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Raebareli News: बिजली कटौती ने उड़ाई नींद
Fri, 25 Jul 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 25 Jul 2025 01:03 AM IST
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नेवाजगंज में बना नया ट्रांसमिशन।
रायबरेली। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। हालात यह है कि बिजली कटौती से लोगों की नींद उड़ गई है। दिन का सुकून छिन गया है। 410 मेगावाट बिजली की मांग पहुंच गई है। उपकेंद्राें में लगे उपकरण ओवरलोड हो गए हैं। कई उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां एक साथ फीडर नहीं चल पा रहे हैं।
ओवरलोड के चलते आए दिन तार टूट रहे हैं, तो कहीं जंफर उड़ रहे हैं। लोग सड़क पर उतर का विरोध जता रहे हैं। बारिश न होने से किसान निजी नलकूप और राजकीय नलकूपों के सहारे सिंचाई और धान की रोपाई कर रहे हैं। एक साथ नलकूप चलने से फीडर ओवरलोड हो जाते हैं। जिले में 54 विद्युत उपकेंद्रों से करीब पांच लाख उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है। धान की रोपाई का अंतिम समय चल रहा है। बारिश न होने और नहरों में पानी न आने से 22 हजार निजी नलकूप और 300 राजकीय नलकूपों पर किसान निर्भर हैं।
यही वजह है कि 15 दिन पहले जहां बिजली की मांग 350 मेगावाट थी, अब मांग 410 मेगावाट पहुंच गई है। शहर में जहां बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे में महज आठ से 10 घंटे बिजली मिल रही है।
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लंबी लाइनों के कारण अधिक आते हैं फॉल्ट
जिले में कई उपकेंद्र ऐसे हैं, जिनकी 33 केवी लाइन की लंबाई अधिक है। इसकी वजह से जहां लाइनाें में फॉल्ट आते हैं, वहीं अधिक लाइनलॉस रहता है। यहीं वजह है कि उपकेंद्रों पर 33 केवी की जगह 28 या 29 केवी वोल्टेज पहुंच रहा है। ऊंचाहार तहसील की लाइन की लंबाई 61 किमी है, तो डीह उपकेंद्र की लाइन की लंबाई 40 किमी है। अधिक लंबी लाइन होने के चलते आए दिन फॉल्ट बना रहता है।
छह उपकेंद्रों को 24 घंटे बिजली देने को लिखा पत्र
कई उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां ओवरलोड के चलते सभी फीडर एक साथ नहीं चल पाते हैं। इसके लिए इन उपकेंद्रों पर 24 घंटे बिजली की मांग के लिए अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखा है। ऊंचाहार, ऊंचाहार तहसील, गदागंज, डीह, खीरों और सेमरी उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां से निकले फीडर एक साथ चालू करने पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं। इससे निपटने के लिए 24 घंटे बिजली की मांग की गई है, ताकि अलग-अलग समय में फीडरों से बिजली आपूर्ति की जा सके।
फीडर पर लोड 220 एंपियर के पार
गर्मी में मांग बढ़ गई, जिसका असर फीडर की क्षमता पर भी पड़ रहा है। लोड फैक्टर फीडरों पर 220 एंपियर तक पहुंच गया है। इससे लो वोल्टेज के साथ ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। बिजली विभाग के मुताबिक फीडर का औसत लोड 140 से 150 एंपियर है। जबकि इस समय यह बहुत अधिक है। ऐसे में फीडर की मशीन गर्म हो रही है, इससे फीडर मशीन में भी फॉल्ट आने की आशंका बनी रहती है।
बिजली की मांग
मार्च-245 मेगावाट
अप्रैल-280 मेगावाट
मई-325 मेगावाट
जून-375 मेगावाट
जुलाई-410 मेगावाट
मांग बढ़ने से आपूर्ति में आ रही समस्या
धान की रोपाई का समय चल रहा है। बारिश न होने से किसान नलकूपों से सिंचाई कर रहे हैं। इसलिए बिजली की मांग बढ़ गई है। ऐसे में दिक्कत आ रही है। ओवरलोड उपकेंद्रों को जल्द 24 घंटे बिजली मिलने की उम्मीद है।
-रामकुमार, मुख्य अभियंता पावर कॉर्पोरशन
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ओवरलोड के चलते आए दिन तार टूट रहे हैं, तो कहीं जंफर उड़ रहे हैं। लोग सड़क पर उतर का विरोध जता रहे हैं। बारिश न होने से किसान निजी नलकूप और राजकीय नलकूपों के सहारे सिंचाई और धान की रोपाई कर रहे हैं। एक साथ नलकूप चलने से फीडर ओवरलोड हो जाते हैं। जिले में 54 विद्युत उपकेंद्रों से करीब पांच लाख उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है। धान की रोपाई का अंतिम समय चल रहा है। बारिश न होने और नहरों में पानी न आने से 22 हजार निजी नलकूप और 300 राजकीय नलकूपों पर किसान निर्भर हैं।
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यही वजह है कि 15 दिन पहले जहां बिजली की मांग 350 मेगावाट थी, अब मांग 410 मेगावाट पहुंच गई है। शहर में जहां बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे में महज आठ से 10 घंटे बिजली मिल रही है।
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लंबी लाइनों के कारण अधिक आते हैं फॉल्ट
जिले में कई उपकेंद्र ऐसे हैं, जिनकी 33 केवी लाइन की लंबाई अधिक है। इसकी वजह से जहां लाइनाें में फॉल्ट आते हैं, वहीं अधिक लाइनलॉस रहता है। यहीं वजह है कि उपकेंद्रों पर 33 केवी की जगह 28 या 29 केवी वोल्टेज पहुंच रहा है। ऊंचाहार तहसील की लाइन की लंबाई 61 किमी है, तो डीह उपकेंद्र की लाइन की लंबाई 40 किमी है। अधिक लंबी लाइन होने के चलते आए दिन फॉल्ट बना रहता है।
छह उपकेंद्रों को 24 घंटे बिजली देने को लिखा पत्र
कई उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां ओवरलोड के चलते सभी फीडर एक साथ नहीं चल पाते हैं। इसके लिए इन उपकेंद्रों पर 24 घंटे बिजली की मांग के लिए अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखा है। ऊंचाहार, ऊंचाहार तहसील, गदागंज, डीह, खीरों और सेमरी उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां से निकले फीडर एक साथ चालू करने पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं। इससे निपटने के लिए 24 घंटे बिजली की मांग की गई है, ताकि अलग-अलग समय में फीडरों से बिजली आपूर्ति की जा सके।
फीडर पर लोड 220 एंपियर के पार
गर्मी में मांग बढ़ गई, जिसका असर फीडर की क्षमता पर भी पड़ रहा है। लोड फैक्टर फीडरों पर 220 एंपियर तक पहुंच गया है। इससे लो वोल्टेज के साथ ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। बिजली विभाग के मुताबिक फीडर का औसत लोड 140 से 150 एंपियर है। जबकि इस समय यह बहुत अधिक है। ऐसे में फीडर की मशीन गर्म हो रही है, इससे फीडर मशीन में भी फॉल्ट आने की आशंका बनी रहती है।
बिजली की मांग
मार्च-245 मेगावाट
अप्रैल-280 मेगावाट
मई-325 मेगावाट
जून-375 मेगावाट
जुलाई-410 मेगावाट
मांग बढ़ने से आपूर्ति में आ रही समस्या
धान की रोपाई का समय चल रहा है। बारिश न होने से किसान नलकूपों से सिंचाई कर रहे हैं। इसलिए बिजली की मांग बढ़ गई है। ऐसे में दिक्कत आ रही है। ओवरलोड उपकेंद्रों को जल्द 24 घंटे बिजली मिलने की उम्मीद है।
-रामकुमार, मुख्य अभियंता पावर कॉर्पोरशन