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Raebareli News: सई में मगरमच्छ दिखने से दहशत
Sun, 04 Oct 2026 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:13 AM IST
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बछरावां क्षेत्र में सई नदी में दिखा मगरमच्छ।
बछरावां। बाढ़ का कहर झेल रहे ग्रामीणों में रविवार सुबह उस समय खलबली मच गई, जब सई नदी में मगरमच्छ तैरते दिखाई दिए। ग्रामीणों की ओर से बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बच्चों को घरों से बाहर निकलने और स्कूल जाने से रोक दिया है। बाढ़ के बीच मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
सई नदी में उफान के कारण बछरावां क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। धान की फसलें डूब गई हैं और घरों में रखा गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया है। कई गांवों में घरों के दरवाजे और गलियों में पानी भरा है। पशुओं को बांधने के लिए ग्रामीणों के पास अब सड़क ही सुरक्षित स्थान बची है।
सई नदी के बढ़े जलस्तर से ठाकुरखेड़ा, बरचंदा, सिकंदरखेड़ा, सुभाषखेड़ा, कुरीमदाखेड़ा, दैजुआखेड़ा, मैनाहार कटरा और टेराबरौला समेत एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं।ग्रामीण महेश, सुरेश, रमेश, रघुनंदन, राजाराम, आरती देवी, रन्नो, सोनिया, सावित्री देवी और अंबिका रानी ने बताया कि बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित है। फसलें डूब चुकी हैं और रात में जागकर किसी तरह समय काटना पड़ रहा है। ऐसे में नदी में मगरमच्छ दिखने से डर और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मैनाहार कटरा स्थित पुल के नीचे नदी में कई मगरमच्छ तैरते दिखाई दिए।
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उपजिलाधिकारी आयुष अग्रवाल ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों की मदद के लिए विभागीय कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। वन रेंजर विक्रमजीत सिंह ने बताया कि नदी में मगरमच्छ होने की जानकारी मिली है। टीम को मौके पर भेजा गया है।
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सई नदी में उफान के कारण बछरावां क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। धान की फसलें डूब गई हैं और घरों में रखा गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया है। कई गांवों में घरों के दरवाजे और गलियों में पानी भरा है। पशुओं को बांधने के लिए ग्रामीणों के पास अब सड़क ही सुरक्षित स्थान बची है।
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सई नदी के बढ़े जलस्तर से ठाकुरखेड़ा, बरचंदा, सिकंदरखेड़ा, सुभाषखेड़ा, कुरीमदाखेड़ा, दैजुआखेड़ा, मैनाहार कटरा और टेराबरौला समेत एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं।ग्रामीण महेश, सुरेश, रमेश, रघुनंदन, राजाराम, आरती देवी, रन्नो, सोनिया, सावित्री देवी और अंबिका रानी ने बताया कि बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित है। फसलें डूब चुकी हैं और रात में जागकर किसी तरह समय काटना पड़ रहा है। ऐसे में नदी में मगरमच्छ दिखने से डर और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मैनाहार कटरा स्थित पुल के नीचे नदी में कई मगरमच्छ तैरते दिखाई दिए।
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उपजिलाधिकारी आयुष अग्रवाल ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों की मदद के लिए विभागीय कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। वन रेंजर विक्रमजीत सिंह ने बताया कि नदी में मगरमच्छ होने की जानकारी मिली है। टीम को मौके पर भेजा गया है।