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Raebareli News: गंगा के उफान से सहमे लोग
Wed, 13 Aug 2025 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 13 Aug 2025 01:07 AM IST
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डलमऊ में मंगलवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने से सीढि़यों तक पहुंचा पानी।
डलमऊ/सरेनी (रायबरेली)। नरौरा बांध से छोड़े गए पानी के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज सात सेंटीमीटर दूर है। गंगा में उफान को देखकर कटरी के गांवों में बसे ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ने लगी है।
केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार गंगा का जलस्तर 98.360 मीटर के सापेक्ष 98.290 मीटर पहुंच गया है। सोमवार रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 98.180 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह 11 बजे जलस्तर बढ़कर 98.290 मीटर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटरी के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा गांव के ग्रामीण खेतों से मवेशियों के लिए चारा व लकड़ियां लेने के लिए मंगलवार सुबह गए तो रास्ते पर पानी भरा दिखा। इसके बाद ग्रामीण पानी से होकर खेतों में रखे जरूरी सामान को गांव पहुंचाने में जुट गए।
ग्रामीण छोटेलाल, सुनील कुमार, संजय का कहना है कि बाढ़ के पानी से धान व हरी सब्जी की फसलों पर बुरा असर पड़ने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की ओर पानी रुख कर चुका है। नालों के माध्यम से बाढ़ का पानी गांव के किनारे बने तालाबों में भर रहा है। उप जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ निगरानी के लिए बनाई गई चौकियों में तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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निसगर एहतमाली जाने वाले मार्ग पर आवागमन ठप
सरेनी के निसगर एहतमाली जाने वाले मार्ग पर दो फुट पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। लोग निसगर-कोटिया एहतमाली सड़क से आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी खेतों में भरने लगा है। ऐसे ही जलस्तर बढ़ता रहा तो पानी एक-दो दिन में गांव के किनारे भर जाएगा।
बाढ़ चौकियां अभी खाली
गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अभी बाढ़ चौकियों में व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पानी खतरे के निशान को पार कर जाएगा, तब प्रशासन सक्रिय होगा। हर साल ऐसा ही होता है। बाढ़ चौकियों की निरीक्षण तो कर लिया जाता है, लेकिन व्यवस्था नहीं होती है। जबकि मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा गांव बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। इन गांवों में बाढ़ का पानी पहले घुसता है। यदि समय से पहले बाढ़ चौकियों में व्यवस्था कर दी जाए तो ग्रामीणों को कम नुकसान सहना पड़ेगा।
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केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार गंगा का जलस्तर 98.360 मीटर के सापेक्ष 98.290 मीटर पहुंच गया है। सोमवार रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 98.180 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह 11 बजे जलस्तर बढ़कर 98.290 मीटर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटरी के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा गांव के ग्रामीण खेतों से मवेशियों के लिए चारा व लकड़ियां लेने के लिए मंगलवार सुबह गए तो रास्ते पर पानी भरा दिखा। इसके बाद ग्रामीण पानी से होकर खेतों में रखे जरूरी सामान को गांव पहुंचाने में जुट गए।
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ग्रामीण छोटेलाल, सुनील कुमार, संजय का कहना है कि बाढ़ के पानी से धान व हरी सब्जी की फसलों पर बुरा असर पड़ने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की ओर पानी रुख कर चुका है। नालों के माध्यम से बाढ़ का पानी गांव के किनारे बने तालाबों में भर रहा है। उप जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ निगरानी के लिए बनाई गई चौकियों में तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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निसगर एहतमाली जाने वाले मार्ग पर आवागमन ठप
सरेनी के निसगर एहतमाली जाने वाले मार्ग पर दो फुट पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। लोग निसगर-कोटिया एहतमाली सड़क से आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी खेतों में भरने लगा है। ऐसे ही जलस्तर बढ़ता रहा तो पानी एक-दो दिन में गांव के किनारे भर जाएगा।
बाढ़ चौकियां अभी खाली
गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अभी बाढ़ चौकियों में व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पानी खतरे के निशान को पार कर जाएगा, तब प्रशासन सक्रिय होगा। हर साल ऐसा ही होता है। बाढ़ चौकियों की निरीक्षण तो कर लिया जाता है, लेकिन व्यवस्था नहीं होती है। जबकि मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा गांव बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। इन गांवों में बाढ़ का पानी पहले घुसता है। यदि समय से पहले बाढ़ चौकियों में व्यवस्था कर दी जाए तो ग्रामीणों को कम नुकसान सहना पड़ेगा।