तेज आंधी में शीशम का पेड़ दुकान पर गिर गया, जिससे दुकान और वहां रखा छप्पर टूट गया। हादसे में छप्पर के नीचे सो रहा उसका देवर रामधनी (48) घायल हो गया। इतना ही नहीं डलमऊ-गदागंज रोड पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। रविवार सुबह पेड़ काटकर आवागमन बहाल कराया गया।


पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव का कहना है कि जब तक पोल नहीं मिल जाते, तब तक आपूर्ति को सामान्य कर पाना संभव नहीं है। अभी ग्रामीण अंचलों के 50 फीसदी गांवों आपूर्ति बहाल हो सकी है।
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