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Raebareli News: भीषण गर्मी से लोग बेहाल, पारा 44 डिग्री के पार
Sun, 18 May 2025 12:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 18 May 2025 12:34 AM IST
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रायबरेली। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। सुबह से लेकर रात तक तपिश से राहत नहीं मिली, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
सुबह छह बजे से ही उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। कुछ देर के लिए बादल छाए जरूर, लेकिन राहत की आस जल्द ही तेज धूप ने छीन ली। दिन चढ़ते ही गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। सुबह 11 बजे के बाद शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। जो लोग निकले, वे सिर और मुंह कपड़ों से ढंके नजर आए। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग गन्ने के रस, बेल का शरबत, शिकंजी और प्याऊ की ओर दौड़ते दिखे। दीवारों में गर्मी समा जाने से कमरे ''भट्ठी'' जैसे हो गए। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह के मुताबिक, तापमान में और वृद्धि की संभावना है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों औसत से ऊपर हैं, जिससे धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका जताई जा रही है।
कूलर हो गए फेल
कूलर की हवा भी दोपहर में बेअसर नजर आई और पंखे गर्म हवा फेंकते रहे। दोपहर के समय गर्म हवा की रफ्तार इतनी तेज रही कि जरूरी काम के अलावा लोग घरों से नहीं निकले।
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आम की फसल को फायदा
गर्मी से जहां आमजन परेशान है, वहीं आम की फसल के लिए यह मौसम लाभकारी साबित हो रहा है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तापमान पर आम की सीप जल्दी पकती है और अगले कुछ दिनों में दशहरी बाजार में उतर सकती है। हालांकि किसानों द्वारा पेड़ों की नियमित सिंचाई की जा रही है ताकि फल पर गर्मी का नकारात्मक असर न पड़े।
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सुबह छह बजे से ही उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। कुछ देर के लिए बादल छाए जरूर, लेकिन राहत की आस जल्द ही तेज धूप ने छीन ली। दिन चढ़ते ही गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। सुबह 11 बजे के बाद शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। जो लोग निकले, वे सिर और मुंह कपड़ों से ढंके नजर आए। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग गन्ने के रस, बेल का शरबत, शिकंजी और प्याऊ की ओर दौड़ते दिखे। दीवारों में गर्मी समा जाने से कमरे ''भट्ठी'' जैसे हो गए। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह के मुताबिक, तापमान में और वृद्धि की संभावना है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों औसत से ऊपर हैं, जिससे धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका जताई जा रही है।
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कूलर हो गए फेल
कूलर की हवा भी दोपहर में बेअसर नजर आई और पंखे गर्म हवा फेंकते रहे। दोपहर के समय गर्म हवा की रफ्तार इतनी तेज रही कि जरूरी काम के अलावा लोग घरों से नहीं निकले।
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आम की फसल को फायदा
गर्मी से जहां आमजन परेशान है, वहीं आम की फसल के लिए यह मौसम लाभकारी साबित हो रहा है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तापमान पर आम की सीप जल्दी पकती है और अगले कुछ दिनों में दशहरी बाजार में उतर सकती है। हालांकि किसानों द्वारा पेड़ों की नियमित सिंचाई की जा रही है ताकि फल पर गर्मी का नकारात्मक असर न पड़े।