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हत्या की वजह तलाशने में उलझी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:33 PM IST
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शहर का चर्चित निक्की हत्याकांड अब भी कई अनसुलझे सवालों में उलझा हुआ है। पुलिस की तफ्तीश में घटना में शामिल पति समेत तीन आरोपियों के नाम तो सामने आ गए। लेकिन हत्या की वजह स्पष्ट नही हो सकी।
जेठ की गिरफ्तारी न होना भी पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रही है। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट न आने से इस पर भी संशय बना हुआ है कि शव वास्तव में निक्की का ही था या किसी और का। पुलिस आरोपियों के स्वीरोक्ति पर ही अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।
पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए अभी भी एड़ियां घिस रहा है पर सब कुछ फाइलों में ही उलझा हुआ है। सदर कोतवाली क्षेत्र के गुरुनानक नगर के रहने वाले व्यापारी रंजीत तनेजा की पत्नी देवेंद्र कौर उर्फ निक्की की 19 फरवरी को हुई हत्या आज भी सवालों के घेरे में है।
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इस मामले में उसके पति रंजीत तनेजा और टिंवकल उर्फ देवेंद्र सिंह निवासी पुरानी सब्जी सदर कोतवाली को जेल जरूर भेज दिया गया है। लेकिन मुख्य साजिशकर्ता अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। वारदात को लेकर पुलिस की नाकामी भी सामने आई है।
आरोपी पति को पुलिस ने तो पकड़ लिया, लेकिन आरोपी देवेंद्र को नहीं पकड़ पाई। नतीजतन उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसको लेकर पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी। पुलिस ने निक्की के पति को भी रिमांड पर लिया, लेकिन अब भी कई ऐसे सवाल हैं, जो इस चर्चित हत्याकांड को लेकर रहस्य बना हुआ है।
पुलिस यह नहीं तलाश पाई थी कि वास्तव में क्या वजह थी कि निक्की की इतनी बेरहमी से हत्या करने की नौबत आई। यही नहीं मृतका के आरोपी जेठ रघुवीर तनेजा को नहीं गिरफ्तार सकी है। निक्की का शव हत्या के बाद जला दिया गया था। पुलिस ने हड्डियों का ढांचा ही बरामद किया था।
ऐसे में यह भी संशय बना हुआ है कि जलाई गई लाश की निक्की की थी या किसी और की। हालांकि डीएनए टेस्ट के लिए पुलिस ने अंबेडकर नगर के टांडा निवासी निक्की की मां सुरजीत कौर का ब्लड सैंपल लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है पर अब तक उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
पुलिस जल्द रिपोर्ट आने की बात कह रही है। सदर कोतवाल लक्ष्मीकांत मिश्रा का कहना है कि वारदात वाले दिन दंपती में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस पर पति आपा खो बैठा था और उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
जेठ की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द उसे भी गिरफ्तार करके पूछताछ की जाएगी। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने में समय लगेगा। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि मामले में पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।
एसपी हरिनारायण सिंह ने बताया कि निक्की हत्याकांड में दो आरोपियों को जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य साजिशकर्ता जेठ की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तारी न होने पर कुर्की की प्रक्रिया भी कराई जाएगी। पुलिस इस मामले में पूरी तरह से सक्रिय है।
आरोपियों का कहना है कि बरामद कंकाल निक्की का ही है। फिलहाल सबूत के तौर पर उनकी मां का डीएनए टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जल्द ही घटना से जुड़े सारे तथ्य सामने आ जाएंगे।
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जेठ की गिरफ्तारी न होना भी पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रही है। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट न आने से इस पर भी संशय बना हुआ है कि शव वास्तव में निक्की का ही था या किसी और का। पुलिस आरोपियों के स्वीरोक्ति पर ही अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।
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पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए अभी भी एड़ियां घिस रहा है पर सब कुछ फाइलों में ही उलझा हुआ है। सदर कोतवाली क्षेत्र के गुरुनानक नगर के रहने वाले व्यापारी रंजीत तनेजा की पत्नी देवेंद्र कौर उर्फ निक्की की 19 फरवरी को हुई हत्या आज भी सवालों के घेरे में है।
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इस मामले में उसके पति रंजीत तनेजा और टिंवकल उर्फ देवेंद्र सिंह निवासी पुरानी सब्जी सदर कोतवाली को जेल जरूर भेज दिया गया है। लेकिन मुख्य साजिशकर्ता अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। वारदात को लेकर पुलिस की नाकामी भी सामने आई है।
आरोपी पति को पुलिस ने तो पकड़ लिया, लेकिन आरोपी देवेंद्र को नहीं पकड़ पाई। नतीजतन उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसको लेकर पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी। पुलिस ने निक्की के पति को भी रिमांड पर लिया, लेकिन अब भी कई ऐसे सवाल हैं, जो इस चर्चित हत्याकांड को लेकर रहस्य बना हुआ है।
पुलिस यह नहीं तलाश पाई थी कि वास्तव में क्या वजह थी कि निक्की की इतनी बेरहमी से हत्या करने की नौबत आई। यही नहीं मृतका के आरोपी जेठ रघुवीर तनेजा को नहीं गिरफ्तार सकी है। निक्की का शव हत्या के बाद जला दिया गया था। पुलिस ने हड्डियों का ढांचा ही बरामद किया था।
ऐसे में यह भी संशय बना हुआ है कि जलाई गई लाश की निक्की की थी या किसी और की। हालांकि डीएनए टेस्ट के लिए पुलिस ने अंबेडकर नगर के टांडा निवासी निक्की की मां सुरजीत कौर का ब्लड सैंपल लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है पर अब तक उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
पुलिस जल्द रिपोर्ट आने की बात कह रही है। सदर कोतवाल लक्ष्मीकांत मिश्रा का कहना है कि वारदात वाले दिन दंपती में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस पर पति आपा खो बैठा था और उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
जेठ की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द उसे भी गिरफ्तार करके पूछताछ की जाएगी। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने में समय लगेगा। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि मामले में पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।
एसपी हरिनारायण सिंह ने बताया कि निक्की हत्याकांड में दो आरोपियों को जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य साजिशकर्ता जेठ की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तारी न होने पर कुर्की की प्रक्रिया भी कराई जाएगी। पुलिस इस मामले में पूरी तरह से सक्रिय है।
आरोपियों का कहना है कि बरामद कंकाल निक्की का ही है। फिलहाल सबूत के तौर पर उनकी मां का डीएनए टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जल्द ही घटना से जुड़े सारे तथ्य सामने आ जाएंगे।