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आलू भंडारण के लिए मचेगी मारामारी
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:51 PM IST
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इस बार आलू के बंपर उत्पादन का अनुमान है, लेकिन भंडारण की समस्या किसानों के आड़े हाथ आएगी। हर साल भंडारण की व्यवस्था ठीक न होने के कारण आलू सड़ जाता है।
जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। बिजली की कमी आलू भंडारण में मुख्य समस्या बनी है, जिसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आलू की अगैती फसल की खोदाई शुरू हो गई है।
किसानों को कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण करना है, लेकिन हर साल नुकसान उठाने से इस बार भी उनके चेहरे पर माथे की चिंता साफ दिख रही है।
जिले में आलू की अगैती फसल की बोआई 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर की गई थी। आलू की फसल पक चुकी है। जिसकी किसानों ने खोदाई करनी शुरू कर दी है।
साथ ही उसके भंडारण को लेकर किसान हलाकान हैं। जिला उद्यान विभाग के अफसरों के मुताबिक इस बार आलू की फसल अच्छी थी। ऐसे में 20 हजार मीट्रिक टन आलू उत्पादन होने का अनुमान है।
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आलू भंडारण के लिए जिले में 35 कोल्ड स्टोरेज हैं। इसमें सबसे ज्यादा कोल्ड स्टोरेज सलोन तहसील क्षेत्र में हैं। कोल्ड स्टोरेजों की भंडारण क्षमता कम होने के कारण भंडारण की समस्या से किसानों को परेशान होना पड़ेगा।
किसी तरह भंडारण भी कर लिया जाए, लेकिन बिजली की कमी के कारण आलू सड़ जाता है। पिछले साल आठ हजार मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था, जबकि लापरवाही के चलते दो हजार मीट्रिक टन आलू सड़ गया था।
हालात इस बार भी ऐसे हैं। इससे किसान परेशान हैं। सलोन तहसील क्षेत्र के मटका गांव के माता प्रसाद, जोधी का पुरवा के कमलेश कुमार, कामता प्रसाद, सुखई मौर्य का कहना है कि सलोन क्षेत्र में अधिक आलू उत्पादन होता है।
हर साल आलू उत्पादन तो बेहतर होता है, लेकिन उसके भंडारण को लेकर परेशानी उठानी पड़ती है। कभी बिजली न होने तो कभी आलू ठीक न होने का बहाना बताकर आलू सड़ने की वजह बता दिया जाता है।
इससे लागत निकालना मुश्किल हो जाता है। समस्या दूर हो तो लाभ मिल सकता है। सलोन तहसील क्षेत्र के कोल्ड स्टोरेज मालिक मनोज रस्तोगी, चंद्रशेखर रस्तोगी का कहना है कि आलू भंडारण में कोई दिक्कत नहीं आती है।
बिजली समस्या से ही मेन दिक्कत होती है। क्षेत्र को सुचारु रूप से बिजली नहीं मिल पाती। इससे भंडारण आलू को बचाने में परेशानी आती है। फिर भी जनरेटर चलाकर रखे गए आलू को बचाया जाता है।
जिला उद्यान अधिकारी अवनीश श्रीवास्तव का कहना है कि किसानों के सामने आलू भंडारण के लिए परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
सभी कोल्ड स्टोरेज मालिकों को हिदायत दी गई कि जो भी किसान जाएं, उसका आलू भंडारण किया जाए। इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बार 20 हजार मीट्रिक आलू उत्पादन का अनुमान है।
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जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। बिजली की कमी आलू भंडारण में मुख्य समस्या बनी है, जिसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आलू की अगैती फसल की खोदाई शुरू हो गई है।
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किसानों को कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण करना है, लेकिन हर साल नुकसान उठाने से इस बार भी उनके चेहरे पर माथे की चिंता साफ दिख रही है।
जिले में आलू की अगैती फसल की बोआई 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर की गई थी। आलू की फसल पक चुकी है। जिसकी किसानों ने खोदाई करनी शुरू कर दी है।
साथ ही उसके भंडारण को लेकर किसान हलाकान हैं। जिला उद्यान विभाग के अफसरों के मुताबिक इस बार आलू की फसल अच्छी थी। ऐसे में 20 हजार मीट्रिक टन आलू उत्पादन होने का अनुमान है।
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आलू भंडारण के लिए जिले में 35 कोल्ड स्टोरेज हैं। इसमें सबसे ज्यादा कोल्ड स्टोरेज सलोन तहसील क्षेत्र में हैं। कोल्ड स्टोरेजों की भंडारण क्षमता कम होने के कारण भंडारण की समस्या से किसानों को परेशान होना पड़ेगा।
किसी तरह भंडारण भी कर लिया जाए, लेकिन बिजली की कमी के कारण आलू सड़ जाता है। पिछले साल आठ हजार मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था, जबकि लापरवाही के चलते दो हजार मीट्रिक टन आलू सड़ गया था।
हालात इस बार भी ऐसे हैं। इससे किसान परेशान हैं। सलोन तहसील क्षेत्र के मटका गांव के माता प्रसाद, जोधी का पुरवा के कमलेश कुमार, कामता प्रसाद, सुखई मौर्य का कहना है कि सलोन क्षेत्र में अधिक आलू उत्पादन होता है।
हर साल आलू उत्पादन तो बेहतर होता है, लेकिन उसके भंडारण को लेकर परेशानी उठानी पड़ती है। कभी बिजली न होने तो कभी आलू ठीक न होने का बहाना बताकर आलू सड़ने की वजह बता दिया जाता है।
इससे लागत निकालना मुश्किल हो जाता है। समस्या दूर हो तो लाभ मिल सकता है। सलोन तहसील क्षेत्र के कोल्ड स्टोरेज मालिक मनोज रस्तोगी, चंद्रशेखर रस्तोगी का कहना है कि आलू भंडारण में कोई दिक्कत नहीं आती है।
बिजली समस्या से ही मेन दिक्कत होती है। क्षेत्र को सुचारु रूप से बिजली नहीं मिल पाती। इससे भंडारण आलू को बचाने में परेशानी आती है। फिर भी जनरेटर चलाकर रखे गए आलू को बचाया जाता है।
जिला उद्यान अधिकारी अवनीश श्रीवास्तव का कहना है कि किसानों के सामने आलू भंडारण के लिए परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
सभी कोल्ड स्टोरेज मालिकों को हिदायत दी गई कि जो भी किसान जाएं, उसका आलू भंडारण किया जाए। इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बार 20 हजार मीट्रिक आलू उत्पादन का अनुमान है।