{"_id":"6364032bdaa05f1c176ff049","slug":"power-cut-raibaraily-news-lko6554805153","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना मीटर के प्रतिमाह बन रहा 35 यूनिट का बिजली का बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना मीटर के प्रतिमाह बन रहा 35 यूनिट का बिजली का बिल
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रायबरेली। मीटर रीडरों और सुपरवाइजरों की मनमानी से उपभोक्ताओं को समय से बिजली बिल नहीं मिल रहे हैं। इसके साथ ही पावर कॉर्पोरेशन को चूना लगाया जा रहा है। जगतपुर उपखंड के अंतर्गत गठित टीम ने चेकिंग के दौरान दो जगह मीटर में रीडिंग स्टोर पकड़ी, जबकि एक जगह बिना मीटर लगे ही 35 तो कभी 30 यूनिट का बिल बनाया जा रहा है। उपखंड अधिकारी ने मामले में कार्रवाई के लिए एक्सईएन ऊंचाहार को पत्र लिखा है।
उपखंड अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने भेजे पत्र में बताया कि राजस्व वसूली, नेवरपेड उपभोक्ताओं से वसूली के लिए अवर अभियंता चंद्रेश पटेल, नीरज कुमार त्रिपाठी की टीम बनाई गई है। जांच के दौरान जगतपुर के उपभोक्ता गोविंददत्त के यहां मीटर में 8823 रीडिंग थी, जबकि बिल 6616 रीडिंग का बनाया गया। मीटर में 2207 रीडिंग स्टोर मिली।
इसी तरह वीरेंद्र कुमार के यहां लगे मीटर में 1845 रीडिंग थी, जबकि बिल 600 रीडिंग का बनाया गया। यहां पर 1245 रीडिंग स्टोर मिली। इसी तरह उपभोक्ता राधेलाल यादव निवासी पूरे माखा के यहां मीटर नहीं लगा, लेकिन हर महीने 30 तो कभी 35 यूनिट का बिन बनाया जा रहा है। उपखंड अधिकारी ने बिलिंग एजेंसी पर जुर्माने के साथ संबंधित रीडरों पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
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इसके पहले भी पकड़े गए मामले
जगतपुर उपखंड के अंतर्गत पहले भी कई स्टोर रीडिंग की शिकायतें सामने आई। हर बार रीडर पर कार्रवाई करके खानापूरी कर ली जाती है, लेकिन संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। इससे साफ जाहिर है कि बिलिंग एजेंसी और अफसर अपने चहेते सुपरवाइजर पर कार्रवाई नहीं करते। इससे जहां पावर कॉर्पोरेशन की छवि खराब हो रही है, वहीं उपभोक्ताओं को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
कार्रवाई के साथ, भुगतान से होगी कटौती
उपखंड अधिकारी जगतपुर का पत्र मिला है। संबंधित रीडर और सुपरवाइजर से जवाब तलब करने के साथ ही कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बिलिंग एजेंसी को होने वाले भुगतान में कटौती की जाएगी। गलत बिल बनाने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
-धीरेंद्र कुमार सिंह, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार
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उपखंड अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने भेजे पत्र में बताया कि राजस्व वसूली, नेवरपेड उपभोक्ताओं से वसूली के लिए अवर अभियंता चंद्रेश पटेल, नीरज कुमार त्रिपाठी की टीम बनाई गई है। जांच के दौरान जगतपुर के उपभोक्ता गोविंददत्त के यहां मीटर में 8823 रीडिंग थी, जबकि बिल 6616 रीडिंग का बनाया गया। मीटर में 2207 रीडिंग स्टोर मिली।
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इसी तरह वीरेंद्र कुमार के यहां लगे मीटर में 1845 रीडिंग थी, जबकि बिल 600 रीडिंग का बनाया गया। यहां पर 1245 रीडिंग स्टोर मिली। इसी तरह उपभोक्ता राधेलाल यादव निवासी पूरे माखा के यहां मीटर नहीं लगा, लेकिन हर महीने 30 तो कभी 35 यूनिट का बिन बनाया जा रहा है। उपखंड अधिकारी ने बिलिंग एजेंसी पर जुर्माने के साथ संबंधित रीडरों पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
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इसके पहले भी पकड़े गए मामले
जगतपुर उपखंड के अंतर्गत पहले भी कई स्टोर रीडिंग की शिकायतें सामने आई। हर बार रीडर पर कार्रवाई करके खानापूरी कर ली जाती है, लेकिन संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। इससे साफ जाहिर है कि बिलिंग एजेंसी और अफसर अपने चहेते सुपरवाइजर पर कार्रवाई नहीं करते। इससे जहां पावर कॉर्पोरेशन की छवि खराब हो रही है, वहीं उपभोक्ताओं को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
कार्रवाई के साथ, भुगतान से होगी कटौती
उपखंड अधिकारी जगतपुर का पत्र मिला है। संबंधित रीडर और सुपरवाइजर से जवाब तलब करने के साथ ही कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बिलिंग एजेंसी को होने वाले भुगतान में कटौती की जाएगी। गलत बिल बनाने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
-धीरेंद्र कुमार सिंह, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार